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20 माह बाद जीजेयू गुलजार, पहला दिन हॉस्टल ने थकाया
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हिसार- जीजेयू के सभागार में हरियाणवी सांझ कार्यक्रम में राती जोगा यानी महिला संगीत कार्यक्रम क?
- फोटो : Hisar
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हिसार। 20 महीने बाद सोमवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की चहलपहल नजर आई। कोविड काल के बाद पहली बार विश्वविद्यालय को पूरी तरह से खोला गया है। सुबह से विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों का आना-जाना लगा रहा। विद्यार्थियों के चेहरों पर विश्वविद्यालय खुलने की खुशी देखते ही बन रही थी। पहले दिन विद्यार्थी हॉस्टल के लिए भागदौड़ करते नजर आए। बता दें कि विवि प्रशासन ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले विद्यार्थियों को ही हॉस्टल देने का फैसला लिया है।
पहले दिन नाममात्र कक्षाएं ही लगीं और विद्यार्थी कैंटीन में चाय पीने और हॉस्टल लेने में अधिक व्यस्त रहे। शाम 4 बजे बैंक बंद होने के बाद अभिभावक विद्यार्थियों की हॉस्टल फीस ही जमा नहीं करवा पाए। ऐसे में दूर-दराज से आए विद्यार्थी और अभिभावक परेशान दिखे।
बेटी गैल सबेरे ही आ गई थी, बेरा नी हॉस्टल मिला कै नी...
चरखी दादरी से आई महिला ने बताया कि वे सुबह 8 बजे यहां पहुंचे थे। बेटी आशा का बीपीटी में दाखिला हुआ है, लेकिन सुबह से हॉस्टल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कभी कहीं तो कभी कहीं भेज रहे हैं। अभी चार बज गए, पता नहीं शाम तक हॉस्टल मिलेगा या नहीं।
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मैं पहली बार विश्वविद्यालय में आई हूं। काफी दिनों से विवि खुलने का इंतजार कर रहे थे और अपने दोस्तों से भी नहीं मिल पा रहे थे। अब दोस्तों से मिले हैं और हम बहुत उत्साहित हैं
- इशिका, प्रथम वर्ष, बीएससी डाटा साइंस
खुशी इतनी है कि बता नहीं सकते। घर रहकर बोर हो रहे थे। 2 वर्षों से ऑनलाइन कक्षाएं लगानी पड़ रही थी। ऐसा लग रहा था कि विवि की लाइफ जी ही नहीं पाएंगे। अब विवि खुलने पर हम बेहद उत्साहित हैं।
-अक्षिता, बीएससी साइकोलॉजी
करीब डेढ़ वर्ष बाद विवि खुल रहा है। हम बेहद उत्साहित हैं। आज पहला दिन था तो दोस्तों से मिलने में ही रह गए, कक्षाएं नहीं लगा पाए। कल से मस्ती के साथ-साथ पढ़ाई शुरू करेंगे।
- रोहित, बीएससी गणित
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पहले दिन नाममात्र कक्षाएं ही लगीं और विद्यार्थी कैंटीन में चाय पीने और हॉस्टल लेने में अधिक व्यस्त रहे। शाम 4 बजे बैंक बंद होने के बाद अभिभावक विद्यार्थियों की हॉस्टल फीस ही जमा नहीं करवा पाए। ऐसे में दूर-दराज से आए विद्यार्थी और अभिभावक परेशान दिखे।
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बेटी गैल सबेरे ही आ गई थी, बेरा नी हॉस्टल मिला कै नी...
चरखी दादरी से आई महिला ने बताया कि वे सुबह 8 बजे यहां पहुंचे थे। बेटी आशा का बीपीटी में दाखिला हुआ है, लेकिन सुबह से हॉस्टल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कभी कहीं तो कभी कहीं भेज रहे हैं। अभी चार बज गए, पता नहीं शाम तक हॉस्टल मिलेगा या नहीं।
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मैं पहली बार विश्वविद्यालय में आई हूं। काफी दिनों से विवि खुलने का इंतजार कर रहे थे और अपने दोस्तों से भी नहीं मिल पा रहे थे। अब दोस्तों से मिले हैं और हम बहुत उत्साहित हैं
- इशिका, प्रथम वर्ष, बीएससी डाटा साइंस
खुशी इतनी है कि बता नहीं सकते। घर रहकर बोर हो रहे थे। 2 वर्षों से ऑनलाइन कक्षाएं लगानी पड़ रही थी। ऐसा लग रहा था कि विवि की लाइफ जी ही नहीं पाएंगे। अब विवि खुलने पर हम बेहद उत्साहित हैं।
-अक्षिता, बीएससी साइकोलॉजी
करीब डेढ़ वर्ष बाद विवि खुल रहा है। हम बेहद उत्साहित हैं। आज पहला दिन था तो दोस्तों से मिलने में ही रह गए, कक्षाएं नहीं लगा पाए। कल से मस्ती के साथ-साथ पढ़ाई शुरू करेंगे।
- रोहित, बीएससी गणित

आए तेलन तेल, म्हारे रहे चमेली का तेल स...तेई ए तेलण म्हार चमेली का तेल स.... हिसार- जीजेयू के सभागार में - फोटो : Hisar