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Hisar News: मसूदपुर में सर्वजातीय रोघी खाप की पंचायत... फसल मुआवजे और जींद आईएमटी के खिलाफ प्रस्ताव पारित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:24 AM IST
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In Masudpur, the Sarvajatya Roghi Khap Panchayat... passed a resolution against crop compensation and Jind IMT
मसूदपुर गांव में पंचायत के बाद खाप के प्रधान सुमेर डाटा और अन्य। संवाद
बास। मास्टर फतेह सिंह मेमोरियल स्कूल, मसूदपुर में मंगलवार को आयोजित सर्वजातीय रोघी खाप पंचायत में हालिया बारिश व जलभराव से किसानों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए सरकार से प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा, फसल कर्ज माफी और बची फसल की एमएसपी पर खरीद की मांग की गई। साथ ही जींद आईएमटी योजना का विरोध करते हुए उसका प्रस्ताव भी पारित किया गया।
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पंचायत की अध्यक्षता करते हुए खाप प्रधान सुमेर डाटा ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश और जलभराव के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से घोषित राहत बेहद नाकाफी और निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के लिए अरबों रुपये खर्च कर सकती है, लेकिन किसानों के लिए बजट की कमी का बहाना बनाती है।
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पंचायत में वक्ताओं ने जींद जिले के अलेवा और पिल्लूखेड़ा क्षेत्र की 12,000 एकड़ उपजाऊ जमीन को औद्योगिक क्षेत्र (आईएमटी) के लिए अधिग्रहित करने के निर्णय की भी निंदा की। ज्ञान सिंह दलाल और मास्टर फतेह सिंह ने कहा कि यह जमीन अति उपजाऊ है और किसान इसे किसी भी हालत में देने को तैयार नहीं हैं। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चेताया कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो रोघी खाप जींद जिले के किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी। इस अवसर पर विकास दलाल, उदयवीर डाटा, सुभाष सिंधु, वीरेंद्र कतीरा, बलदेव सिंह सिंघवाला, बलजीत चहल, महावीर सिंह नारू, जय सिंह फौजी, विकास कुमार, बिंदर खोखा आदि मौजूद रहे।
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पंचायत की मुख्य मांगें
प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा।
फसल कर्ज और बिजली बिलों की माफी।
खाद, बीज और कीटनाशक आधी कीमतों पर उपलब्ध कराना।
गिरदावरी शीघ्र पूरी कर रिपोर्ट पारदर्शी बनाना।
बची फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद।
भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए अलग विभाग की स्थापना।
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