{"_id":"5890e7144f1c1bf13ee7ff46","slug":"jaat-reservation-hisar-dc-nikhil-gajraj-hisar-dro-brahmjeet-ahlawat-hisar-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरने पर बैठे लोगों के इनकार के बाद समिति ने ठुकराया डीसी से बातचीत का न्योता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरने पर बैठे लोगों के इनकार के बाद समिति ने ठुकराया डीसी से बातचीत का न्योता
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण संघर्ष समिति को डीसी ने बातचीत के लिए न्योता भेजा था। प्रशासन की ओर से तीन बार इसका समय बदला गया। समिति सदस्यों ने धरने पर बैठे लोगों से पूछा कि बातचीत के लिए जाएं या नहीं तो लोगों ने हाथ खड़े करते हुए इनकार कर दिया, जिसके बाद समिति सदस्य बातचीत के लिए नहीं गए।
विज्ञापन
डीसी निखिल गजराज ने सोमवार को डीआरओ ब्रह्मजीत अहलावत के जरिए धरना देने वाली आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों को बातचीत के लिए बुलाया था। मंगलवार की सुबह अधिकारियों ने कहा कि दस बजे मीटिंग के लिए चलें। इसके बाद अधिकारियों को व्यस्त बताते हुए दोपहर 12 बजे का समय दे दिया गया। इसके बाद समय दोपहर दो बजे कर दिया गया। इस पर समिति के पदाधिकारियों ने धरने पर बैठे लोगों से पूछा कि हाथ खड़े कर बताओ बातचीत के लिए जाएं या नहीं। लोगों ने हाथ खडे़ करते हुए बातचीत पर जाने के लिए इनकार कर दिया, जिसके बाद समिति पदाधिकारियों ने प्रशासन से बातचीत के लिए मना कर दिया।
विज्ञापन
आज हवन यज्ञ कर मनाएंगे बसंत पंचमी
रामभगत मलिक ने कहा कि बुधवार को धरनास्थल पर छोटू राम का शहीदी दिवस और बसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दौरान हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा, रिटायर्ड एसडीओ सतबीर सिंह पुनिया, झाबर सिंह सिंह किरमारा, दलीप सिंह सहारण, रणधीर सिंह बामल, हिम्मत सिंह, बलवान सिंह, दलजीत फौजी, चंदा सिंह, जिले सिंह आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
रागिनी गायकों ने भरा जोश
हांसी। धरने के तीसरे दिन रागिनी गायकों ने कमान संभाली। जसवीर सिंह पेटवाड़ की गाने-बजाने की टीम ने धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ाया। गायकों ने देश भक्ति व जाट आरक्षण से जुड़ी रागिनी गाकर आंदोलनकारियों में जोश भरने का कार्य किया।
मेरी लुगाई भी मनैं जाटां मैं आन तै रोकेगी, तो जद भी मैं आऊंगा
हांसी। समर्थन देने आए एक वक्ता ने कहा कि जाटां ने घर में लुगाई की बात तो माननी पड़े, अगर मेरी लुगाई भी मनैं जाटां मैं आन तै रोकेगी, तो जद भी मैं आऊंगा। वक्ता ने कहा कि एक जवान ने उन्हें रोक कर कहा कि अपना नाम व पता भरो। उन्होंने कहा कि अगर वह झूठा लिखवां दे तो, इस पर जवान ने कहा कि चाहे झूठा ही लिख दो। सरकार बाहर से इन सेना के जवानों को बुला कर अपना व इनका समय बर्बाद कर रही है। हम लोग शांतिपूर्वक तरीके से धरना देंगे।
इन संगठनों ने दिया समर्थन
मंगलवार को एससी ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष बीरबल लांबा, गांव दौलतपुर निवासी कृष्ण सैनी, सातरोड निवासी कृष्ण शर्मा, गंगवा निवासी सुरजीत बिश्नोई, आजाद नगर निवासी अवनीश शर्मा, झोरड़ खाप प्रधान विनोद झोरड़, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन अजीत लितानी, काजल खाप प्रधान राजमल काजल, सिहंमार खाप प्रधान धर्मबीर सिंहमार, पूनिया खाप प्रतिनिधि जोगेंद्र पूनिया, ईश्वर काजला, बलवान सिंह सरपंच कापडो सहित अन्यों ने समर्थन दिया।
सरकार जाटों को दबाना चाहती है : मलिक
समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जाटों को दबाना चाहती है। प्रशासन बार-बार गांवों में जाकर सरपंचों व नंबरदारों को धमका रहा है कि उन्हें जाट आरक्षण की मांग को लेकर लगाए गए धरने में भाग नहीं लेना है। प्रशासन उन पर झूठे आरोप लगाता है कि आंदोलनकारी अपनी गाड़ियों में लाठी-डंडे लेकर आते हैं। पुलिस प्रशासन चेकिंग के नाम पर गाड़ियों को रोक कर उन्हें परेशान कर रहा है। पिछली सरकार ने सन 2012 में आरक्षण के मुकदमे में फंसा कर 101 आदमियों को जेल के अंदर डाला था, लेकिन हमारी ताकत को देखकर प्रशासन को रातोंरात उन्हें रिहा करना पड़ा था। इस सरकार के कार्यकाल में 18 युवक शहीद हुए है। सरकार की नीयत ठीक नहीं है, सरकार जाटों को दबाना चाहती है। अगर सरकार की नीयत ठीक हो तो वह कैबिनेट की बैठक बुला कर यह फैसले ले सकती है।