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Hisar News: इरादा जीता, हारा प्लास्टिक...पर्यावरण बचाने को आगे आया बर्तन बैंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:23 AM IST
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Intention won, plastic lost Utensils Bank came forward to save the environment
हिसार। कंवलजीत धवन।
हिसार। डिस्पोजेबल संस्कृति के बढ़ते चलन और प्लास्टिक कचरे के बोझ के बीच शहर में एक अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों तो बदलाव की राह खुद बन जाती है। कंवलजीत धवन, जो कृष्णा नगर की निवासी और गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी विषय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं, उन्होंने कैंप चौक स्थित शांति हाउस बिल्डिंग में बर्तन बैंक की शुरुआत कर पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक सहयोग का प्रेरक उदाहरण पेश किया है।
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कंवलजीत धवन ने बताया कि कोविड काल में समाज सेवा की भावना से उन्होंने अपने साथ रहने वाले 11 परिवारों के सहयोग से जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार कर वितरित किया। सभी परिवार मिलकर अपनी क्षमता के अनुसार भोजन बनाते रहे। इसी दौरान सामाजिक कार्य को स्थायी रूप देने का विचार आया। बाद में सुनीता रहेजा से मुलाकात और उनके प्रोत्साहन से ‘बर्तन बैंक’ शुरू करने का निर्णय लिया गया।
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इस विचार को बिल्डिंग के सभी परिवारों ने सकारात्मक रूप से अपनाया और आर्थिक, मानसिक व शारीरिक सहयोग दिया। वर्तमान में बर्तन बैंक के पास लगभग 50 बर्तनों का पूरा सेट उपलब्ध है, जिसमें परोसने के बर्तन भी शामिल हैं। बिल्डिंग के 10-12 सदस्य अपने परिचितों और सामाजिक दायरे में इसकी जानकारी देते रहते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग इनका उपयोग कर सकें।
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अब तक लगभग 40 से 50 सामाजिक कार्यक्रमों में बर्तन बैंक से बर्तन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। खास बात यह है कि कई लोग बर्तन लौटाते समय अपनी ओर से नया बर्तन या सर्विंग सामग्री भी जोड़ देते हैं, जिससे यह बैंक लगातार समृद्ध होता जा रहा है।

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आर्थिक सहायता देकर प्रयास को दी मजबूती

इस पहल को शुरू करने में कंवलजीत को अनुपम, मीना, दीपिका, रानी, कुसुम, समीक्षा, कंचन सहित अन्य साथियों का विशेष सहयोग रहा। आसपास के लोगों ने आर्थिक सहायता देकर भी इस प्रयास को मजबूती दी। हालांकि पहल के सामने जागरूकता की चुनौती अभी भी बनी हुई है। कई लोग बर्तन लेने से इसलिए हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें लाने-ले जाने और सफाई की प्रक्रिया असुविधाजनक लगती है। कंवलजीत धवन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर सफाई में सहयोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है, ताकि लोग डिस्पोजेबल बर्तनों का उपयोग बंद करें।


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डिस्पोजेबल का प्रयोग नहीं करते

शांति हाउस के सभी परिवार स्वयं भी हर त्योहार और मासिक मिलन समारोह में डिस्पोजेबल का प्रयोग नहीं करते। घरेलू और सामाजिक कार्यक्रमों में भी यही बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं। अनुपम के अनुसार, बर्तन बैंक शुरू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को डिस्पोजेबल बर्तनों से दूर कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। कंवलजीत धवन और उनकी टीम की यह पहल दर्शाती है कि यदि समाज मिलकर ठान ले तो छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की मजबूत नींव बन सकते हैं।
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