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स्वाइन फ्लू के तीन और संदिग्ध मरीज मिले
Hisar
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:24 AM IST
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स्वाइन फ्लू
- फोटो : Bureau
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स्वाइन फ्लू के तीन और संदिग्ध सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। जिले में स्वाइन फ्लू के चलते इस साल अब 10 लोगों की जान जा चुकी है। ये यहां के अस्पतालों में उपचार करा रहे थे। इनमें चार जिला हिसार और बाकी बाहर के थे।
स्वास्थ्य विभाग ने अब तीन और सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि इनमें से किसको स्वाइन फ्लू हुआ है। रिपोर्ट से स्थिति बिल्कुल साफ हो जाएगी। स्वाइन फ्लू की बीमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने यहां सरकारी अस्पताल में अलग वार्ड स्थापित कर रखा है। सरकारी अस्पताल में आने वाले संदिग्ध लोगों को उसी वार्ड में दाखिल किया जाता है।
डेढ़ महीने पहले तक स्वाइन फ्लू के चलते लोगों में खौफ था और साधारण बुखार या जुकाम होने पर भी वे जांच कराने अस्पतालों में पहुंच रहे थे। पिछले साल तो इस रोग का खौफ और ज्यादा था। शहर में संदिग्ध मरीजों की भरमार थी। सरकारी के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल होने के लिए मरीज काफी संख्या में पहुंचे थे।
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स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण
-सांस लेने में तकलीफ महसूस होना।
-तेज बुखार और खांसी का होना।
-जुकाम और गला खराब होना।
-बदन टूटना, तेज सिरदर्द होना।
-बलगम में खून आना और अतिसार।
-होंठों का नीला पड़ना, उल्टी-दस्त लगना।
ये बरतें सावधानी
-हाथों को साबुन से अच्छी तरह बार-बार धोएं।
-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, संतुलित आहार और पूरी नींद लें।
-लक्षण आने पर 48 घंटे तक दवा से आराम न मिले तो डॉक्टर से सलाह लें।
-जुकाम में खांसते और छींकते हुए रुमाल या टिशू पेपर यूज करें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूर से बात करें या मॉस्क यूज करें।
-स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर रोगी को अलग कमरे में रखें।
हमारी टीम ने तीन और लोगों के सैंपल लेकर लैब में भेजे हैं। रिपोर्ट आने पर यह साफ हो जाएगा कि इन्हें स्वाइन फ्लू है या नहीं।
-डॉ. जया गोयल, डिप्टी सीएमओ, मलेरिया विभाग
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स्वास्थ्य विभाग ने अब तीन और सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि इनमें से किसको स्वाइन फ्लू हुआ है। रिपोर्ट से स्थिति बिल्कुल साफ हो जाएगी। स्वाइन फ्लू की बीमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने यहां सरकारी अस्पताल में अलग वार्ड स्थापित कर रखा है। सरकारी अस्पताल में आने वाले संदिग्ध लोगों को उसी वार्ड में दाखिल किया जाता है।
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डेढ़ महीने पहले तक स्वाइन फ्लू के चलते लोगों में खौफ था और साधारण बुखार या जुकाम होने पर भी वे जांच कराने अस्पतालों में पहुंच रहे थे। पिछले साल तो इस रोग का खौफ और ज्यादा था। शहर में संदिग्ध मरीजों की भरमार थी। सरकारी के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल होने के लिए मरीज काफी संख्या में पहुंचे थे।
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स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण
-सांस लेने में तकलीफ महसूस होना।
-तेज बुखार और खांसी का होना।
-जुकाम और गला खराब होना।
-बदन टूटना, तेज सिरदर्द होना।
-बलगम में खून आना और अतिसार।
-होंठों का नीला पड़ना, उल्टी-दस्त लगना।
ये बरतें सावधानी
-हाथों को साबुन से अच्छी तरह बार-बार धोएं।
-पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, संतुलित आहार और पूरी नींद लें।
-लक्षण आने पर 48 घंटे तक दवा से आराम न मिले तो डॉक्टर से सलाह लें।
-जुकाम में खांसते और छींकते हुए रुमाल या टिशू पेपर यूज करें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूर से बात करें या मॉस्क यूज करें।
-स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर रोगी को अलग कमरे में रखें।
हमारी टीम ने तीन और लोगों के सैंपल लेकर लैब में भेजे हैं। रिपोर्ट आने पर यह साफ हो जाएगा कि इन्हें स्वाइन फ्लू है या नहीं।
-डॉ. जया गोयल, डिप्टी सीएमओ, मलेरिया विभाग