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Hisar News: मिर्चपुर के पीड़ित 15 साल बाद भी झोपड़ियों में बदहाल जीवन को मजबूर, पीड़ितों को प्लॉट दिए तो पैसे लिए, सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:19 AM IST
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Even after 15 years, the victims of Mirchpur are forced to live a poor life in the huts, if the victims were given plots, they took money, they are not even getting the facilities.
मीडिया से बातचीत करते पीड़ित।  
हिसार। ढंढूर गांव के पास दीनदयाल पुरम में बसाए गए मिर्चपुर के पीड़ित 15 साल बाद भी झोपड़ियों में बदहाल जीवन को मजबूर हैं। दीनदयाल पुरम के लोगाें ने मीडिया के समक्ष आकर कहा कि सरकार ने केवल प्लाॅट देने का काम किया उसके बाद हमें भूल गए। करीब 250 परिवारों को पीने के लिए पानी तक नहीं है। आने जाने के लिए रास्ता नहीं है। गलियां कच्ची पड़ी हैं। सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है।
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जीजेयू के रिसर्च स्कॉलर गुरमेल सिंह ने कहा कि भाजपा ने पुनर्वास का वादा किया था। अब तक पीड़ितों को प्लाॅट, मकान सहित सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कोई सहायता नहीं दी गई। यहां कोई आंगनबाड़ी, स्कूल नहीं है। सरकार ने जो प्लाॅट दिए उसका भी पैसा लिया। इस लिस्ट में साफ लिखा है कि अगर हमने किस्त नहीं दी तो प्लाॅट को जब्त कर लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि देवीगढ़ पुनिया को भी इसी तरह से पुनर्वास कर बसाया गया था। वहां 90 परिवारों के लिए दो आंगनबाड़ी, एक प्राइमरी स्कूल बनाया गया था। सरकार पुनर्वास के नाम पर झूठ बोल रही है। सभी परिवारों को मकान बनाकर दिया जाएं।
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