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हिसारः जिंदा मिला राममेहर, बीमा क्लेम लेने को खुद रची थी साजिश, सवाल- किसका था कंकाल

Sat, 10 Oct 2020 10:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 10 Oct 2020 10:21 AM IST
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expose: police arrest factory owner ram mehar in self murder mystery
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पकड़ा गया राममेहर... - फोटो : amar ujala

फैक्टरी मालिक से 11 लाख रुपये लूटने और उसे कार में जिंदा जलाने के मामले का हांसी पुलिस ने 42 घंटे में पटाक्षेप कर दिया है।

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यह मामला पूरी तरह फर्जी निकला है, जिसमें फैक्टरी मालिक राममेहर ने बीमा क्लेम की राशि हड़पने व कर्ज से छुटकारा पाने के लिए स्वयं ही साजिश रची थी। इस साजिश का पर्दाफाश हांसी के एसपी लोकेंद्र सिंह ने शुक्रवार शाम 5 बजे पत्रकारवार्ता में किया। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से राममेहर को किया गिरफ्तार कर लिया है और पुलिस के देर रात उसे लेकर हांसी पहुंचने की उम्मीद है।
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एसपी ने बताया कि आरोपी राममेहर को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया है। व्यापारी ने खुद ही पूरा षड्यंत्र रचा था। राममेहर ने जीवन बीमा के दो प्लान ले रखे थे। राममेहर ने एसबीआई से 1.10 करोड़ व एलआईसी की 50 लाख की पॉलिसी ली हुई थी।
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एलआईसी की 50 लाख की पॉलिसी उसने करीब 4 माह पूर्व ही ली थी, जिसकी उसने एक किश्त भरी है। उन्होंने बताया कि व्यापारी के कर्ज में होने की बात भी सामने आई है और फिलहाल ये दो बड़े कारण हैं, जिसकी वजह से यह माना जा रहा है कि बीमे की राशि का क्लेम लेने व कर्ज से छुटकारा पाने के लिए ही राममेहर ने यह साजिश रची है।

फोन से फंसा राममेहर

राममेहर के पास तीन मोबाइल नंबर थे। हालांकि तीनों बंद थे, लेकिन उसका तीसरा नंबर ऑन हो गया, जिसके चलते पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और छत्तीसगढ़ पुलिस की मदद से उसे तुरंत काबू कर लिया। पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले के संदिग्धों, राममेहर के परिजनों के फोन सर्विलांस पर लगा दिए थे।

इस बात को अमर उजाला ने भी स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस द्वारा सुराग लगाने के लिए इस मामले से जुड़े अनेक लोगों के फोन सर्विलांस पर लगाए हैं। फोन सर्विलांस का ही परिणाम था कि पुलिस फोन लोकेशन के जरिये राममेहर तक आसानी से पहुंच गई और मात्र 42 घंटे के अंदर राममेहर को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की।

कंकाल भी सही, हत्या की आशंका
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि जो कंकाल पुलिस को गाड़ी से मिला है, वह भी किसी इंसान का ही है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि इस षड्यंत्र को रचने के लिए उसने किसी व्यक्ति की हत्या की हो। यह जांच का विषय है और राममेहर के आने के बाद उससे पूछताछ के बाद ही इस बात का खुलासा होगा।

परिजन शक के घेरे में
इस पूरे मामले को लेकर अभी तक परिजनों की संलिप्तता पर भी सवाल खड़े हो गए। वारदात से पूर्व जो ऑडियो वायरल हुई थी, उसमें राममेहर अपने भांजे व एक अन्य रिश्तेदार गांव के पूर्व सरपंच से फोन पर बात करते हुए अपने आप को बचाने की बात कर रहा था। उसके आधार पर भी राममेहर के रिश्तेदारों पर पुलिस को शक है।

पुलिस का यह शक उस समय भी गहरा हो गया था, जब राममेहर ने 11 बज कर 20 मिनट पर अपने रिश्तेदारों से फोन पर बात की, जबकि उसके रिश्तेदारों ने 12 बजकर 5 मिनट पर पुलिस को कॉल किया। 45 मिनट बाद परिजनों का पुलिस को फोन करना भी शक का कारण बना।

डीएनए टेस्ट की बात से परिजनों में थी हलचल

अमर उजाला द्वारा पुलिस से पूछा गया था तो पुलिस ने कहा था कि कार में मिले शव का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, ताकि इस बात का पता चल सके कि मरने वाला व्यक्ति राममेहर ही था। अब इस बात का पटाक्षेप हो गया है कि मरने वाला कोई और ही था, जबकि राममेहर अभी जिंदा है। डीएनए टेस्ट की बात को लेकर राममेहर के परिजनों में भी हलचल बढ़ गई थी, क्योंकि डीएनए रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाना था कि कार में मिला शव राममेहर का नहीं था।

मामले में हनीट्रैप के भी आसार
सूत्रों के अनुसार यह मामला हनीट्रैप से भी संबंधित हो सकता है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार राममेहर को हनीट्रैप मामले में फंसाया जा रहा था। इसका आभास राममेहर को भी हो गया था, जिसके चलते उसने यह षड्यंत्र रचा होगा। इसी मामले में पुलिस ने फैक्टरी की एक महिला से कई घंटों तक पूछताछ भी की है, जिसमें पुलिस को काफी अहम सुराग भी मिले। हालांकि फिलहाल पुलिस हनीट्रैप मामले की पुष्टि नहीं कर रही है।

राममेहर से ही होगा कुछ सवालों का खुलासा
यह मामला इतना गंभीर है कि भले राममेहर जिंदा मिल गया हो, लेकिन इस मामले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस को कार से जला शव बरामद हुआ है, जिसके बारे में स्वयं एसपी ने कहा है कि वह कंकाल मनुष्य का ही था। इस कारण इस मामले में अनेक सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब राममेहर के आने और पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद ही मिल सकेगा।

ये हैं अनसुलझे सवाल : राममेहर देगा जवाब, पुलिस सुलझाएगी गुत्थी

- कंकाल किसका था, क्या उसकी हत्या करके कार में शव जलाया गया।
- यह भी हो सकता है कि कार में प्लांट करने के लिए शव कहीं से खरीदकर लाया गया हो।
- राममेहर ने षड्यंत्र बीमा राशि लेने, कर्ज से मुक्ति पाने के लिए रचा या हनीट्रैप मामले से बचने के लिए।
- गाड़ी में आग किसने लगाई, क्या राममेहर आग लगाने के बाद वहां से निकला।
- यदि राममेहर ने गाड़ी में आग लगाई तो वह किस प्रकार वहां से गया, क्या कोई अन्य उसे छोड़कर आया।
- क्या राममेहर पहले से ही यहां से निकल चुका था और गाड़ी में आग किसी अन्य ने लगाई।
- परिजनों में कौन-कौन राममेहर के इस षड्यंत्र में शामिल है।
- षड्यंत्र कितने दिन पहले रचा गया और कौन-कौन शामिल रहा।
- जिस गाड़ी में शव जलाया गया, वह गाड़ी किसकी है।
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