{"_id":"68bb3d9fefefc0b94f0b418a","slug":"hisars-soldier-bhale-singh-will-get-presidents-bravery-award-hisar-news-c-21-hsr1007-703418-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: हिसार के सैनिक भले सिंह को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: हिसार के सैनिक भले सिंह को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार
विज्ञापन
बालसमंद के गांव रावलवास खुर्द निवासी जवान भले सिंह।
बालसमंद (हिसार)। ऑपरेशन सिंदूर में दिखाए गए अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व के लिए हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के भले सिंह बालौदा को राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार मेंशन इन डिस्पैच प्रदान किया जाएगा। उनके नाम का चयन 14 अगस्त को हुआ है। आगामी बड़े कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा।
मूल रूप से राजस्थान के निवासी भले सिंह का परिवार पिछले 35 वर्षों से हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव में रह रहा है। कक्षा एक से 10 तक की उनकी शिक्षा गांव में हुई थी। भले सिंह ने कहा कि उनके खून में राजस्थान व हरियाणा दोनों प्रदेशों का रक्त दौड़ता है। हरियाणा के परिवेश ने उन्हें साहसिक कदम उठाने में बहुत मदद की है। वायुसेना की एस-400 यूनिट में कार्यरत भले सिंह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्चर प्रभारी थे।
आग के बीच जोखिम उठाया
एक लॉन्चर 10 मई की रात अत्यधिक मिसाइल फायरिंग के कारण खराब हो गया। उन्होंने इसे मौके पर ही छोड़कर बाद में ले जाने के फैसले को टाल दिया। इसके बजाय उन्होंने अपनी चार सैनिकों की टीम के साथ आसमान से बरसते ड्रोन और मिसाइलों की आग के बीच साहसिक निर्णय लेकर लॉन्चर को ठीक करने का जोखिम उठाया। बिना घबराए, शांत मन से अपनी जान हथेली पर रखकर उन्होंने लॉन्चर सिस्टम को दुरुस्त कर उसे नए ठिकाने पर पहुंचाया।
विज्ञापन
क्रूज मिसाइल को बनाया निशाना
सैनिक भले सिंह लॉन्चर सिस्टम को ठीक कर सुरक्षित स्थान पर लाए। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से हमला होते ही उसी लॉन्चर से उन्होंने एक क्रूज मिसाइल को निशाना बनाया। अपने अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व के दम पर वायुसेना की निर्णायक जीत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भले सिंह को इस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन
मूल रूप से राजस्थान के निवासी भले सिंह का परिवार पिछले 35 वर्षों से हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव में रह रहा है। कक्षा एक से 10 तक की उनकी शिक्षा गांव में हुई थी। भले सिंह ने कहा कि उनके खून में राजस्थान व हरियाणा दोनों प्रदेशों का रक्त दौड़ता है। हरियाणा के परिवेश ने उन्हें साहसिक कदम उठाने में बहुत मदद की है। वायुसेना की एस-400 यूनिट में कार्यरत भले सिंह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्चर प्रभारी थे।
विज्ञापन
आग के बीच जोखिम उठाया
एक लॉन्चर 10 मई की रात अत्यधिक मिसाइल फायरिंग के कारण खराब हो गया। उन्होंने इसे मौके पर ही छोड़कर बाद में ले जाने के फैसले को टाल दिया। इसके बजाय उन्होंने अपनी चार सैनिकों की टीम के साथ आसमान से बरसते ड्रोन और मिसाइलों की आग के बीच साहसिक निर्णय लेकर लॉन्चर को ठीक करने का जोखिम उठाया। बिना घबराए, शांत मन से अपनी जान हथेली पर रखकर उन्होंने लॉन्चर सिस्टम को दुरुस्त कर उसे नए ठिकाने पर पहुंचाया।
विज्ञापन
क्रूज मिसाइल को बनाया निशाना
सैनिक भले सिंह लॉन्चर सिस्टम को ठीक कर सुरक्षित स्थान पर लाए। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से हमला होते ही उसी लॉन्चर से उन्होंने एक क्रूज मिसाइल को निशाना बनाया। अपने अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व के दम पर वायुसेना की निर्णायक जीत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भले सिंह को इस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।