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Hisar News: जीजेयू को 19 शोध परियोजनाएं, 3.83 करोड़ रुपये का अनुदान, हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद ने दी मंजूरी
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से 19 शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन परियोजनाओं के लिए विश्वविद्यालय को करीब 3.83 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। सोमवार को कुलपति नरसी राम बिश्नोई ने शिक्षकों और शोधार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।
कुलपति नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि किसी भी शिक्षक की पहचान उसके शोध कार्य से होती है और शोध का उद्देश्य समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीजेयू में उच्चस्तरीय शोध की सुदृढ़ परंपरा के कारण प्रदेश में सर्वाधिक शोध परियोजनाएं विश्वविद्यालय को मिली हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
कुलसचिव विजय कुमार ने विश्वास जताया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी होंगी। कार्यक्रम में शैक्षणिक मामलों के डीन योगेश चाबा, स्नेहलता, सुजाता सांघी और अलका शर्मा भी उपस्थित रहीं। शोध परियोजनाओं के स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वालों में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के नीरज दिलबागी और सपना ग्रेवाल, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के राजीव कुमार, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की सुनीता बेनीवाल व फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग की अर्चना कपूर शामिल हैं। इसके अलावा शोधार्थियों में सोबित, प्रीति, नवदीप पूनिया, अनिल, वासुदेव और मुकेश को भी परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
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शोध का महत्व और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुदान आवंटन के दौरान जीजेयू के शैक्षणिक और शोध वातावरण की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं शोधार्थियों को अधिक से अधिक शोध परियोजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शोध कार्यों के लिए सरकार की ओर से अनुदान की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और ये परियोजनाएं विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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कुलपति नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि किसी भी शिक्षक की पहचान उसके शोध कार्य से होती है और शोध का उद्देश्य समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीजेयू में उच्चस्तरीय शोध की सुदृढ़ परंपरा के कारण प्रदेश में सर्वाधिक शोध परियोजनाएं विश्वविद्यालय को मिली हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
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कुलसचिव विजय कुमार ने विश्वास जताया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी होंगी। कार्यक्रम में शैक्षणिक मामलों के डीन योगेश चाबा, स्नेहलता, सुजाता सांघी और अलका शर्मा भी उपस्थित रहीं। शोध परियोजनाओं के स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वालों में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के नीरज दिलबागी और सपना ग्रेवाल, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के राजीव कुमार, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की सुनीता बेनीवाल व फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग की अर्चना कपूर शामिल हैं। इसके अलावा शोधार्थियों में सोबित, प्रीति, नवदीप पूनिया, अनिल, वासुदेव और मुकेश को भी परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
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शोध का महत्व और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुदान आवंटन के दौरान जीजेयू के शैक्षणिक और शोध वातावरण की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं शोधार्थियों को अधिक से अधिक शोध परियोजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शोध कार्यों के लिए सरकार की ओर से अनुदान की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और ये परियोजनाएं विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।