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स्वास्थ्य अभियान: 30 सीएचओ को दिया टीबी बीमारी से संबंधित प्रशिक्षण
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हांसी। देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने के तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हिसार चुंगी पर स्थित मॉडल संस्कृति विद्यालय के सभागार में उप सिविल सर्जन मुकेश कुमार ने सीएचओ को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में 30 के करीब सीएचओ पहुंचे।
इस दौरान उप सिविल सर्जन मुकेश कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त अभियान के तहत इस बार हर खंड में ग्राम पंचायतों को चयनित कर वहां विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। सरकार के इस अभियान के तहत टीबी रोग के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना, टीबी रोगियों का शीघ्र इलाज, टीबी का पता लगाने को बढ़ावा देना व टीबी रोगियों और परिवारों की सहायता करना शामिल है। इस दौरान सभी सीएचओ को टीबी बीमारी के उन्मूलन के लिए के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों की पहचान, जांच व इलाज के लिए प्रेरित करने, सामुदायिक स्तर पर टीबी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने समेत अन्य कई जानकारियां विस्तार पूर्वक दी गई।
मरीजों की पहचान कर जांच व इलाज कराने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जाएगा। उप सिविल सर्जन डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ को टीबी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार के लिए दवा की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया, सभी पीएचसी, सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच के लिए सरकार द्वारा मुफ्त जांच की सुविधा बहाल की गई। जहां कोई भी टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति निःशुल्क जांच करा सकते हैं। जांच के साथ निःशुल्क दवाई भी दी जाती, जो जांच सेंटर पर ही उपलब्ध है। मरीजों को उचित खान-पान के लिए आर्थिक सहायता राशि भी दी जाती है जिसे निक्षय पोषण योजना कहा जाता है।
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इस दौरान उप सिविल सर्जन मुकेश कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त अभियान के तहत इस बार हर खंड में ग्राम पंचायतों को चयनित कर वहां विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। सरकार के इस अभियान के तहत टीबी रोग के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना, टीबी रोगियों का शीघ्र इलाज, टीबी का पता लगाने को बढ़ावा देना व टीबी रोगियों और परिवारों की सहायता करना शामिल है। इस दौरान सभी सीएचओ को टीबी बीमारी के उन्मूलन के लिए के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों की पहचान, जांच व इलाज के लिए प्रेरित करने, सामुदायिक स्तर पर टीबी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने समेत अन्य कई जानकारियां विस्तार पूर्वक दी गई।
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मरीजों की पहचान कर जांच व इलाज कराने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जाएगा। उप सिविल सर्जन डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ को टीबी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार के लिए दवा की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया, सभी पीएचसी, सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच के लिए सरकार द्वारा मुफ्त जांच की सुविधा बहाल की गई। जहां कोई भी टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति निःशुल्क जांच करा सकते हैं। जांच के साथ निःशुल्क दवाई भी दी जाती, जो जांच सेंटर पर ही उपलब्ध है। मरीजों को उचित खान-पान के लिए आर्थिक सहायता राशि भी दी जाती है जिसे निक्षय पोषण योजना कहा जाता है।
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