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ढंढूर में कचरे का पहाड़ 31 मार्च तक कराएं खत्म
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जिला पर्यावरण प्रबंधन योजना की समीक्षा करते एनजीटी निगरानी कमेटी के चेयरमैन प्रीतम पाल।
- फोटो : Hisar
हिसार। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की निगरानी कमेटी के चेयरमैन एवं पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश प्रीतम पाल मंगलवार को शहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिला पर्यावरण प्रबंधन योजना की समीक्षा की। कमेटी चेयरमैन ने ढंढूर में लगे कचरे के पहाड़ को खत्म करने की गति धीमी होने की बात कहते हुए 31 मार्च तक कार्य को पूरा करने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने बल्क वेस्ट जनरेट करने वाले संस्थानों को अपने स्तर ही कचरे का निष्पादन करने और ई वेस्ट के लिए एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट करने को कहा।
इस दौरान कमेटी चेयरमैन प्रीतम पाल व तकनीकी विशेषज्ञ बाबू लाल ने मुधबन पार्क में बनाए गए एमआरएफ, नागरिक अस्पताल व जिंदल अस्पताल का निरीक्षण किया। नागरिक अस्पताल में उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान की व्यवस्था देखी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से एसटीपी लगाने बारे भी कहा। नगर निगम आयुक्त राहुल हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, मुख्य अभियंता रामजी लाल, जिला परिषद के सीईओ प्रीतपाल, जिला वन अधिकारी पवन ग्रोवर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी, बलविंद्र नैन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. तरुण सहित आदि मौजूद रहे।
31 दिसंबर तक सभी निकाय सीएंडडी वेस्ट के लिए जगह करें फाइनल
बैठक में निगम अधिकारियों से डोर टू डोर कचरे एकत्रित करने, कचरे एकत्रित करने वाले वाहनों की संख्या, कचरे के सेग्रीगेशन, शहर के प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की मात्रा, लैंडफिल साइट, एमआरएफ सेंटर व उनकी संख्या, कलस्टर लेवल सॉलिड वेस्ट प्लांट आदि की रिपोर्ट मांगी। वहीं उन्होंने कुछ निर्देश भी दिए, जिनमें 100 प्रतिशत डोर टू डोर कचरा एकत्रित हो, बल्क वेस्ट जनरेटर खुद ही कचरे का निपटान करें, कूड़ा बीनने वालों को पंजीकृत करो व उनकी मदद लो, बड़े संस्थान ई वेस्ट के निपटान के लिए सीधे ही एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट करें, एनजीओ की भी मदद लें, सीएंडडी वेस्ट के लिए 31 दिसंबर तक सभी निकाय जगह फाइनल करें, लीगेस वेस्ट का 31 मार्च 2023 तक निपटान किया जाए, प्लास्टिक वेस्ट के निपटान के लिए सीधा कंपनियों के साथ एग्रीमेंट करें व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालने के साइन बोर्ड लगाएं।
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कृषि के लिए इस्तेमाल हो एसटीपी का पानी
इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि आपके कितने एसटीपी हैं, कितने वर्किंग में हैं व कितना पानी ट्रीट किया जा रहा है। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों में सीवर पानी के ट्रीटमेंट की क्या व्यवस्था है। अवैध कॉलोनियों को लेकर अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार वह अवैध कॉलोनी में सीवर कनेक्शन उपलब्ध नहीं करवा सकते। कमेटी के चेयरमैन ने कहा कि विभाग एसटीपी से निकलने वाली पानी का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए करें। साथ ही रोड स्वीपिंग मशीन में इस पानी का उपयोग करें।
वायु व ध्वनि प्रदूषण पर विशेष ध्यान रखें
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से दिशा निर्देश देते हुए कहा कि आप फैक्टरियों द्वारा फैलाए जाने पर प्रदूषण का विशेष ध्यान रखें और ऐसी फैक्टरियों पर कार्रवाई करें। इसके अलावा वायु व ध्वनि प्रदूषण पर भी नजर रखें।
हाईवे व रेल पटरियों के किनारे कूड़ा डालने वालों पर हो कार्रवाई
चेयरमैन प्रीतम पाल ने कहा कि हाईवे व रेल पटरियों के किनारे कूड़ा पड़ा रहता है। मार्गों के आस-पास कूड़ा-कचरा डालना गैर-कानूनी है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने राजमार्गों के साथ लगते ढाबों एवं बैंक्वेट हॉल पर भी नजर रखने की हिदायत दी। साथ ही इसके लिए नगर निगम व डीआरडीए को एक्शन प्लान तैयार के आदेश दिए।
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इस दौरान कमेटी चेयरमैन प्रीतम पाल व तकनीकी विशेषज्ञ बाबू लाल ने मुधबन पार्क में बनाए गए एमआरएफ, नागरिक अस्पताल व जिंदल अस्पताल का निरीक्षण किया। नागरिक अस्पताल में उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान की व्यवस्था देखी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से एसटीपी लगाने बारे भी कहा। नगर निगम आयुक्त राहुल हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, मुख्य अभियंता रामजी लाल, जिला परिषद के सीईओ प्रीतपाल, जिला वन अधिकारी पवन ग्रोवर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी, बलविंद्र नैन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. तरुण सहित आदि मौजूद रहे।
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31 दिसंबर तक सभी निकाय सीएंडडी वेस्ट के लिए जगह करें फाइनल
बैठक में निगम अधिकारियों से डोर टू डोर कचरे एकत्रित करने, कचरे एकत्रित करने वाले वाहनों की संख्या, कचरे के सेग्रीगेशन, शहर के प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की मात्रा, लैंडफिल साइट, एमआरएफ सेंटर व उनकी संख्या, कलस्टर लेवल सॉलिड वेस्ट प्लांट आदि की रिपोर्ट मांगी। वहीं उन्होंने कुछ निर्देश भी दिए, जिनमें 100 प्रतिशत डोर टू डोर कचरा एकत्रित हो, बल्क वेस्ट जनरेटर खुद ही कचरे का निपटान करें, कूड़ा बीनने वालों को पंजीकृत करो व उनकी मदद लो, बड़े संस्थान ई वेस्ट के निपटान के लिए सीधे ही एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट करें, एनजीओ की भी मदद लें, सीएंडडी वेस्ट के लिए 31 दिसंबर तक सभी निकाय जगह फाइनल करें, लीगेस वेस्ट का 31 मार्च 2023 तक निपटान किया जाए, प्लास्टिक वेस्ट के निपटान के लिए सीधा कंपनियों के साथ एग्रीमेंट करें व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालने के साइन बोर्ड लगाएं।
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कृषि के लिए इस्तेमाल हो एसटीपी का पानी
इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि आपके कितने एसटीपी हैं, कितने वर्किंग में हैं व कितना पानी ट्रीट किया जा रहा है। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों में सीवर पानी के ट्रीटमेंट की क्या व्यवस्था है। अवैध कॉलोनियों को लेकर अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार वह अवैध कॉलोनी में सीवर कनेक्शन उपलब्ध नहीं करवा सकते। कमेटी के चेयरमैन ने कहा कि विभाग एसटीपी से निकलने वाली पानी का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए करें। साथ ही रोड स्वीपिंग मशीन में इस पानी का उपयोग करें।
वायु व ध्वनि प्रदूषण पर विशेष ध्यान रखें
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से दिशा निर्देश देते हुए कहा कि आप फैक्टरियों द्वारा फैलाए जाने पर प्रदूषण का विशेष ध्यान रखें और ऐसी फैक्टरियों पर कार्रवाई करें। इसके अलावा वायु व ध्वनि प्रदूषण पर भी नजर रखें।
हाईवे व रेल पटरियों के किनारे कूड़ा डालने वालों पर हो कार्रवाई
चेयरमैन प्रीतम पाल ने कहा कि हाईवे व रेल पटरियों के किनारे कूड़ा पड़ा रहता है। मार्गों के आस-पास कूड़ा-कचरा डालना गैर-कानूनी है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने राजमार्गों के साथ लगते ढाबों एवं बैंक्वेट हॉल पर भी नजर रखने की हिदायत दी। साथ ही इसके लिए नगर निगम व डीआरडीए को एक्शन प्लान तैयार के आदेश दिए।