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परिजनों का आरोप, जिले सिंह का शव नहीं दे रही पुलिस
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नागरिक अस्पताल में रोष जाहिर करते मृतक जिले सिंह के परिजन व संगठन सदस्य।
- फोटो : Hisar
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हिसार/बरवाला। ढाणी गारण निवासी जिले सिंह प्रजापति के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शनिवार को तीसरे दिन भी परिजनों ने नागरिक अस्पताल में धरना दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस प्रशासन मृतक जिले सिंह का शव उन्हें नहीं लौटा रहा, जबकि पुलिस का कहना था कि परिजनों ने ही कहा है आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले वे दाह संस्कार नहीं करेंगे। शव फिलहाल नागरिक अस्पताल के शवगृह में ही रखा हुआ है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने इस मामले में 30 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया है।
मृतक के बेटे श्याम सुंदर ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वह शव को ले जाकर गांव में धरना स्थल पर रखकर रोष करेंगे, लेकिन पुलिस प्रशासन उन्हें शव नहीं लौटा रहा। पुलिस कोरोना संक्रमित घोषित करने का प्रयास कर रही थी, जिसको लेकर शव का कोरोना टेस्ट भी करवाया गया था। हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आई है। ग्रामीणों की ओर से नागरिक अस्पताल में किसी तरह का हंगामा न किया जाए, इसको लेकर शनिवार को भी डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
संघर्ष समिति ने कहा- आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही होगा अंतिम संस्कार
बरवाला। जिले सिंह की हत्या के मामले में शनिवार को भी ढाणी गारण गांव में आसपास के गांवों के महिला-पुरुष धरने पर बैठे। इस दौरान धरनारत लोगों ने संघर्ष समिति का गठन किया, जिसमें 30 लोगों को शामिल किया गया। चुने गए सदस्यों की अलग से एक बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। समिति में विधायक जोगीराम सिहाग, कांग्रेसी नेता भूपेंद्र गंगवा, हनुमान वर्मा, ईश्वर मालवाल, सूरत सिंह, नपा वाइस चेयरमैन रामफल गुराना सहित अनेक गांवों के सरपंचों को शामिल किया गया है। बैठक के बाद विधायक सिहाग ने एसपी से फोन पर बात कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा।
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समिति ने ये लिए निर्णय
- आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
- मामले में जो गवाह हैं, उनके आर्म्स लाइसेंस बनाए जाएं।
- मृतक जिले सिंह के परिवार पर जो पहले से मुकदमा चल रहा है, उसमें जिले सिंह का बेटा प्रदीप जेल में बंद है, उस मामले को री-ओपन किया जाए।
- जिले सिंह के बेटे को पार्ट-टू के तहत सरकारी नौकरी दी जाए।
- मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाए ।
वर्जन
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तब अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं। साथ ही वे धरनास्थल पर शव रखकर रोष प्रदर्शन करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में शव उन्हें दिया तो खुले में शव रखे जाने से कई तरह के संक्रमण फैल सकते हैं, इसलिए शव को शवगृह में फ्रीजर में रखा है।
- बलवान सिंह राणा, एसपी, हिसार।
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मृतक के बेटे श्याम सुंदर ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वह शव को ले जाकर गांव में धरना स्थल पर रखकर रोष करेंगे, लेकिन पुलिस प्रशासन उन्हें शव नहीं लौटा रहा। पुलिस कोरोना संक्रमित घोषित करने का प्रयास कर रही थी, जिसको लेकर शव का कोरोना टेस्ट भी करवाया गया था। हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आई है। ग्रामीणों की ओर से नागरिक अस्पताल में किसी तरह का हंगामा न किया जाए, इसको लेकर शनिवार को भी डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
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संघर्ष समिति ने कहा- आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही होगा अंतिम संस्कार
बरवाला। जिले सिंह की हत्या के मामले में शनिवार को भी ढाणी गारण गांव में आसपास के गांवों के महिला-पुरुष धरने पर बैठे। इस दौरान धरनारत लोगों ने संघर्ष समिति का गठन किया, जिसमें 30 लोगों को शामिल किया गया। चुने गए सदस्यों की अलग से एक बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। समिति में विधायक जोगीराम सिहाग, कांग्रेसी नेता भूपेंद्र गंगवा, हनुमान वर्मा, ईश्वर मालवाल, सूरत सिंह, नपा वाइस चेयरमैन रामफल गुराना सहित अनेक गांवों के सरपंचों को शामिल किया गया है। बैठक के बाद विधायक सिहाग ने एसपी से फोन पर बात कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा।
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समिति ने ये लिए निर्णय
- आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
- मामले में जो गवाह हैं, उनके आर्म्स लाइसेंस बनाए जाएं।
- मृतक जिले सिंह के परिवार पर जो पहले से मुकदमा चल रहा है, उसमें जिले सिंह का बेटा प्रदीप जेल में बंद है, उस मामले को री-ओपन किया जाए।
- जिले सिंह के बेटे को पार्ट-टू के तहत सरकारी नौकरी दी जाए।
- मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाए ।
वर्जन
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तब अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं। साथ ही वे धरनास्थल पर शव रखकर रोष प्रदर्शन करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में शव उन्हें दिया तो खुले में शव रखे जाने से कई तरह के संक्रमण फैल सकते हैं, इसलिए शव को शवगृह में फ्रीजर में रखा है।
- बलवान सिंह राणा, एसपी, हिसार।