{"_id":"d26aed8f6674983b63cc21d0fa687408","slug":"guru-jambheshwar-university-fantastic-project-plated-tip-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने शानदार प्रोजेक्ट को नहीं चढ़ाया सिरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ने शानदार प्रोजेक्ट को नहीं चढ़ाया सिरे
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Tue, 02 Sep 2014 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सालों पहले तत्कालीन वीसी डॉ. आरपी वाजपेयी ने हैदराबाद की तर्ज पर नॉलेज पार्क बनाने का सपना देखा था।
विज्ञापन
अधिकारियों के ढुलमुल रवैये की वजह से यह बड़ा प्रोजेक्ट जमीन की मंजूरी मिलने के बावजूद सिरे नहीं चढ़ सका। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने की अनुमति प्रदेश के मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दे दी थी।
विज्ञापन
कई साल बीतने के बावजूद गुजवि प्रशासन अपने नाम जमीन नहीं करवा पाया और न ही वहां पर कब्जा ले पाया। इसी के कारण प्रदेश सरकार ने दूसरे विभागों को इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा दे दिया। इस वजह से यह प्रोजेक्ट अब सदा के लिए ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सालों पहले गुजवि के कुलपति डॉ. आरपी वाजपेयी ने हैदराबाद के नॉलेज पार्क की तर्ज पर एक पार्क बनाने का सपना देखा था।
पने इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट एचएसबी के योग्य प्रोफेसरों से बनवाई थी, जिसको उन्होंने मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भेजा था और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को 2008 में पास कर दिया था।यहां तक की मुख्यमंत्री ने नॉलेज पार्क का शिलान्यास किया था, लेकिन पत्थर रखने से ज्यादा यहां पर कुछ नहीं हुआ।
डीडीएस संधू ने की थी हैदराबाद की यात्रा
गुजवि के पूर्व कुलपति डीडीएस संधू ने एचएसबी के प्रो. एनके बिश्नोई के साथ हैदराबाद के नॉलेज पार्क का दौरा किया था। दोनों विशेष रूप से नॉलेज पार्क देखने के लिए गए थे,
लेकिन इसके बाद भी नॉलेज पार्क को लेकर फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई। गुजवि के नॉलेज पार्क के लिए सरकार ने 171 एकड़ भूमि देने की हामी भरी थी। यदि नॉलेज पार्क बन जाता तो छात्रों को शोध में मदद मिलती।
नहीं दिखाई किसी ने भी गंभीरता : एसई अहलावत
एसई अशोक अहलावत ने बताया कि गुजवि प्रशासन के साथ प्रोजेक्ट इंचार्ज ने भी इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। सरकारी जमीन को नाम करवाने को लेकर बहुत मेहनत करनी पड़ती है।
लगातार सरकार से संपर्क में होेने पर ही काम बनाता है। गुजवि प्रशासन की गंभीरता नहीं होने का ही परिणाम है कि नॉलेज पार्क के सरकार से मंजूर हुई 171 एकड़ भूमि में से 40 से 50 एकड़ भूमि सरकार ने अन्य सरकारी विभागों को कुछ समय पहले ही दी है। इसी कारण गुजवि के लिए नॉलेज पार्क एक सपना बनकर रह गया है।
जमीन नाम करवाने के आए हैं आदेश : बिश्नोई
नॉलेज पार्क प्रोजेक्ट के इंचार्ज प्रो. एनके बिश्नोई ने बताया कि नॉलेज पार्क की जमीन को लेकर दो तीन महीने पहले ही नोटिस आया है। इसके तहत सरकार ने जमीन को नाम करवाने के लिए आदेश दिए हैं। इस प्रोजेक्ट से जुडे़ सारे दस्तावेज सिविल इंजीनियरिंग विभाग को भेज दिए गए हैं।
जवि प्रशासन ने कभी इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई है और इसी का परिणाम है कि आज तक यह प्रोजेक्ट लटका हुआ है।