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नरवाना ब्रांच में धरौदी माइनर जोड़े जाने पर संयुक्त जल संघर्ष समिति ने जताई नाराजगी
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नरवाना ब्रांच में धरौदी माइनर जोड़े जाने के विरोध में डीसी को ज्ञापन सौंपता संयुक्त जल संघर्ष सम?
- फोटो : Hisar
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संयुक्त जल संघर्ष समिति ने नरवाना ब्रांच में धरौदी और धमतान फीडर को अवैध रूप से जोड़े जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस मुद्दे को लेकर संयुक्त जल संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को संयुक्त जल संघर्ष समिति ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन एवं हिसार के उपायुक्त से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त जल संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुरड़ाराम नंबरदार ने किया।
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खनौरी हेड से हिसार जिले के लिए 1500 क्यूसेक पानी भाखड़ा सिस्टम से दिया गया था। इसके लिए किसानों ने वाटर मैंट टैक्स भी अदा किया था। यह पानी बडनपुर हेड तक बंद नहर द्वारा आता था और जिले के लिए सिंचाई व पीने के पानी के लिए नहर बनाई गई थी, लेकिन पूर्व की सरकारों ने अवैध रूप से माइनर तोड़कर 1500 क्यूसेक पानी को कम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिसार के किसानों के हिस्से का पानी राजनीति की भेंट चढ़ गया है। अब भाजपा सरकार द्वारा भी धरौदी माइनर को जोड़ा जा रहा है, जो सरासर गलत है। इसमें धमतान फीडर पहले से ही अवैध तौर पर जोड़ा गया है, जोकि पहले से हमेशा यमुना द्वारा सिंचित है और अब दोनों ओर से पानी लेना चाहते हैं, जो सरासर गलत है। अगर इन फीडरों से पानी इस नहर से दिया जाता है तो पानी खनौरी हेड से इनका पानी लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि इस समस्या पर जल्द संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
डीसी से कार्रवाई की मांग: प्रतिनिधिमंडल ने बालसमंद-बरवाला ब्रांच की क्षमता को रिवाइज करके री-मॉडलिंग करने, न्यू सिवानी फीडर को दोबारा बनाने व बरसाती सीजन में न्यू सिवानी फीडर से व पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी द्वारा बरसाती सीजन का पानी न्यू सिवानी फीडर में डालने तथा सिरसा ब्रांच द्वारा ढाकल हेड से पानी देने की मांग डीसी से की। डीसी ने कहा कि बरवाला, बालसमंद व न्यू सिवानी फीडर की कैपेस्टी रिवाइज करके री-मॉडलिंग के लिए स्टेट टेक्निकल कमेटी से मंजूर हो चुकी है और इसी सप्ताह दोबारा एसटीसी में इसका एस्टीमेट चला जाएगा, जिसके बाद यह टेंडर प्रक्रिया में आ जाएगा।
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ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल: ज्ञापन सौंपने वालों में समिति महासचिव सतबीर सिंह पूनिया, बिजेंद्र सिंह बेनीवाल, मास्टर सतबीर सिंह, अनिल लौरा, दिलबाग हुड्डा, गुलाब सिंह रावलवास, हवासिंह हिंदवान, सुरेंद्र आर्य धीरणवास, रणसिंह सरसाना, भूप बासड़ा, बलवंत नंबरदार, बनवारी मेंबर, जगदीश सीसवाला, बलराज मंगाली, मास्टर बीरबल सुंडावास, ओमप्रकाश भेरियां, ईश्वर मुकलान, निहाल सिंह आर्यनगर, रामबीर न्योलीकलां, दलबीर भिवानी रोहिल्ला, सूबेसिंह किरतान, वीरेंद्र बुड़ाक, सतबीर झाझडिय़ा, पृथ्वी धायल खारिया आदि शामिल थे।
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उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खनौरी हेड से हिसार जिले के लिए 1500 क्यूसेक पानी भाखड़ा सिस्टम से दिया गया था। इसके लिए किसानों ने वाटर मैंट टैक्स भी अदा किया था। यह पानी बडनपुर हेड तक बंद नहर द्वारा आता था और जिले के लिए सिंचाई व पीने के पानी के लिए नहर बनाई गई थी, लेकिन पूर्व की सरकारों ने अवैध रूप से माइनर तोड़कर 1500 क्यूसेक पानी को कम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिसार के किसानों के हिस्से का पानी राजनीति की भेंट चढ़ गया है। अब भाजपा सरकार द्वारा भी धरौदी माइनर को जोड़ा जा रहा है, जो सरासर गलत है। इसमें धमतान फीडर पहले से ही अवैध तौर पर जोड़ा गया है, जोकि पहले से हमेशा यमुना द्वारा सिंचित है और अब दोनों ओर से पानी लेना चाहते हैं, जो सरासर गलत है। अगर इन फीडरों से पानी इस नहर से दिया जाता है तो पानी खनौरी हेड से इनका पानी लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि इस समस्या पर जल्द संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
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डीसी से कार्रवाई की मांग: प्रतिनिधिमंडल ने बालसमंद-बरवाला ब्रांच की क्षमता को रिवाइज करके री-मॉडलिंग करने, न्यू सिवानी फीडर को दोबारा बनाने व बरसाती सीजन में न्यू सिवानी फीडर से व पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी द्वारा बरसाती सीजन का पानी न्यू सिवानी फीडर में डालने तथा सिरसा ब्रांच द्वारा ढाकल हेड से पानी देने की मांग डीसी से की। डीसी ने कहा कि बरवाला, बालसमंद व न्यू सिवानी फीडर की कैपेस्टी रिवाइज करके री-मॉडलिंग के लिए स्टेट टेक्निकल कमेटी से मंजूर हो चुकी है और इसी सप्ताह दोबारा एसटीसी में इसका एस्टीमेट चला जाएगा, जिसके बाद यह टेंडर प्रक्रिया में आ जाएगा।
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ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल: ज्ञापन सौंपने वालों में समिति महासचिव सतबीर सिंह पूनिया, बिजेंद्र सिंह बेनीवाल, मास्टर सतबीर सिंह, अनिल लौरा, दिलबाग हुड्डा, गुलाब सिंह रावलवास, हवासिंह हिंदवान, सुरेंद्र आर्य धीरणवास, रणसिंह सरसाना, भूप बासड़ा, बलवंत नंबरदार, बनवारी मेंबर, जगदीश सीसवाला, बलराज मंगाली, मास्टर बीरबल सुंडावास, ओमप्रकाश भेरियां, ईश्वर मुकलान, निहाल सिंह आर्यनगर, रामबीर न्योलीकलां, दलबीर भिवानी रोहिल्ला, सूबेसिंह किरतान, वीरेंद्र बुड़ाक, सतबीर झाझडिय़ा, पृथ्वी धायल खारिया आदि शामिल थे।