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बेसमेंट की खुदाई में दीवार ढही, दो मजदूरों की मौत
hisar
Updated Tue, 26 Aug 2014 12:27 AM IST
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पारिजात चौक स्थित नीलम सिनेमा के पीछे ग्रोवर मार्केट में बेसमेंट की खुदाई के दौरान साथ खड़ी बिल्डिंग की दीवार मजदूरों पर ढह गई। हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई और एक गंभीर घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मलबे में दबे मजदूरों को करीब पौने घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम और शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर टीम के सदस्यों की सहायता से बाहर निकाला गया।
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बचाव के लिए मौके पर पहुंची जेसीबी को 20 फुट गहरे बेसमेंट में उतारने के लिए करीब आधा घंटा तो रास्ता बनाने में लग गया। तब तक लोगों ने हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम अशोक बंसल, सिटी थाना एसएचओ भारतेंद्र सिंह, फायर ब्रिगेड ऑफिसर व नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में सामने आया है कि सिंगल बेसमेंट का नक्शा इस बिल्डिंग का पास था और उन्होंने डबल बेसमेंट खोद डाली।
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निगम से मिली जानकारी के अनुसार राधे राधे इंटरप्राइजिज फर्म ग्रोवर मार्केट में शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण करवा रही थी। निर्माण काफी दिनों से चल रहा था। फिलहाल बेसमेंट की खुदाई व नींव का निर्माण चल रहा था। करीब 20 फुट गहरे गड्ढे में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मजदूर आराम कर रहे थे। बेसमेंट के साथ खड़ी वलेचा भोजनालय की दीवार की छांव में करीब 20-25 मजदूर लेटे हुए थे। अचानक दीवार ढह गई।
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कुछ उठकर भाग गए, लेकिन तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। मौके पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा देख मौके पर काम कर रहे मजदूर भाग खड़े हुए। ठेकेदार ने मामले की सूचना प्रशासन को दी। मौके पर सबसे पहले सिटी पुलिस पहुंची और राहगीरों की सहायता से उन्होंने मलबा हटाना शुरू किया।
कुछ समय बाद ही फायर ब्रिगेड की टीम व ग्रीन एस वेलफेयर के सदस्य पहुंच गए। बचाव दल ने बारी-बारी तीन मजदूरों को बाहर निकाला, जिनमें से एक मौके पर ही मृत मिला। मृतक प्रवासी मजदूर हैं, लेकिन देर शाम तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई। जबकि दो अन्य घायल हुए मजदूरों में एक श्रीमणी व दूसरा बाबूलाल था। दोनों को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से श्रीमणी को रोहतक रेफर कर दिया। घायल को उसके परिजनों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उपचार के दौरान श्रीमणी ने भी दम तोड़ दिया।
नगर निगम ने हाथ खड़े किए
शहर में अवैध बेसमेंट की खुदाई के बारे में नगर निगम ईओ ने कहा कि इसमें निगम कुछ नहीं कर सकता। सिंगल बेसमेंट का नक्शा इस बिल्डिंग का पास था। उन्होंने डबल बेसमेंट खोद डाली। निगम बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप न बने तो कार्रवाई कर सकता है। अभी बिल्डिंग निर्माण हुआ ही नहीं इसलिए निगम की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं बनती।
20 सेकेंड के फासले से बची जिंदगी
जिस वलेचा भोजनालय की दीवार ढही, उसके संचालक गुलशन भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए। सिर्फ 20 सेकेंड पहले वे ढहे हुए हिस्से में ही स्थित टायलेट में थे। जैसे ही वे टायलेट से बाहर निकले उन्हें जोर का धमाका सुनाई दिया और उनसे केवल चार मीटर दूर की जमीन बिल्डिंग सहित नीचे बेसमेंट में खिसक गई। अचानक नीचे से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी दो दर्जन से अधिक मजदूरों में भगदड़ मच गई। कुछ मजदूर मलबे के नीचे दब गए। वलेचा ने बताया कि ठीक उसी समय वह कोर्ट से आए थे। एकबार तो वलेचा घबरा गया। आधा हिस्सा और न खिसक जाए। घर में मां थी। उन्होंने फिर लोगों की मदद करनी शुरू कर दी।
दो युवकों ने हाथों से फेंका मलबा
प्रत्यक्षदर्शी दो युवक गंगवा निवासी पवन व सुरेश ने बताया कि वे किसी काम से शहर में आए थे। जब वे पारिजात चौक से बस स्टैंड लिंक रोड पर मुड़े तो कई मजदूर चौक की तरफ बचाओ-बचाओ करते हुए भाग रहे थे। उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे उनके कुछ साथी दब गए हैं। दोनों युवक तुरंत बाइक रोककर बेसमेंट में कूद गए। उन्होंने अपने हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। पहले उन्हें एक व्यक्ति दिखाई दिया। जो ढही दीवार के साथ दबा पड़ा था। उन्होंने मौके से उसे निकाला तो वह मृत था। मौके पर सिटी पुलिस पहुंच गई। दोनों युवकों ने मजदूर को उठाया और पीसीआर में डालकर सिविल अस्पताल ले गए।
खोद डाली सड़क भी
फर्म ने बेसमेंट की खुदाई के दौरान मेन रोड से ग्रोवर मार्केट के लिंक रोड की आधी सड़क के हिस्से तक खुदाई कर डाली। इतना ही नहीं उस सड़क के लेवल तक दीवार का निर्माण भी शुरू किया गया था। निगम अधिकारियों की मानें तो निगम से पास करवाए गए नक्शे में इसकी परमिशन 3.63 मीटर तक थी। इसके बाद की गई खुदाई अवैध तरीके की थी।
नहीं जागा निगम, धड़ल्ले से खुद रहे बेसमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। वाल्मीकि चौक के नजदीक जून में अचार फैक्ट्री की घटना से नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया है। निगम की लापरवाही के कारण सोमवार को एक और हादसे ने दो लोगों की जान ले ली है। शहर में बन रही इमारतों में लगातार अवैध बेसमेंट का निर्माण हो रहा है। जहां निगम का ध्यान नहीं जाता है। वाल्मीकि चौक के पास स्थित अचार फैक्ट्री के बेसमेंट में गैस बनने के कारण 17 जून को तीन सगे भाइयों की मौत हो गई थी। निगम ने इस घटना से कोई सबक न लेते अवैध बेसमेंट बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण
शहर में धड़ल्ले से अवैध बेसमेंट वाली इमारतों का निर्माण हो रहा है। लोग बिना नियम और कानून के इमारतों को बनवा रहे हैं। अचार फैक्ट्री की घटना के बाद निगम की ओर से शहर में अवैध बेसमेंट के सर्वे का कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन यह बीच में ही लटका हुआ है।
नक्शा पास करने तक ही सीमित निगम
निगम का काम सिर्फ शहर में बन रही बिल्डिगों के नक्शे पास करने तक ही सीमित होकर रह गया है। निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर और एमई की जिम्मेदारी होती है कि जिस इमारत का नक्शा पास किया है उसको समय-समय पर जाकर देखें कि इमारत का निर्माण कार्य नक्शे के मुताबिक हो रहा है या नहीं। यदि अधिकारी सही काम करते तो यह हादसा नहीं होता।