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Hisar News: कपास की क्रॉप कटिंग में देरी व खाद किल्लत पर किसानों में रोष
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बरवाला। कपास की क्रॉप कटिंग में देरी और डीएपी-यूरिया की किल्लत पर संयुक्त किसान-मजदूर बाडो पट्टी टोल कमेटी ने सोमवार को किसान विश्राम गृह में बैठक की। मा. धूप सिंह भयाण की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किसानों ने एसडीएम बरवाला के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा ने लिया।
टोल कमेटी अध्यक्ष सरदानंद राजली ने कहा कि हर वर्ष अगस्त तक कपास की क्रॉप कटिंग शुरू हो जाती है। इस बार फसल तैयार होने और पहली चुगाई के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। मौसम और नए बीजों के कारण कपास समय से पहले पक गई है। ऐसे में किसानों के लिए चुगाई रोकना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग में देरी से बाद में बीमा कंपनियां किसानों के दावों पर आपत्ति लगा सकती हैं। प्रशासन को समय रहते व्यवस्था करनी चाहिए। किसानों ने मांग की कि क्रॉप कटिंग से पहले संबंधित गांव के सरपंच, नंबरदार और चयनित किसानों को अनिवार्य रूप से सूचना दी जाए।
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किसानों ने डीएपी और यूरिया की किल्लत पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि सभी बैंक और खाद विक्रेता प्रतिदिन उपलब्ध खाद का स्टॉक डिस्प्ले बोर्ड पर सार्वजनिक करें। कृषि अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं। किसानों ने कहा कि इससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी और उन्हें दुकानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कमेटी ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 8 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल दोबारा एसडीएम से मिलेगा और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगा।
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टोल कमेटी अध्यक्ष सरदानंद राजली ने कहा कि हर वर्ष अगस्त तक कपास की क्रॉप कटिंग शुरू हो जाती है। इस बार फसल तैयार होने और पहली चुगाई के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। मौसम और नए बीजों के कारण कपास समय से पहले पक गई है। ऐसे में किसानों के लिए चुगाई रोकना संभव नहीं है।
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उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग में देरी से बाद में बीमा कंपनियां किसानों के दावों पर आपत्ति लगा सकती हैं। प्रशासन को समय रहते व्यवस्था करनी चाहिए। किसानों ने मांग की कि क्रॉप कटिंग से पहले संबंधित गांव के सरपंच, नंबरदार और चयनित किसानों को अनिवार्य रूप से सूचना दी जाए।
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किसानों ने डीएपी और यूरिया की किल्लत पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि सभी बैंक और खाद विक्रेता प्रतिदिन उपलब्ध खाद का स्टॉक डिस्प्ले बोर्ड पर सार्वजनिक करें। कृषि अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं। किसानों ने कहा कि इससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी और उन्हें दुकानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कमेटी ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 8 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल दोबारा एसडीएम से मिलेगा और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगा।