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सरकारी बैंकों की 250 शाखाओं के कर्मचारी रहे हड़ताल पर, 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित
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सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। केंद्र सरकार की तरफ लाए जा रहे बैंकिंग कानून संशोधन बिल के विरोध में सरकार बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी वीरवार को हड़ताल पर रहे। जिले में करीब 250 बैंक शाखाओं में 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस दौरान सभी कर्मचारी एसबीआई की मुख्य शाखा से पैदल मार्च निकाल लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने दोपहर दो बजे तक धरना दिया और सरकार की नीतियों के खिलाफ मनमानी नहीं चलेगी के नारे लगाते हुए रोष जताया।
इस दौरान कर्मचारियों ने उपायुक्त से ज्ञापन देने की मांग की, मगर उपायुक्त नहीं होने पर अन्य अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन कर्मचारियों ने मांगपत्र सौंपने से इनकार कर दिया। कर्मचारी शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। दूसरे दिन वह उपायुक्त के अलावा सभी विधायकों व सांसद को ज्ञापन सौंपेंगे। उधर, हड़ताल के कारण बैंकों में आए उपभोक्ताओं को बिना काम करवाए ही लौटना पड़ा।
इससे पहले शहर के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी यूएफबीयू के बैनर तले जाट कॉलेज के सामने स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने एकत्रित हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने यहां नारेबाजी की। इसके बाद सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में पैदल मार्च करते हुए फव्वारा चौक होते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यहीं धरने पर बैठ गए।
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बैंकों में सरकार के शेयर घटाने का विरोध
यूएफबीयू हिसार के सह संयोजक राजेश पसरीजा ने बताया कि सरकार इस शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कानूनी संशोधन बिल लाने की तैयारी में है। इस बिल के माध्यम से सरकारी बैंकों में सरकार के शेयर को 51 प्रतिशत से घटाकर 26 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसके जरिये सरकार पूंजीपतियों व बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश में है। सरकार पहले से ही सरकारी बैंकों की संख्या को 22 से 12 पर ला चुकी है। सरकारी बैंकों में आमजन की लगभग 90 लाख करोड़ की राशि जमा है। अगर बैंकों का निजीकरण होता है तो उनकी बचत पर संकट के बादल छा सकते हैं। अभी हाल ही में पीएमसी लक्ष्मी विलास बैंक, यस बैंक, रिलायंस कैपिटल इसके उदाहरण हैं। प्रदर्शन में पीएनबी से अजीत सिंह, दिशांत गिल, विकास माथुर, चेतन सिंगल, सुनील शर्मा, पुष्पा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से राज पूनिया राजेंद्र नागपाल, गीतांशु मुंजाल, भूपेंद्र गुदंली, सीमा खटकड़, एसके मलिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से अंकुर शर्मा, पंजाब एंड सिंध बैंक से ज्योति, बैंक ऑफ इंडिया से दिलबाग सिंह, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से कुलदीप समेत करीब 300 कर्मचारी शामिल रहे।
उपभोक्ता रहे परेशान
मैं अपने पिता के साथ उनका वेतन निकलवाने आया था। मेरे पिता के पास डेबिट कार्ड नहीं है। यहां आकर देखा तो बैंक के गेट पर ताला लगा हुआ है। अब दोबारा से पिता के साथ आना पड़ेगा।
- राजू
मैं गंगवा से यहां अपनी पेंशन निकलवाने आया था। यहां आने के लिए ऑटो का किराया खर्च करना पड़ा। अब दोबारा से किराया लगाकर मुझे आना पड़ेगा। - रमेश
मुझे अपने नाम में बदलाव कराना है। यहां पहुंचा तो पता चला कि बैंक कर्मचारी हड़ताल पर है। आज टाइम निकालकर बैंक आया था। सोचा था कि काम हो जाएगा। मगर अब दोबारा से चक्कर लगाना पड़ेगा। - मनीष
एचएसवीपी आज कराएगा प्लॉटों की ऑनलाइन बोली, बैंकों की हड़ताल से बोलीदाता परेशान
उधर, एचएसवीपी ने 17 व 18 दिसंबर को व्यावसायिक प्लॉटों की ऑनलाइन बोली करवाने का शेड्यूल जारी किया है। 17 दिसंबर को गुरुग्राम की और 18 दिसंबर को पूरे प्रदेश में क्लीनिक, नर्सिंग होम व स्कूल साइट की बोली करवाई जाएगी। चूंकि यह शेड्यूल 15 दिसंबर को दोपहर बाद ही जारी किया गया। ऐसे में इन साइट्स की बोली लगवाने के इच्छुक व्यक्ति परेशान हैं, क्योंकि सरकारी बैंकों की दो दिन हड़ताल हैं। ऐसे में वह बयाना राशि कैसे जमा करवाएं।
हड़ताल में जिले के करीब 250 विभिन्न सरकारी बैंक शाखाओं के करीब 1800 कर्मचारी व अधिकारी शामिल हुए। शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। चूंकि अब लोग ऑनलाइन माध्यमों से लेनदेन करने लगे हैं तो हड़ताल के कारण उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं आई। - राजेश पसरीजा, सह संयोजक, यूएफबीयू हिसार
बैंकों की हड़ताल के कारण काफी लोग एचएसवीपी के 17 व 18 दिसंबर को होने वाली ऑनलाइन बोली में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस हड़ताल को देखते हुए विभाग को इस शेड्यूल में बदलाव करना चाहिए। - प्रवीण सिंघल, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-14 पार्ट टू
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इस दौरान कर्मचारियों ने उपायुक्त से ज्ञापन देने की मांग की, मगर उपायुक्त नहीं होने पर अन्य अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन कर्मचारियों ने मांगपत्र सौंपने से इनकार कर दिया। कर्मचारी शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। दूसरे दिन वह उपायुक्त के अलावा सभी विधायकों व सांसद को ज्ञापन सौंपेंगे। उधर, हड़ताल के कारण बैंकों में आए उपभोक्ताओं को बिना काम करवाए ही लौटना पड़ा।
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इससे पहले शहर के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी यूएफबीयू के बैनर तले जाट कॉलेज के सामने स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने एकत्रित हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने यहां नारेबाजी की। इसके बाद सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में पैदल मार्च करते हुए फव्वारा चौक होते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यहीं धरने पर बैठ गए।
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बैंकों में सरकार के शेयर घटाने का विरोध
यूएफबीयू हिसार के सह संयोजक राजेश पसरीजा ने बताया कि सरकार इस शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कानूनी संशोधन बिल लाने की तैयारी में है। इस बिल के माध्यम से सरकारी बैंकों में सरकार के शेयर को 51 प्रतिशत से घटाकर 26 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसके जरिये सरकार पूंजीपतियों व बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश में है। सरकार पहले से ही सरकारी बैंकों की संख्या को 22 से 12 पर ला चुकी है। सरकारी बैंकों में आमजन की लगभग 90 लाख करोड़ की राशि जमा है। अगर बैंकों का निजीकरण होता है तो उनकी बचत पर संकट के बादल छा सकते हैं। अभी हाल ही में पीएमसी लक्ष्मी विलास बैंक, यस बैंक, रिलायंस कैपिटल इसके उदाहरण हैं। प्रदर्शन में पीएनबी से अजीत सिंह, दिशांत गिल, विकास माथुर, चेतन सिंगल, सुनील शर्मा, पुष्पा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से राज पूनिया राजेंद्र नागपाल, गीतांशु मुंजाल, भूपेंद्र गुदंली, सीमा खटकड़, एसके मलिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से अंकुर शर्मा, पंजाब एंड सिंध बैंक से ज्योति, बैंक ऑफ इंडिया से दिलबाग सिंह, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से कुलदीप समेत करीब 300 कर्मचारी शामिल रहे।
उपभोक्ता रहे परेशान
मैं अपने पिता के साथ उनका वेतन निकलवाने आया था। मेरे पिता के पास डेबिट कार्ड नहीं है। यहां आकर देखा तो बैंक के गेट पर ताला लगा हुआ है। अब दोबारा से पिता के साथ आना पड़ेगा।
- राजू
मैं गंगवा से यहां अपनी पेंशन निकलवाने आया था। यहां आने के लिए ऑटो का किराया खर्च करना पड़ा। अब दोबारा से किराया लगाकर मुझे आना पड़ेगा। - रमेश
मुझे अपने नाम में बदलाव कराना है। यहां पहुंचा तो पता चला कि बैंक कर्मचारी हड़ताल पर है। आज टाइम निकालकर बैंक आया था। सोचा था कि काम हो जाएगा। मगर अब दोबारा से चक्कर लगाना पड़ेगा। - मनीष
एचएसवीपी आज कराएगा प्लॉटों की ऑनलाइन बोली, बैंकों की हड़ताल से बोलीदाता परेशान
उधर, एचएसवीपी ने 17 व 18 दिसंबर को व्यावसायिक प्लॉटों की ऑनलाइन बोली करवाने का शेड्यूल जारी किया है। 17 दिसंबर को गुरुग्राम की और 18 दिसंबर को पूरे प्रदेश में क्लीनिक, नर्सिंग होम व स्कूल साइट की बोली करवाई जाएगी। चूंकि यह शेड्यूल 15 दिसंबर को दोपहर बाद ही जारी किया गया। ऐसे में इन साइट्स की बोली लगवाने के इच्छुक व्यक्ति परेशान हैं, क्योंकि सरकारी बैंकों की दो दिन हड़ताल हैं। ऐसे में वह बयाना राशि कैसे जमा करवाएं।
हड़ताल में जिले के करीब 250 विभिन्न सरकारी बैंक शाखाओं के करीब 1800 कर्मचारी व अधिकारी शामिल हुए। शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। चूंकि अब लोग ऑनलाइन माध्यमों से लेनदेन करने लगे हैं तो हड़ताल के कारण उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं आई। - राजेश पसरीजा, सह संयोजक, यूएफबीयू हिसार
बैंकों की हड़ताल के कारण काफी लोग एचएसवीपी के 17 व 18 दिसंबर को होने वाली ऑनलाइन बोली में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस हड़ताल को देखते हुए विभाग को इस शेड्यूल में बदलाव करना चाहिए। - प्रवीण सिंघल, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-14 पार्ट टू