फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Few hours left for election campaign, all are claiming their victory

चुनाव प्रचार के चंद घंटे शेष, सभी कर रहे अपनी जीत का दावा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Few hours left for election campaign, all are claiming their victory
हांसी। नगर परिषद चुनाव के लिए दो दिन ही शेष बचे हैं। प्रचार के लिए चंद घंटों का समय बचा है। नगर परिषद से 7 उम्मीदवार प्रधानी का चुनाव लड़ रहेे हैं और पहली बार निकाय चेयरमैन को सीधे शहर की जनता चुनने जा रही है। सभी सातों उम्मीदवार चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं, मगर चेयरमैन की कुर्सी पर कौन बैठेगा यह तो जनता ही तय करेगी।
विज्ञापन

भारतीय जनता पार्टी से चेयरपर्सन पद की उम्मीदवार मीनू सेठी ने पहली बार राजनीति में कदम रखा है। आम आदमी पार्टी से यशपाल चेयरमैन पद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनका राजनीति में कोई अनुभव नहीं है। 62 वर्ष की उम्र में पहली बार राजनीति में कदम रखा है। इससे पहले उन्होंने 36 वर्ष सरकारी नौकरी में अपनी सेवा दी।
विज्ञापन

नगर परिषद से पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि व पूर्व पार्षद रिंकू सैनी 20 वर्षों से राजनीति में हैं और उनकी पकड़ क्षेत्र के लोगों में काफी मानी जाती है। पिछड़ा वर्ग सहित अन्य समाज के लोगों में भी उनका अच्छा खासा प्रभाव बना हुआ है। हरिराम सैनी बहुजन समाजवादी पार्टी से चेयरमैन की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह वार्ड 2 से तीन बार लगातार पार्षद रह चुके हैं और उन्होंने 2019 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इसमें वह 6726 वोट लेकर हांसी में चौथे स्थान पर रहे। हरिराम सैनी को राजनीति का पूरा अनुभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रवीण एलावादी खुद और पत्नी रही चुकी चेयरपर्सन
आजाद उम्मीदवार के रूप में चेयरमैन का चुनाव लड़ रहे प्रवीण एलावादी जो स्वयं दो बार नगर परिषद चेयरमैन बन चुके हैं और एक बार उनकी धर्मपत्नी चेयरपर्सन रह चुकी हैं। वहीं प्रवीण एलावादी अपने वार्ड से लगातार पांच बार पार्षद रह चुके हैं। प्रवीण एलावादी को राजनीति का पूर्ण अनुभव हैं और वहीं उनकी धर्मपत्नी पूनम एलावादी वार्ड 22 से पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं। इनेलो ने योगेश सांगवान को चुनावी मैदान में उतारा है। इससे पहले भी वह पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं मगर उसको हार का सामना करना पड़ा था। योगेश को राजनीति का दस वर्षों का अनुभव है। वहीं आजाद उम्मीदवार अजय कुमार ने चेयरमैन के लिए ताल ठोकी है। अजय कुमार को समाजसेवी के रूप में जाना जाता है। उनकी साफ छवि ही उनकी पहचान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed