फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Farmers Day celebration organized at Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University

किसान दिवस: कृषि मंत्री की किसानों को सलाह- खुद के लिए प्राकृतिक खेती, रोजगार के लिए पशुपालन, मत्स्य पालन करें

Fri, 23 Dec 2022 08:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 23 Dec 2022 08:55 PM IST
सार

चौधरी चरण सिंह की जयंती पर एचएयू में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें कृषि मंत्री जेपी दलाल  बोले कि मछली पालन में 10 हजार किसानों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

विज्ञापन
Farmers Day celebration organized at Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में किसान दिवस समारोह का आयोजन किया गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हर किसान अपने भोजन के अनाज के लिए प्राकृतिक खेती जरूर करे। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर इसकी जानकारी अपडेट करने वाले किसानों को देसी गाय खरीदने के लिए 25 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। जोत छोटी हो रही है, इसलिए रोजगार के लिए पशुपालन के साथ-साथ मत्स्य पालन भी करें।
विज्ञापन


मत्स्य पालन में 10 हजार रोजगार की संभावनाएं हैं। सरकार बाजरे की विश्व स्तरीय मार्केटिंग कर रही है, जल्दी ही इसकी मांग भी गेहूं जैसी हो जाएगी। यह कहना है प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल का। वे शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 
विज्ञापन


कृषि मंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम मिला है। हमारे यहां ही किसानों से सबसे ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद हो रही है। प्रदेश में मछली पालन के व्यवसाय में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 हजार किसानों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। हरे चारे का उत्पादन बढ़ाने के लिए 50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है। किसानों की जोत छोटी होती जा रही है। इसलिए खेती में नवीन तकनीकों का प्रयोग जरूरी है। कृषकों को अब संगठित खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पर सरकार की तरफ से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। 

कम पानी में उगाई जाने वाली किस्में कर रहे विकसित : प्रो. कांबोज
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर एक एकड़ प्राकृतिक खेती का मॉडल प्रदर्शन प्रक्षेत्र स्थापित किया जा चुका है। विश्वविद्यालय फसलों की गुणवत्ता बढ़ाने, कम पानी में उगाई जाने वाली किस्में विकसित करने व बदलते जलवायु के प्रति सहनशील किस्में भी विकसित कर रहा है। बाजरे की बायो फोर्टिफाइड किस्म व ज्वार की संकर किस्म के अलावा कपास, आलू, गन्ना, मक्का आदि फसलों में सूक्ष्म सिंचाई, जैविक व प्राकृतिक खेती की कृषि पद्घतियों को विकसित किया जा रहा है।


अनुसंधान निदेशक डॉ. जीतराम शर्मा ने सरसों की नई प्रजातियों की विशेषता समेत विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाई। कार्यक्रम के अंत में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने सिरसा के गांव झोरड़नाली गांव के किसान मुकेश को किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रदेश भर के 40 किसानों को भी सम्मानित किया गया। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने सभी का स्वागत और कृषि अधिष्ठाता डॉ. एसके पाहुजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 


विधायकों को खिलाएंगे मोटे अनाज का व्यंजन
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2023 को मोटे अनाज का वर्ष घोषित कर रखा है। मोटे अनाज में स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाले प्रोटीन, आयरन, फाइबर मिलते हैं। गेहूं व चावल से पहले लोग बाजरा व अन्य मोटे अनाज खाते थे। अब इसकी वैश्विक मार्केटिंग की जा रही है। जल्दी ही विधानसभा में सभी विधायकों को मोटे अनाज से बने व्यंजनों की दावत दी जाएगी। मोटे अनाज की ब्रांडिंग होते ही यह भी गेहूं जैसा ही कीमती हो जाएगा। इसका लाभ किसानों को ही मिलेगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed