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23 देशों के 30 संस्थानों के साथ शैक्षणिक-अनुसंधान गतिविधियां बढ़ाएगी एचएयू
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) भविष्य में मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी यूएसए और उससे जुड़े विश्व के 23 देशों के 30 संस्थानों के साथ संयुक्त रूप से शैक्षणिक व अनुसंधान की गतिविधियों को बढ़ाएगा। इसको लेकर कोरोना महामारी के दौरान उत्पन्न विषम परिस्थितियों को देखते हुए वैश्विक सहभागिता को मजबूत करने करने के लिए ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में इन देशों के विभिन्न संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कई विषयों पर चर्चा की। बैठक में विवि के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज, अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सहरावत, डीन पीजीएस डॉ. अतुल ढींगड़ा के अतिरिक्त मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉ. करीब मरीडिया, डॉ. कैली मिलेनबाह, डॉ. डगलस भूल्लर, डॉ. क्यूंटिन टायलर, पैट्रिक कुडने आदि जुड़े रहे।
इन मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा
- भविष्य में इन देशों के संस्थानों के साथ ऑनलाइन माध्यम से गतिविधियों को बढ़ाना
- विश्व स्तर पर जलवायु परिवर्तन के चलते खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल, मृदा, फसल विविधिकरण आदि को लेकर पड़ने वाले दुष्प्रभाव
- संयुक्त रूप से ऑनलाइन कोर्सों और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों को कम खर्च में ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना
- वैश्विक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की आने वाली विपदाओं से आसानी से आसानी से निपटा जा सके
इन देशों के संस्थानों के साथ बढ़ेगा मेलजोल
स्नातकोत्तर अधिष्ठाता एवं ग्रेन प्रोजेक्ट के नियंत्रण अधिकारी डॉ. अतुल ढींगड़ा ने बताया कि भारत सहित विश्व के यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील, बेल्जियम, फिलीपींस, तुर्की, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, किर्गीस्तान, चीन, इथोपिया, केन्या, बुर्किना फासो, सेनगल, घाना, मिश्र, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, अर्जेनटिना, मैक्सिको, नेपाल, श्रीलंका सहित 23 देशों के 30 संस्थानों के साथ शैक्षणिक व अनुसंधान की गतिविधियों को संयुक्त रूप से बढ़ाया जाएगा।
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इन मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा
- भविष्य में इन देशों के संस्थानों के साथ ऑनलाइन माध्यम से गतिविधियों को बढ़ाना
- विश्व स्तर पर जलवायु परिवर्तन के चलते खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल, मृदा, फसल विविधिकरण आदि को लेकर पड़ने वाले दुष्प्रभाव
- संयुक्त रूप से ऑनलाइन कोर्सों और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों को कम खर्च में ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना
- वैश्विक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की आने वाली विपदाओं से आसानी से आसानी से निपटा जा सके
इन देशों के संस्थानों के साथ बढ़ेगा मेलजोल
स्नातकोत्तर अधिष्ठाता एवं ग्रेन प्रोजेक्ट के नियंत्रण अधिकारी डॉ. अतुल ढींगड़ा ने बताया कि भारत सहित विश्व के यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील, बेल्जियम, फिलीपींस, तुर्की, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, किर्गीस्तान, चीन, इथोपिया, केन्या, बुर्किना फासो, सेनगल, घाना, मिश्र, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, अर्जेनटिना, मैक्सिको, नेपाल, श्रीलंका सहित 23 देशों के 30 संस्थानों के साथ शैक्षणिक व अनुसंधान की गतिविधियों को संयुक्त रूप से बढ़ाया जाएगा।
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