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जॉब वेटनरी लैब टेक्नीशियन की, योग्यता मानव आधारित मेडिकल कोर्स की
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:41 AM IST
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लुवास
- फोटो : Bureau
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लुवास में एनिमल लैब टेक्नीशियन के पदों के पर आवेदन करने की योग्यता डीवीएलटी के साथ-साथ डीएमएलटी व डेयरी टेक्नोलॉजी कर दी गई। जबकि लैब टेक्नीशियन की जॉब डीवीएलटी कोर्स पर आधारित है। क्योंकि लैब टेक्नीशियन पशु विज्ञान से संबंधित है ना कि मानव विज्ञान से। ऐसे में लैब टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती की योग्यता में डीएमएलटी तथा डेयरी कोर्स को नहीं जोड़ा जा सकता।
इस बात को लेकर डीवीएलटी के छात्र परेशानी की हालत में है। छात्रों को कहना है कि डीएमएलटी कोर्स को लैब टेक्नीशियन के पदों के लिए योग्यता में जोड़ने का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने कहा कि ये कानूनी रूप से भी गलत है। डीएमएलटी के छात्रों ने बताया कि इस बारे में वीसी को काफी बार सूचित किया गया है। लेकिन इस बारे में उन्होंने सिवाय आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं किया।
कोर्ट में भी भेजा जा चुका है मामला
लुवास द्वारा 2015 में लैब टेक्नीशियन के पदों पर भर्तियां निकाली गई थी, जिसमें लैब टेक्नीशियन के नौ पद निकाले गए थे। इनमें डीवीएलटी कोर्स के साथ-साथ डीएमएलटी व डेयरी कोर्स को भी योग्यता में जोड़ा गया था। इस बात का विरोध जताते हुए डीवीएलटी छात्रों ने इसकी शिकायत वीसी से की थी। लेकिन वीसी ने इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
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वीसी से कोई संतोषजनक उतर न मिल पाने के कारण डीवीएलटी के छात्रों ने इस बारे में पंजाब हरियाणा कोर्ट चंडीगढ़ में केस दायर किया था, जिसके बाद कोर्ट की ओर से विश्वविद्यालय को नोटिस भेजा गया था। कोर्ट नोटिस मिलने पर इस बारे में छात्रों से सुलह करने के लिए वीसी ने डीवीएलटी छात्रों की वीसी कार्यालय में बैठक बुलाई थी।
लेकिन बैठक में छात्रों को सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला और यह मामला आज भी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट इसके बाद भी विवि को नोटिस भेज चुका है। डीवीएलटी के छात्रों द्वारा वीसी से कोर्ट नोटिस मिलने के बाद भी शिकायत की जा चुकी है। कोर्ट नोटिस के बाद भी लुवास द्वारा इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
यह बोले छात्र
डीवीएलटी के छात्र सचिन, पुनीत, ललित, नसीब, मनीष आदि का कहना है कि काफी बार शिकायत करने पर इस मामले में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है। वीसी ने सिर्फ इस मामले में फैसला लेने का आश्वासन दिया है जो वो काफी समय से दे रहे हैं।
- प्रदीप बामल, रजिस्ट्रार, लुवास
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इस बात को लेकर डीवीएलटी के छात्र परेशानी की हालत में है। छात्रों को कहना है कि डीएमएलटी कोर्स को लैब टेक्नीशियन के पदों के लिए योग्यता में जोड़ने का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने कहा कि ये कानूनी रूप से भी गलत है। डीएमएलटी के छात्रों ने बताया कि इस बारे में वीसी को काफी बार सूचित किया गया है। लेकिन इस बारे में उन्होंने सिवाय आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं किया।
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कोर्ट में भी भेजा जा चुका है मामला
लुवास द्वारा 2015 में लैब टेक्नीशियन के पदों पर भर्तियां निकाली गई थी, जिसमें लैब टेक्नीशियन के नौ पद निकाले गए थे। इनमें डीवीएलटी कोर्स के साथ-साथ डीएमएलटी व डेयरी कोर्स को भी योग्यता में जोड़ा गया था। इस बात का विरोध जताते हुए डीवीएलटी छात्रों ने इसकी शिकायत वीसी से की थी। लेकिन वीसी ने इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
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वीसी से कोई संतोषजनक उतर न मिल पाने के कारण डीवीएलटी के छात्रों ने इस बारे में पंजाब हरियाणा कोर्ट चंडीगढ़ में केस दायर किया था, जिसके बाद कोर्ट की ओर से विश्वविद्यालय को नोटिस भेजा गया था। कोर्ट नोटिस मिलने पर इस बारे में छात्रों से सुलह करने के लिए वीसी ने डीवीएलटी छात्रों की वीसी कार्यालय में बैठक बुलाई थी।
लेकिन बैठक में छात्रों को सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला और यह मामला आज भी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट इसके बाद भी विवि को नोटिस भेज चुका है। डीवीएलटी के छात्रों द्वारा वीसी से कोर्ट नोटिस मिलने के बाद भी शिकायत की जा चुकी है। कोर्ट नोटिस के बाद भी लुवास द्वारा इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
यह बोले छात्र
डीवीएलटी के छात्र सचिन, पुनीत, ललित, नसीब, मनीष आदि का कहना है कि काफी बार शिकायत करने पर इस मामले में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है। वीसी ने सिर्फ इस मामले में फैसला लेने का आश्वासन दिया है जो वो काफी समय से दे रहे हैं।
इस बारे में दो दिन पहले ही वीसी ने स्वयं डीवीएलटी के छात्रों के साथ बैठक की थी, जिसके बाद वीसी ने इस मामले में जल्द ही फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
- प्रदीप बामल, रजिस्ट्रार, लुवास