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अवैध होर्डिंग ने बिगाड़ी ‘शहर की सूरत’
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शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स
- फोटो : Hisar
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हिसार। शहर में अवैध तरीके से लगे होर्डिंग व पोस्टर शहर की खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं। शहर में ऐसा कोई चौक-चौराहा नहीं जहां अवैध होर्डिंग्स की भरमार न हो। अवैध होर्डिंग लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं।
नगर निगम की तरफ से शहर में होर्डिंग्स लगाने के लिए 38 जगह (साइट) निर्धारित की हुई है। बावजूद इसके शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स व पोस्टर लगाए जा रहे हैं। बता दें कि निगम की तरफ से निर्धारित की गई जगहों के अलावा होर्डिंग्स लगाना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर निगम प्रशासन की तरफ से होर्डिंग्स लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। शहर में होर्डिंग लगाने को तीन साल के लिए ठेका दिया गया है।
निगम की ओर से तय जगह
जगह होर्डिंग की संख्या
सिरसा रोड 04
न्यू पालिका बाजार 01
दिल्ली रोड 14
रेलवे स्टेशन सड़क 01
बालसमंद रोड 02
आजाद नगर फायर स्टेशन से आईजी चौक तक 09
बस स्टैंड के पास का क्षेत्र 07
अवैध होर्डिंग लगाने पर सजा का प्रावधान
निगम प्रशासन के अनुसार डिफेसमेंट एक्ट के तहत अवैध होर्डिंग्स लगाने पर 6 माह की सजा और 10 हजार तक जुर्माना या दोनों ही हो सकता है।
तीन साल के लिए लगा हुआ है टेंडर
निगम ने तीन साल के लिए होर्डिंग्स लगाने का टेंडर किया हुआ है। यह टेंडर ढाई करोड़ से ज्यादा में दिया हुआ है। पहले टेंडर की शर्त में था कि होर्डिंग साइट पर पोल ठेकेदार को लगाने थे। तीन साल का टेंडर खत्म होने पर ठेकेदार का उस पर कोई हक नहीं रहेगा। निगम उसका मालिक बन जाएगा। मगर बाद में निगम प्रशासन ने इस नियम में बदलाव कर दिया था। नए नियम के अनुसार ठेकेदार को ही तीन साल बाद पोल हटाने और साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
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शहर में जगह-जगह लगे अवैध होर्डिंग्स
नगर निगम क्षेत्र में रेलवे की सीमा और बस स्टैंड परिसर में बड़े स्तर पर होर्डिंग लगे हैं, जबकि निगम एक्ट सेक्शन 122 के तहत निगम के पास होर्डिंग्स लगाने का अधिकार है। रेलवे हाईवे फेसिंग पर या रोड फेसिंग पर होर्डिंग्स नहीं लगा सकता। हालांकि यह मामला हाईकोर्ट में गया था। इसमें रेलवे ने भी माना था कि ये होर्डिंग्स अवैध है। मगर आज इन्हें हटाया नहीं गया है। इसके अलावा शहर के भवनों और बहुमंजिला इमारतों पर भी अवैध रूप से होर्डिंग्स लगे हुए हैं और निगम प्रशासन पर कोई लगाम नहीं कस पाया है। यही नहीं राजनीतिक पार्टियों और धार्मिक कार्यक्रमों के होर्डिंग चौक, चौराहों और स्ट्रीट लाइटों पर नजर आते हैं। इन होर्डिंगों को हटाने पर भी अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है।
शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स को हटाने का काम निगम प्रशासन का है। हम उन्हें सिर्फ मजदूर उपलब्ध करवा सकते हैं। रेलवे एरिया में लगे सभी होर्डिंग्स अवैध हैं, लेकिन आज तक निगम ने इन्हें नहीं हटाया। - सतीश कथूरिया, ठेकेदार
निगम प्रशासन समय-समय पर अवैध होर्डिंग्स हटाने को लेकर अभियान चलाता है। इनके खिलाफ जुर्माना व पुलिस में भी शिकायत दी जाती है। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी
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नगर निगम की तरफ से शहर में होर्डिंग्स लगाने के लिए 38 जगह (साइट) निर्धारित की हुई है। बावजूद इसके शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स व पोस्टर लगाए जा रहे हैं। बता दें कि निगम की तरफ से निर्धारित की गई जगहों के अलावा होर्डिंग्स लगाना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर निगम प्रशासन की तरफ से होर्डिंग्स लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। शहर में होर्डिंग लगाने को तीन साल के लिए ठेका दिया गया है।
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निगम की ओर से तय जगह
जगह होर्डिंग की संख्या
सिरसा रोड 04
न्यू पालिका बाजार 01
दिल्ली रोड 14
रेलवे स्टेशन सड़क 01
बालसमंद रोड 02
आजाद नगर फायर स्टेशन से आईजी चौक तक 09
बस स्टैंड के पास का क्षेत्र 07
अवैध होर्डिंग लगाने पर सजा का प्रावधान
निगम प्रशासन के अनुसार डिफेसमेंट एक्ट के तहत अवैध होर्डिंग्स लगाने पर 6 माह की सजा और 10 हजार तक जुर्माना या दोनों ही हो सकता है।
तीन साल के लिए लगा हुआ है टेंडर
निगम ने तीन साल के लिए होर्डिंग्स लगाने का टेंडर किया हुआ है। यह टेंडर ढाई करोड़ से ज्यादा में दिया हुआ है। पहले टेंडर की शर्त में था कि होर्डिंग साइट पर पोल ठेकेदार को लगाने थे। तीन साल का टेंडर खत्म होने पर ठेकेदार का उस पर कोई हक नहीं रहेगा। निगम उसका मालिक बन जाएगा। मगर बाद में निगम प्रशासन ने इस नियम में बदलाव कर दिया था। नए नियम के अनुसार ठेकेदार को ही तीन साल बाद पोल हटाने और साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
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शहर में जगह-जगह लगे अवैध होर्डिंग्स
नगर निगम क्षेत्र में रेलवे की सीमा और बस स्टैंड परिसर में बड़े स्तर पर होर्डिंग लगे हैं, जबकि निगम एक्ट सेक्शन 122 के तहत निगम के पास होर्डिंग्स लगाने का अधिकार है। रेलवे हाईवे फेसिंग पर या रोड फेसिंग पर होर्डिंग्स नहीं लगा सकता। हालांकि यह मामला हाईकोर्ट में गया था। इसमें रेलवे ने भी माना था कि ये होर्डिंग्स अवैध है। मगर आज इन्हें हटाया नहीं गया है। इसके अलावा शहर के भवनों और बहुमंजिला इमारतों पर भी अवैध रूप से होर्डिंग्स लगे हुए हैं और निगम प्रशासन पर कोई लगाम नहीं कस पाया है। यही नहीं राजनीतिक पार्टियों और धार्मिक कार्यक्रमों के होर्डिंग चौक, चौराहों और स्ट्रीट लाइटों पर नजर आते हैं। इन होर्डिंगों को हटाने पर भी अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है।
शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स को हटाने का काम निगम प्रशासन का है। हम उन्हें सिर्फ मजदूर उपलब्ध करवा सकते हैं। रेलवे एरिया में लगे सभी होर्डिंग्स अवैध हैं, लेकिन आज तक निगम ने इन्हें नहीं हटाया। - सतीश कथूरिया, ठेकेदार
निगम प्रशासन समय-समय पर अवैध होर्डिंग्स हटाने को लेकर अभियान चलाता है। इनके खिलाफ जुर्माना व पुलिस में भी शिकायत दी जाती है। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी

शहर में दिल्ली रोड पर बनी एक इमारत पर अवैध रूप से लगे होर्डिंग्स। संवाद- फोटो : Hisar