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Hisar News: कड़ाके का जाड्डा... सरकारी स्कूलों के 83,848 विद्यार्थियों को नहीं मिली सर्दी की वर्दी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:37 AM IST
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It is very cold... 83,848 students of government schools did not get winter uniforms
स्कूल से बाहर निकले बिना सर्दी के वर्दी के विद्यार्थी। 
हिसार। कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी भी सरकारी स्कूलों विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सर्दी की वर्दी का इंतजार है। जिले भर में पहली से आठवीं कक्षा के करीब 83 हजार 848 विद्यार्थी बिना सर्दी की वर्दी के स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी का दावा है कि बजट मिलते ही बच्चों को वर्दियां उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
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इस बार का सत्र खत्म होने में मात्र 3 माह शेष हैं। जिले के सरकारी स्कूल को पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए वर्दी और स्टेशनरी का बजट नहीं मिला है। आलम यह है कि न बच्चे वर्दी खरीद पाए हैं और न ही स्वेटर। जबकि दिसंबर माह की ठंड विद्यार्थियों की ठिठुरन बढ़़ा रही है। जिस कारण बच्चे बीमार होने लगे हैं। नियमानुसार, मई से जुलाई के बीच पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी व स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए पैसे अकाउंट में डालने अनिवार्य है। 1 से 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 800 रुपये व 6 से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 1000 रुपये वर्दी के नाम पर शिक्षा निदेशालय की ओर से दिए जाते हैं।
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विद्यार्थियों के खातों का नहीं हो पा रहा मिलान
पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों के खाते स्कूल में दिए खाते नंबर से मेल नहीं खा रहे हैं। अर्थात परिवार पहचान पत्र में अलग मोबाइल नंबर पंजीकृत है और स्कूल में दिया मोबाइल नंबर अलग है। जिस कारण एक ही विद्यार्थी के दो-दो खाते नंबर हैं। दुविधा के कारण शिक्षा निदेशालय की ओर से वर्दी के पैसे बच्चों के खाते में नहीं डाल पाए है। शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों की मानें तो 6 से 7 हजार विद्यार्थियों के खाते अपडेट नहीं है, जिस कारण बजट डालना मुश्किल होता जा रहा है।
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ये उठाए जा रहे कदम
शिविर लगाना : निदेशालय की ओर से सरकारी स्कूलों में हर माह शिविर लगाए जा रहे हैं, जिसमें खंडानुसार कुछ सरकारी स्कूलों का चयन किया जाता है, जिसमें शिक्षकगण व आईटी सेल के कर्मचारी संयुक्त रूप से मिलकर खाते अपडेट किए जाते हैं।
अभिभावकों को कर रहे जागरूक : शिक्षक की ओर से अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है कि वे परिवार पहचान पत्र में खाते को अपडेट करवाएं। ताकि विद्यार्थियों के खाते में वर्दी के पैसे डाले जा सकें।
एसएमसी काे कर रहे सचेत : एसएमसी अर्थात स्कूल प्रबंधन कमेटी को जागरूक किया जा रहा है कि वे दस्तावेजों को दुरुस्त रखें। उनमें अंकित अकाउंट नंबर अपडेट करवाएं।

शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। पूरा साल गुजर चुका है। आगे छुट्टियां हैं। जैसे छुट्टियां खत्म होगी वैसे ही परीक्षा की तैयारियां शुरू हो जाएगी।
- सुरेश, अभिभावक
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पहले क्वार्टर में विद्यार्थियों के पैसे खाते में आ जाने चाहिए थे। ताकि वर्दी खरीदी जा सकें। इंतजार करते-करते पूरा साल बीत गया है। अधिकारियों को गंभीर होने की आवश्यकता है। - विजय, अभिभावक
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खाते अपडेट करवाने के लिए हम चक्कर काटते रहे हैं लेकिन समस्या का निदान अभी तक नहीं हो पाया है। क्योंकि जो मोबाइल नंबर परिवार पहचान पत्र में अपडेट थे। वे नंबर अब चालू नहीं है। स्कूल में अलग नंबर है। - मनोज, अभिभावक

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कक्षानुसार विद्यार्थियों का आंकड़ा
कक्षा - विद्यार्थी
बालवाटिका - 4096
पहली - 5484
दूसरी - 5834
तीसरी - 9208
चौथी - 11077
पांचवीं - 11620
छठी - 11630
सातवीं - 11954
आठवीं - 12945

अधिकांश विद्यार्थियों के दो खाता नंबर है परिवार पहचान पत्र और स्कूल में दिए गए खाता नंबर मेल नहीं खा रहे हैं जिस कारण असमंजस की स्थिति है शिक्षा निदेशालय की ओर से विद्यार्थियों के खाते अपडेट किया जा रहे हैं जिसके बाद विद्यार्थियों के वर्दी के पैसे उनके अपडेट खाता नंबर पर डाल दिए जाएंगे। - विजेंद्र सिंह खंड शिक्षा अधिकारी हिसार प्रथम ब्लॉक
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