{"_id":"63406f8258f91c1af64ce015","slug":"hearing-in-the-matter-of-vacating-sushila-bhawan-municipal-corporation-ready-for-big-action-hisar-news-hsr644016894","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुशीला भवन खाली कराने के मामले में हुई सुनवाई, नगर निगम बड़ी कार्रवाई को तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुशीला भवन खाली कराने के मामले में हुई सुनवाई, नगर निगम बड़ी कार्रवाई को तैयार
विज्ञापन
हिसार। सुशीला भवन खाली कराने के मामले को नगर निगम कोई बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। पिछले दिनों निगम की तरफ से इस मामले में निजी सुनवाई के लिए सुशीला भवन ट्रस्ट व 11 दुकानदारों को नोटिस दिया था। सुनवाई के दौरान निगम प्रशासन ने ट्रस्ट व दुकानदारों के सभी सवालों के जवाब दिए।
बता दें कि वर्ष 1959 में लोहा मंडी रोड पर 2010 वर्ग गज जमीन शहर की पहली महिला विधायक स्व. स्नेहलता की ट्रस्ट को 20 साल के लिए लीज पर थी। शर्त यह थी कि पार्क के लिए इस जमीन का इस्तेमाल किया जाए। वर्ष 1979 में लीज की अवधि पूरी हो गई, मगर ट्रस्ट ने यह जमीन वापस नहीं लौटाई। यही नहीं इस जमीन पर भवन व दुकानों का निर्माण कर लिया। जब यह जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई तो मामला अदालत में चला गया। अदालत में ट्रस्ट ने दलील दी कि वह लीज की अवधि को 99 वर्ष करवा चुके हैं। मगर निगम ने तर्क दिया कि इसे लेकर फाइल चली थी, लेकिन उस पर अंतिम मुहर नहीं लगी थी। इसी बीच निगम की तरफ से अदालत से केस वापस ले लिया गया। इसके बाद भी कई दफा ट्रस्ट को जमीन लौटाने को लेकर नोटिस जारी किए गए, लेकिन जमीन वापस नहीं मिली।
वर्ष 1979 से लेकर आज तक 50 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया वसूलने की भी तैयारी
वर्ष 2019 में निगम के वकील ने सलाह दी थी कि ट्रस्ट की तरफ से जमीन पर अवैध निर्माण करने की एवज में उससे 50 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूला जाए। हालांकि ट्रस्ट की तरफ से कोई भुगतान निगम प्रशासन को अभी तक नहीं किया गया है। मगर अब निगम प्रशासन ट्रस्ट से इस राशि की वसूली कर सकता है।
विज्ञापन
ये है सुशीला भवन का इतिहास
स्व. स्नेहलता हिसार से प्रथम महिला विधायक थी। सुशीला देवी उनकी सास थी। उनकी याद में वर्ष 1962 में सुशीला के पति जसवंत राय ने उनकी याद में सुशीला भवन का निर्माण करवाया था। स्नेहलता सुशीला भवन की ट्रस्टी थी। वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। उनकी इकलौती बेटी डॉ. भारती इसकी ट्रस्टी हैं, जो परिवार सहित गुरुग्राम में रहती है।
इस मामले को ट्रस्ट व दुकानदारों को निजी सुनवाई के लिए बुलाया गया था। चूंकि लीज 20 वर्ष की ही थी। निगम प्रशासन इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेगा। - विरेंद्र सहारण, उपनिगम आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
बता दें कि वर्ष 1959 में लोहा मंडी रोड पर 2010 वर्ग गज जमीन शहर की पहली महिला विधायक स्व. स्नेहलता की ट्रस्ट को 20 साल के लिए लीज पर थी। शर्त यह थी कि पार्क के लिए इस जमीन का इस्तेमाल किया जाए। वर्ष 1979 में लीज की अवधि पूरी हो गई, मगर ट्रस्ट ने यह जमीन वापस नहीं लौटाई। यही नहीं इस जमीन पर भवन व दुकानों का निर्माण कर लिया। जब यह जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई तो मामला अदालत में चला गया। अदालत में ट्रस्ट ने दलील दी कि वह लीज की अवधि को 99 वर्ष करवा चुके हैं। मगर निगम ने तर्क दिया कि इसे लेकर फाइल चली थी, लेकिन उस पर अंतिम मुहर नहीं लगी थी। इसी बीच निगम की तरफ से अदालत से केस वापस ले लिया गया। इसके बाद भी कई दफा ट्रस्ट को जमीन लौटाने को लेकर नोटिस जारी किए गए, लेकिन जमीन वापस नहीं मिली।
विज्ञापन
वर्ष 1979 से लेकर आज तक 50 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया वसूलने की भी तैयारी
वर्ष 2019 में निगम के वकील ने सलाह दी थी कि ट्रस्ट की तरफ से जमीन पर अवैध निर्माण करने की एवज में उससे 50 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूला जाए। हालांकि ट्रस्ट की तरफ से कोई भुगतान निगम प्रशासन को अभी तक नहीं किया गया है। मगर अब निगम प्रशासन ट्रस्ट से इस राशि की वसूली कर सकता है।
विज्ञापन
ये है सुशीला भवन का इतिहास
स्व. स्नेहलता हिसार से प्रथम महिला विधायक थी। सुशीला देवी उनकी सास थी। उनकी याद में वर्ष 1962 में सुशीला के पति जसवंत राय ने उनकी याद में सुशीला भवन का निर्माण करवाया था। स्नेहलता सुशीला भवन की ट्रस्टी थी। वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। उनकी इकलौती बेटी डॉ. भारती इसकी ट्रस्टी हैं, जो परिवार सहित गुरुग्राम में रहती है।
इस मामले को ट्रस्ट व दुकानदारों को निजी सुनवाई के लिए बुलाया गया था। चूंकि लीज 20 वर्ष की ही थी। निगम प्रशासन इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेगा। - विरेंद्र सहारण, उपनिगम आयुक्त, नगर निगम