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Hisar News: तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों का फाउंडेशनल लर्निंग आकलन 6 से, 34 विद्यालय चयनित
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हिसार। जिले में 6 से 8 मई तक तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी के तहत आकलन सर्वे आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस अध्ययन के लिए जिले के सरकारी और निजी क्षेत्र के कुल 34 विद्यालयों का चयन किया गया है।
सर्वे की तैयारियों को लेकर डाइट मात्रश्याम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राम रतन ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस अध्ययन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता का आकलन करना है। यह अध्ययन देशभर के सभी राज्यों और जिलों में एक साथ संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित विद्यालयों में सर्वे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराया जाए। डाइट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने इसे भविष्य की शैक्षिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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एनसीईआरटी की ओर से प्रोफेसर इंद्राणी भादुड़ी के नेतृत्व में अध्ययन किया जा रहा है, जबकि एससीईआरटी गुरुग्राम से डॉ. मनोज शर्मा मार्गदर्शन दे रहे हैं। प्रत्येक चयनित विद्यालय से सत्र 2025-26 की तीसरी कक्षा के अधिकतम 12 विद्यार्थियों का चयन निर्धारित मानदंड के अनुसार किया जाएगा।
इस बार आकलन की पूरी प्रक्रिया फील्ड इन्वेस्टिगेटर द्वारा टैब के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए जिले के बीआरपी और एबीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
अध्ययन के जिला समन्वयक रजत बामल और प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में ऑब्जर्वर की नियुक्ति सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन भविष्य की शिक्षा नीतियों और योजनाओं के निर्माण का आधार बनेगा, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।
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सर्वे की तैयारियों को लेकर डाइट मात्रश्याम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राम रतन ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस अध्ययन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता का आकलन करना है। यह अध्ययन देशभर के सभी राज्यों और जिलों में एक साथ संचालित किया जा रहा है।
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उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित विद्यालयों में सर्वे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराया जाए। डाइट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने इसे भविष्य की शैक्षिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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एनसीईआरटी की ओर से प्रोफेसर इंद्राणी भादुड़ी के नेतृत्व में अध्ययन किया जा रहा है, जबकि एससीईआरटी गुरुग्राम से डॉ. मनोज शर्मा मार्गदर्शन दे रहे हैं। प्रत्येक चयनित विद्यालय से सत्र 2025-26 की तीसरी कक्षा के अधिकतम 12 विद्यार्थियों का चयन निर्धारित मानदंड के अनुसार किया जाएगा।
इस बार आकलन की पूरी प्रक्रिया फील्ड इन्वेस्टिगेटर द्वारा टैब के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए जिले के बीआरपी और एबीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
अध्ययन के जिला समन्वयक रजत बामल और प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में ऑब्जर्वर की नियुक्ति सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन भविष्य की शिक्षा नीतियों और योजनाओं के निर्माण का आधार बनेगा, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।