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हरियाणा विस चुनावः 1998 से नगर पार्षद के रूप में वेद नारंग ने शुरू किया था अपना राजनीतिक सफर
Mon, 07 Oct 2019 10:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 10:56 AM IST
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वेद नारंग, निवर्तमान विधायक, बरवाला।
- फोटो : Hisar
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में इनेलो छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले बरवाला से निवर्तमान विधायक वेद नारंग ने 1998 में नगर पार्षद बनकर अपना सियासी सफर शुरू किया था। इसके बाद इनेलो ने उन्हें अपना शहरी अध्यक्ष बनाया।
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16 साल तक इनेलो में अलग-अलग पदों पर रहकर सेवा करने के बाद पार्टी की ओर से उन्हें साल 2014 के विधानसभा चुनाव में बरवाला से मैदान में उतारा गया। उन्होंने 34 हजार 941 वोट पाकर मोदी लहर में भाजपा के सुरेंद्र पूनिया को 10 हजार 261 मतों से शिकस्त दी थी।
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हिसार जिले से इनेलो में एकमात्र विधायक बचे थे
विधानसभा चुनावों से पहले इनेलो के एक के बाद एक अधिकतर विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा या कांग्रेस में शामिल होते रहे। मगर आखिर तक भी अभय सिंह चौटाला के साथ हिसार जिले से एकमात्र विधायक वेद नारंग ही बचे थे। हिसार जिले में इनेलो के तीन विधायक ही थे। इनमें से रणबीर गंगवा भाजपा में शामिल हो गए, जबकि उकलाना से अनूप धानक जननायक जनता पार्टी में शामिल हुए। अब विधानसभा चुनाव से ठीक 15 दिन पहले वेद नारंग ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है।
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दो दिन पहले ही इनेलो प्रत्याशी के नामांकन में हुए थे शामिल
इस बार इनेलो ने वेद नारंग को टिकट नहीं दिया, बल्कि उनकी जगह रघुविंद्र को बरवाला से प्रत्याशी बनाया। चार अक्तूबर को इनेलो प्रत्याशी रघुविंद्र का नामांकन दाखिल करवाने वेद नारंग पहुंचे थे। मगर दो दिन बाद ही उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया।