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हिसार जिले में आचार संहिता हटने के बाद जारी होंगे गोल्डन कार्ड
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हिसार। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नए सिरे से विस्तार किया। आचार संहिता के चलते हिसार जिले में योजना का दूसरा चरण सोमवार को शुरू नहीं हो सका। योजना के पहले चरण में 4.79 लाख लोगों के कार्ड बनाए जाने थे। चार साल में 2.33 लाख (50 फीसदी) लोगों ने ही कार्ड बनवाए, जिनमें से 75 हजार लोगों ने योजना का लाभ उठाया। दूसरे चरण में करीब दो लाख नए लोग जुड़ने के आसार हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
इस योजना के तहत दो लाख से अधिक परिवार लाभार्थी होंगे। अभी तक 1 लाख 632 परिवार इसका लाभ ले चुके हैं। 75 हजार लोग अभी तक इसका फायदा उठा चुके हैं। 98 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। जिले में 73 अस्पताल योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। आयुष्मान कार्ड के पहले चरण में 23 सितंबर 2018 को जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस समय आयुष्मान विभाग के पास जिले में 4.79 लाख लोगों की लिस्ट थी जिनके आयुष्मान कार्ड बनने थे। अक्तूबर 2022 तक 2.33 लाख लोगों ने ही आयुष्मान कार्ड बनवाए। इनमें से 75 हजार लोगों ने इसका फायदा उठाते हुए 98 करोड़ रुपये का उपचार करवाया।
इनकम वेरीफाई करवानी जरूरी
दूसरे चरण में आयुष्मान योजना का 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वेतनमान पाने वाले लोगों को इसका फायदा होगा। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के होने पर ही आयुष्मान कार्ड बन पाएगा। कार्ड का लाभ उठाने के लिए इनकम वेरीफाई जरूरी है। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना परिवार पहचान पत्र के जरिये इनकम वेरीफाई करवाना जरूरी होगा। 1 लाख 80 हजार रुपये से नीचे की इनकम वेरीफाई होने के बाद आयुष्मान विभाग की तरफ से लाभार्थी को प्लास्टिक का कार्ड बना कर दिया जाएगा।
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इन अस्पतालों में मिलेगा फ्री इलाज
योजना के तहत जिले के 73 अस्पतालों में प्रमुख सुखदा अस्पताल, एसएल मिंडा मेमोरियल अस्पताल, गुप्ता अस्पताल, आधार अस्पताल, गर्ग अस्पताल, सेवक सभा अस्पताल, चूड़ामणि अस्पताल, सपरा अस्पताल, मान आई अस्पताल, गोस्वामी अस्पताल, सूर्या अस्पताल, सर्वोदय अस्पताल, होली अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल, आई अस्पताल, गीतांजलि अस्पताल, सोनाक्षी चिल्ड्रन अस्पताल, सोनी बर्न अस्पताल शामिल हैं।
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इस योजना के तहत दो लाख से अधिक परिवार लाभार्थी होंगे। अभी तक 1 लाख 632 परिवार इसका लाभ ले चुके हैं। 75 हजार लोग अभी तक इसका फायदा उठा चुके हैं। 98 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। जिले में 73 अस्पताल योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। आयुष्मान कार्ड के पहले चरण में 23 सितंबर 2018 को जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस समय आयुष्मान विभाग के पास जिले में 4.79 लाख लोगों की लिस्ट थी जिनके आयुष्मान कार्ड बनने थे। अक्तूबर 2022 तक 2.33 लाख लोगों ने ही आयुष्मान कार्ड बनवाए। इनमें से 75 हजार लोगों ने इसका फायदा उठाते हुए 98 करोड़ रुपये का उपचार करवाया।
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इनकम वेरीफाई करवानी जरूरी
दूसरे चरण में आयुष्मान योजना का 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वेतनमान पाने वाले लोगों को इसका फायदा होगा। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के होने पर ही आयुष्मान कार्ड बन पाएगा। कार्ड का लाभ उठाने के लिए इनकम वेरीफाई जरूरी है। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना परिवार पहचान पत्र के जरिये इनकम वेरीफाई करवाना जरूरी होगा। 1 लाख 80 हजार रुपये से नीचे की इनकम वेरीफाई होने के बाद आयुष्मान विभाग की तरफ से लाभार्थी को प्लास्टिक का कार्ड बना कर दिया जाएगा।
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इन अस्पतालों में मिलेगा फ्री इलाज
योजना के तहत जिले के 73 अस्पतालों में प्रमुख सुखदा अस्पताल, एसएल मिंडा मेमोरियल अस्पताल, गुप्ता अस्पताल, आधार अस्पताल, गर्ग अस्पताल, सेवक सभा अस्पताल, चूड़ामणि अस्पताल, सपरा अस्पताल, मान आई अस्पताल, गोस्वामी अस्पताल, सूर्या अस्पताल, सर्वोदय अस्पताल, होली अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल, आई अस्पताल, गीतांजलि अस्पताल, सोनाक्षी चिल्ड्रन अस्पताल, सोनी बर्न अस्पताल शामिल हैं।