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अनिल कुमार पुंडिर होंगे जीजेयू के रजिस्ट्रार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:07 AM IST
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जीजेयू
- फोटो : Bureau
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कई माह से स्थाई रजिस्ट्रार का इंतजार कर रहे जीजेयू के अगले रजिस्ट्रार अनिल कुुमार पुंडिर होंगे। वे वीरवार को अपना कार्यभार संभाल सकते हैं। वर्तमान में जीजेयू में रजिस्ट्रार का अतिरिक्त कार्यभार प्रो. एमएस तुरान संभाल रहे हैं। यमुनानगर के मुकंदलाल नेशनल पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार पुंडिर जीजेयू के नए रजिस्ट्रार नियुक्त किए गए हैं।
डॉ. पुंडिर को करीब 30 वर्षों का टीचिंग एक्सपीरियंस है। कई नेशनल और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करवाने के साथ ही कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव के रहने वाले और 51 वर्षीय डॉ. पुंडिर वर्तमान में यमुनानगर के मुकंदलाल कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोफेसर हैं। डॉ. पुंडिर को अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में दो बार बेस्ट रिसर्च का अवार्ड मिल चुका है। वे कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कोर्ट मेंबर एवं एकेडमिक काउंसिल के मेंबर भी रहे हैं। पीजीआई चंडीगढ़ के ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट द्वारा भी ऑनर किए जा चुके हैं।
यह रहा सफर-
डा. पुंडिर ने 1987 में एसए जैन कॉलेज अंबाला में बतौर प्रोफेसर ज्वाईन किया था। 1996 तक उन्होंने यहां अपनी सेवाएं दी। इसके बाद मुकंदलाल पीजी कॉलेज यमुनानगर में नियुक्त हुए और वर्तमान तक वहीं पर अपनी सेेवाएं दे रहे थे।
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यह है शैक्षणिक कैरियर-
डा. पुंडिर चौ. चरण सिंह युनिवर्सिटी मेरठ से फिजिक्स में पीएचडी होल्डर हैं। इसके अलावा वे एमएससी इन फिजिक्स, पीजी डिप्लोमा इन आईटी, सर्टीफिकेट कोर्स ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट कर चुके हैं।
यह रहेगी प्राथमिकता
डा. अनिल कुमार पुंडिर ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया कि जीजेयू में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के अलावा विद्यार्थियों की प्लेसमेंट उनकी प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेगी।
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डॉ. पुंडिर को करीब 30 वर्षों का टीचिंग एक्सपीरियंस है। कई नेशनल और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करवाने के साथ ही कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव के रहने वाले और 51 वर्षीय डॉ. पुंडिर वर्तमान में यमुनानगर के मुकंदलाल कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोफेसर हैं। डॉ. पुंडिर को अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में दो बार बेस्ट रिसर्च का अवार्ड मिल चुका है। वे कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कोर्ट मेंबर एवं एकेडमिक काउंसिल के मेंबर भी रहे हैं। पीजीआई चंडीगढ़ के ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट द्वारा भी ऑनर किए जा चुके हैं।
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यह रहा सफर-
डा. पुंडिर ने 1987 में एसए जैन कॉलेज अंबाला में बतौर प्रोफेसर ज्वाईन किया था। 1996 तक उन्होंने यहां अपनी सेवाएं दी। इसके बाद मुकंदलाल पीजी कॉलेज यमुनानगर में नियुक्त हुए और वर्तमान तक वहीं पर अपनी सेेवाएं दे रहे थे।
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यह है शैक्षणिक कैरियर-
डा. पुंडिर चौ. चरण सिंह युनिवर्सिटी मेरठ से फिजिक्स में पीएचडी होल्डर हैं। इसके अलावा वे एमएससी इन फिजिक्स, पीजी डिप्लोमा इन आईटी, सर्टीफिकेट कोर्स ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट कर चुके हैं।
यह रहेगी प्राथमिकता
डा. अनिल कुमार पुंडिर ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया कि जीजेयू में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के अलावा विद्यार्थियों की प्लेसमेंट उनकी प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेगी।
जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि हमें सरकार से पत्र मिल चुका है। जल्दी ही नए रजिस्ट्रार डा. अनिल कुमार पुंडिर अपना कार्यभार संभालेंगे।