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Hisar News: 10 दिन में दर्ज होंगे इंतकाल, देरी और गलतियों पर रोक की आस
Sat, 27 Jun 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:09 AM IST
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नारनौंद। जमीन के इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए राजस्व विभाग ने शुक्रवार को मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कानूनगो व पटवारियों को ऑनलाइन इंतकाल प्रक्रिया और नए सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक इंतकाल को 10 दिन के भीतर पूरा करना है।
इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड के सही रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नई व्यवस्था से काम में पारदर्शिता आएगी और लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा।
एसडीएम विकास यादव ने कहा कि इंतकाल राजस्व रिकॉर्ड का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें किसी भी तरह की देरी या त्रुटि का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। उन्होंने पटवारियों से नई व्यवस्था के अनुरूप काम करने और तय समय सीमा में सभी प्रकरणों का निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण का उद्देश्य मानवीय गलतियों को कम करना और राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
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तहसीलदार नरेंद्र गौतम व कृष्ण कुमार ने बताया कि कई बार इंतकाल में अनावश्यक देरी के कारण किसानों को जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी होती है। नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद पटवारी अधिक दक्षता के साथ काम कर सकेंगे और फाइलों का निपटारा पहले की तुलना में तेजी से होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण में शामिल पटवारियों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम की जानकारी मिलने से काम करना पहले की अपेक्षा आसान होगा। कागजी प्रक्रिया कम होने से समय की बचत होगी और रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी रहेगा।
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इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड के सही रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नई व्यवस्था से काम में पारदर्शिता आएगी और लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा।
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एसडीएम विकास यादव ने कहा कि इंतकाल राजस्व रिकॉर्ड का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें किसी भी तरह की देरी या त्रुटि का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। उन्होंने पटवारियों से नई व्यवस्था के अनुरूप काम करने और तय समय सीमा में सभी प्रकरणों का निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण का उद्देश्य मानवीय गलतियों को कम करना और राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
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तहसीलदार नरेंद्र गौतम व कृष्ण कुमार ने बताया कि कई बार इंतकाल में अनावश्यक देरी के कारण किसानों को जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी होती है। नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद पटवारी अधिक दक्षता के साथ काम कर सकेंगे और फाइलों का निपटारा पहले की तुलना में तेजी से होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण में शामिल पटवारियों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम की जानकारी मिलने से काम करना पहले की अपेक्षा आसान होगा। कागजी प्रक्रिया कम होने से समय की बचत होगी और रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी रहेगा।