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चेक बाउंस मामले में एक को 6 तो दूसरे को तीन माह कैद
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हिसार। लोन राशि लौटाने के दिए चेक बाउंस होने पर जिला अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। पहले मामले में अदालत ने संघरान निवासी सेवापाल को 6 महीने कैद सुनाई, उसे 66 हजार रुपये मुआवजा भी अदा करना होगा। इसके अलावा वह शिकायतकर्ता को पांच लाख 25 हजार रुपये भी लौटाएगा। जबकि दूसरे मामले में फैसले के अनुसार घिराय निवासी संदीप को तीन महीने कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा संदीप अब शिकायतकर्ता सुशील को 80 हजार रुपये भी लौटाएगा।
कैमरी रोड पर स्थित सोखल फर्नीचर के मालिक बजरंग कुमार ने बताया कि संघरान निवासी सेवापाल उसका चचेरा भाई है। जून 2017 को सेवापाल ने उससे पांच लाख 25 हजार रुपये लोन लिया और कहा कि तीन महीने में पेमेंट लौटा देगा। दिसंबर 2017 को सेवापाल ने उसे पांच लाख 25 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन चेक खारिज हो गया। उसके बाद शिकायतकर्ता ने जेएमआईसी जितेंद्र कुमार की अदालत में फरवरी 2018 को दी। इस पर सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत के फैसले के अनुसार सेवापाल को 6 महीने कैद और 66 हजार रुपये मुआवजा भी अदा करना होगा। इसके अलावा वह शिकायतकर्ता को पांच लाख 25 हजार रुपये भी लौटाएगा।
वहीं दूसरे मामले में गोरछी निवासी सुशील कुमार ने भी जेएमआईसी जितेंद्र कुमार की अदालत में घिराय निवासी संदीप के खिलाफ सितंबर 2018 को शिकायत दी थी। सुशील का आरोप था कि संदीप ने नवंबर 2017 को उससे 80 हजार रुपये लोन लिया। जून 2018 को संदीप ने उसे 80 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन वह खारिज हो गया। उसके बाद सुशील ने इसकी शिकायत अदालत में की। सोमवार को अदालत ने इस पर फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार संदीप को तीन महीने कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा संदीप अब सुशील को 80 हजार रुपये भी लौटाएगा।
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कैमरी रोड पर स्थित सोखल फर्नीचर के मालिक बजरंग कुमार ने बताया कि संघरान निवासी सेवापाल उसका चचेरा भाई है। जून 2017 को सेवापाल ने उससे पांच लाख 25 हजार रुपये लोन लिया और कहा कि तीन महीने में पेमेंट लौटा देगा। दिसंबर 2017 को सेवापाल ने उसे पांच लाख 25 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन चेक खारिज हो गया। उसके बाद शिकायतकर्ता ने जेएमआईसी जितेंद्र कुमार की अदालत में फरवरी 2018 को दी। इस पर सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत के फैसले के अनुसार सेवापाल को 6 महीने कैद और 66 हजार रुपये मुआवजा भी अदा करना होगा। इसके अलावा वह शिकायतकर्ता को पांच लाख 25 हजार रुपये भी लौटाएगा।
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वहीं दूसरे मामले में गोरछी निवासी सुशील कुमार ने भी जेएमआईसी जितेंद्र कुमार की अदालत में घिराय निवासी संदीप के खिलाफ सितंबर 2018 को शिकायत दी थी। सुशील का आरोप था कि संदीप ने नवंबर 2017 को उससे 80 हजार रुपये लोन लिया। जून 2018 को संदीप ने उसे 80 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन वह खारिज हो गया। उसके बाद सुशील ने इसकी शिकायत अदालत में की। सोमवार को अदालत ने इस पर फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार संदीप को तीन महीने कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा संदीप अब सुशील को 80 हजार रुपये भी लौटाएगा।
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