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500 गज का प्लॉट सेक्टर-14 में कलेक्टर रेट से तीन तो सेक्टर-33 में चार गुना महंगा बिका
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के विभिन्न सेक्टरों में रिहायशी व व्यावसायिक प्लॉट की ऑनलाइन बोली वीरवार को हुई। रिहायशी प्लॉट में 8, 10, 14 मरला व एक कनाल और व्यावसायिक प्लॉट में एससीओ, डीएसएस विद आउट बेसमेंट, डीएसएस विद बेसमेंट व बूथ विद बेसमेंट केटेगरी के प्लॉट शामिल रहे। ऑनलाइन बोली में 500 गज का प्लॉट सेक्टर-14 में कलेक्टर रेट से तीन गुना जबकि सेक्टर-33 में चार गुना महंगा बिका।
इन प्लॉट की हुई बोली
सेक्टर केटेगरी साइज संख्या
1-4 रिहायशी 14 मरला 2
8 मरला 5
9-11 रिहायशी 10 मरला 4
14 रिहायशी एक कनाल 4
33 रिहायशी एक कनाल 3
14 मरला 2
10 मरला 5
8 मरला 2
4 मरला 5
पुरानी कचहरी व्यावसायिक एससीओ 2
डीएसएस विदआउट बेसमेंट 5
डीएसएस विद बेसमेंट 1
16-17 व्यावसायिक एससीओ 1
डीएसएस विद बेसमेंट 2
बूथ विद बेसमेंट 5
सेक्टर-33 में 70 तो सेक्टर-14 में 60 हजार रुपये प्रति गज बिका प्लॉट
500 गज (एक कनाल) साइट के प्लॉट की बात करें तो सेक्टर-33 में 70 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लॉट बिका, जबकि इस सेक्टर का कलेक्टर रेट 16 से 18 हजार गज है। सेक्टर-33 में 14 मरले का प्लॉट 50 हजार, 10 मरले का 55 से 60 हजार और 6 मरले का प्लॉट 60 से 65 हजार रुपये गज के हिसाब से बिका। वहीं सेक्टर-14 में इस साइज के प्लॉट की बोली 60 हजार रुपये प्रति गज तक लगी। हालांकि इस सेक्टर में कलेक्टर रेट 18 से 19 हजार रुपये गज है। सेक्टर 1-4 में इस आकार का प्लॉट 45 हजार रुपये गज बिका, जबकि सेक्टर 1-4 में कलेक्टर रेट 11 से 12 हजार रुपये गज है। सेक्टर 9-11 में 10 मरले का प्लॉट की बोली 60 हजार रुपये गज के हिसाब से लगी, जबकि इस सेक्टर में कलेक्टर रेट 14 से 15 हजार रुपये गज है। बोली के दौरान आठ मरला के प्लॉट की डिमांड ज्यादा रही। यही कारण रहा कि अन्य साइट के प्लॉट के मुकाबले ये प्लॉट ज्यादा महंगे बिके।
एससीओ तीन तो डीएसएस तय रेट से ढाई गुना महंगा बिका
इस दौरान व्यावसायिक प्लॉट की भी बोली करवाई गई। पुरानी कचहरी क्षेत्र में एससीओ की बोली 3.61 करोड़ रुपये लगाई थी, जबकि इसका तय रेट करीब 1.24 करोड़ था। वहीं डीएसएस 1.90 करोड़ रुपये में बिकी, जबकि इसका तय रेट करीब 74 लाख रुपये था।
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फ्लोर वाइज सिस्टम लागू से बड़े साइज के प्लॉट की डिमांड बढ़ी
ऑनलाइन बोली में छोटे साइज प्लॉट के साथ-साथ बड़े साइज के प्लॉट की डिमांड रही। प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो एचएसवीपी की तरफ से सेक्टरों में फ्लोर सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे अब लोग बड़े साइज के प्लॉट में भी रुचि दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस बोली में प्लॉट के रेट में 20 प्रतिशत की तेजी दिखी।
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इन प्लॉट की हुई बोली
सेक्टर केटेगरी साइज संख्या
1-4 रिहायशी 14 मरला 2
8 मरला 5
9-11 रिहायशी 10 मरला 4
14 रिहायशी एक कनाल 4
33 रिहायशी एक कनाल 3
14 मरला 2
10 मरला 5
8 मरला 2
4 मरला 5
पुरानी कचहरी व्यावसायिक एससीओ 2
डीएसएस विदआउट बेसमेंट 5
डीएसएस विद बेसमेंट 1
16-17 व्यावसायिक एससीओ 1
डीएसएस विद बेसमेंट 2
बूथ विद बेसमेंट 5
सेक्टर-33 में 70 तो सेक्टर-14 में 60 हजार रुपये प्रति गज बिका प्लॉट
500 गज (एक कनाल) साइट के प्लॉट की बात करें तो सेक्टर-33 में 70 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लॉट बिका, जबकि इस सेक्टर का कलेक्टर रेट 16 से 18 हजार गज है। सेक्टर-33 में 14 मरले का प्लॉट 50 हजार, 10 मरले का 55 से 60 हजार और 6 मरले का प्लॉट 60 से 65 हजार रुपये गज के हिसाब से बिका। वहीं सेक्टर-14 में इस साइज के प्लॉट की बोली 60 हजार रुपये प्रति गज तक लगी। हालांकि इस सेक्टर में कलेक्टर रेट 18 से 19 हजार रुपये गज है। सेक्टर 1-4 में इस आकार का प्लॉट 45 हजार रुपये गज बिका, जबकि सेक्टर 1-4 में कलेक्टर रेट 11 से 12 हजार रुपये गज है। सेक्टर 9-11 में 10 मरले का प्लॉट की बोली 60 हजार रुपये गज के हिसाब से लगी, जबकि इस सेक्टर में कलेक्टर रेट 14 से 15 हजार रुपये गज है। बोली के दौरान आठ मरला के प्लॉट की डिमांड ज्यादा रही। यही कारण रहा कि अन्य साइट के प्लॉट के मुकाबले ये प्लॉट ज्यादा महंगे बिके।
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एससीओ तीन तो डीएसएस तय रेट से ढाई गुना महंगा बिका
इस दौरान व्यावसायिक प्लॉट की भी बोली करवाई गई। पुरानी कचहरी क्षेत्र में एससीओ की बोली 3.61 करोड़ रुपये लगाई थी, जबकि इसका तय रेट करीब 1.24 करोड़ था। वहीं डीएसएस 1.90 करोड़ रुपये में बिकी, जबकि इसका तय रेट करीब 74 लाख रुपये था।
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फ्लोर वाइज सिस्टम लागू से बड़े साइज के प्लॉट की डिमांड बढ़ी
ऑनलाइन बोली में छोटे साइज प्लॉट के साथ-साथ बड़े साइज के प्लॉट की डिमांड रही। प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो एचएसवीपी की तरफ से सेक्टरों में फ्लोर सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे अब लोग बड़े साइज के प्लॉट में भी रुचि दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस बोली में प्लॉट के रेट में 20 प्रतिशत की तेजी दिखी।