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Hisar News: महिला कबड्डी में हरियाणा टीम ने जीता स्वर्ण पदक
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हिसार। कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी मुकेश, कविता, मनीषा और नेतिकता उर्फ निक्कड़। साथ मे
हिसार। जयपुर में हुई जेएसजी (जनार्दन सिंह गहलोत) महिला युवा कबड्डी सीरिज में हरियाणा की महिला टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। हरियाणा टीम में जिले के गांव खासा महाजन से मुकेश, दड़ौली से कविता, भिवानी रोहिल्ला से मनीषा और हसनगढ़ से नेतिकता उर्फ निक्कड़ शामिल रही। इनमें से किसी बेटी ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया तो किसी बेटी ने दूसरी बार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। लीग के फाइनल में हरियाणा टीम ने हिमाचल प्रदेश की टीम को 28-21 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया है। मंगलवार को बेटियों का स्वागत किया गया। यह लीग स्वर्गीय जनार्दन सिंह गहलोत की याद में करवाई गई थी। बेटियों के पदक जीतने पर पहलवान राजेश न्योली ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बेटियाें ने कई पदक जीतकर अपने गांव और देश का नाम रोशन किया है।
खेल के दम पर हासिल की नौकरी, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना सपना
खासा महाजन की रहने वाली मुकेश बताती हैं कि वह छह साल से कबड्डी खेल रही है। खेल के दम पर पिछले साल अगस्त माह में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में हेड कांस्टेबल के पद पर नौकरी हासिल की। मुकेश ने बताया कि अब उसका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है। यह सपना भी जल्द पूरा करूंगी। मुकेश दो बार नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी हैं।
प्रो कबड्डी देख मैदान में उतरी मनीषा
भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने बताया कि वह पहले बेसबाल खेलती थी। राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक भी जीता। मगर प्रो कबड्डी देख उसने भी कबड्डी सीखने की ठान ली। वह पांच साल से कबड्डी खेल रही हैं। उसने बताया कि पहली बार उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। पहली बार में ही उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। अब मेरा सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गोल्ड मेडल जीतना है।
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खेल के दम पर हासिल की नौकरी, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना सपना
खासा महाजन की रहने वाली मुकेश बताती हैं कि वह छह साल से कबड्डी खेल रही है। खेल के दम पर पिछले साल अगस्त माह में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में हेड कांस्टेबल के पद पर नौकरी हासिल की। मुकेश ने बताया कि अब उसका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है। यह सपना भी जल्द पूरा करूंगी। मुकेश दो बार नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी हैं।
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प्रो कबड्डी देख मैदान में उतरी मनीषा
भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने बताया कि वह पहले बेसबाल खेलती थी। राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक भी जीता। मगर प्रो कबड्डी देख उसने भी कबड्डी सीखने की ठान ली। वह पांच साल से कबड्डी खेल रही हैं। उसने बताया कि पहली बार उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। पहली बार में ही उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। अब मेरा सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गोल्ड मेडल जीतना है।
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