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डाटा गांव में 36 बिरादरी की पंचायत

Tue, 13 Oct 2020 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 12:54 AM IST
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In data 36 caste organised meeting
डाटा निवासी राममेहर द्वारा रमूल की हत्या कर कार में शव जलाने के मामले में सोमवार को गांव एक पंचायत हुई। इसमें गांव की 36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया। पंचायत में राममेहर के पिता व परिवार के लोगों ने भी भाग लिया। निर्णय लिया गया कि प्रशासन व सरकार से मृतक रमलू के परिवार की आर्थिक सहायता और उसकी पत्नी को नौकरी देने की मांग की जाएगी।
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एक बार सुबह पंचायत की गई, लेकिन उसमें सहमति नहीं बनने से शाम को करीब साढ़े 4 बजे दुबारा पंचायत हुई। इस दौरान ग्रामीणों में इस वारदात को लेकर गुस्सा दिखाई दिया। उनका कहना था कि गरीब रमलू की हत्या की बजाय किसी अपने का कत्ल करता तो आज उसे उनका दर्द महसूस होता। ग्रामीणों ने पंचायत में अपने-अपने पक्ष रखे। पंचायत में रमलू के परिवार की आर्थिक सहायता करने पर पूर्ण रूप से सहमति बनी। इसके लिए 40 लोगों की एक कमेटी बनाई गई, जोकि पूरे गांव से पैसे एकत्रित कर रमलू के परिवार की मदद की जाएगी। वहीं सरकार व प्रशासन से रमलू की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी की मांग पर पूरे गांव ने सहमति जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने राजनीतिक पार्टियों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राममेहर के घर तो राजनीतिक लोग शोक प्रकट करने के लिए आ रहे थे, लेकिन रमलू गरीब होने के कारण उसके घर पर कोई राजनीतिक पार्टी का नेता या कार्यकर्ता नहीं पहुंचा, जिसे लेकर भी ग्रामीणों ने रोष जताया।
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राममेहर का परिवार भी रमलू के परिवार के साथ
राममेहर के पिता टेकचंद ने पंचायत में खड़े होकर कहा कि उसके बेटे ने जो घिनौना कार्य किया है, वह और उसका पूरा परिवार न तो उसकी कोई भी कानूनी पैरवी करेगा और न ही उससे मिलेगा। इस मामले में वह रमलू के परिवार के हर मदद के लिए उसके साथ खड़ा है।
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मदद को आगे आने लगे लोग
डाटा गांव के मृतक रमलू के परिवार की मदद के लिए लोग आगे आने लगे हैं। सोमवार को एडवोकेट सुशील उगालन ने पीड़ित परिवार को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी के कंधों पर परिवार के 11 बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी, जिसे वह मेहनत मजदूरी कर पालन पोषण कर रहा था। उसके बाद परिवार बिखर गया है।

ये पहुंचे सांत्वना देने
विमुक्त घुमंतू जनजाति विकास बोर्ड के चेयरमैन डॉ. बलवान सिंह मृतक रमलू के घर सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि रमलू की पत्नी के लिए आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी लगवाने का प्रयास करेंगे और परिवार की सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता के लिए भी प्रयास करेंगे। राममेहर ने जिस डेढ़ करोड़ के लिए रमलू की हत्या की है, अब वह पैसा रमलू के परिवार को मिलना चाहिए।
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