फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Emphasis on promoting the cultivation of medicinal and aromatic plants.

Hisar News: औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
Emphasis on promoting the cultivation of medicinal and aromatic plants.
एचएयू में आयुर्वेद दिवस पर आयोजित कार्यशाला में कुलसचिव डॉ. पवन कुमार व अन्य को जानकारी देते गा
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में आयुर्वेद दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, अनुसंधान और प्रसंस्करण को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।
विज्ञापन


मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. पवन कुमार ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगों की जड़ को समाप्त करना है। उन्होंने औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन




औषधीय, सुगंध एवं क्षमतावान फसल अनुभाग, अनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में ऑल अल्टरनेटिव मेडिकल काउंसिल के चेयरमैन डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि आहार और दिनचर्या का स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग, व्यायाम और पर्याप्त नींद से स्वस्थ जीवन प्राप्त किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने किसानों से पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय एवं सुगंधित फसलों को भी कृषि में शामिल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सुमित्रा मंगाली, डॉ. एएस. ढांडा, विभागाध्यक्ष डॉ. एसके पाहुजा, डॉ. राजेश आर्य, डॉ. नरेश कौशिक, डॉ. राजेश, डॉ. अजय और डॉ. कृष्ण उपस्थित रहे।




औषधीय जड़ी-बूटियों से 200 तरह के अचार-मुरब्बे बना रहे नरेश :

आयोजन स्थल पर गांव खेड़ी बर्की निवासी नरेश कुमार ने औषधीय जड़ी-बूटियों से बने 17 तरह के अचार का स्टॉल लगाया। नरेश ने बताया कि उन्होंने 2022 में एचएयू के साइना कॉलेज से प्रशिक्षण लेकर अचार-मुरब्बा बनाने का काम शुरू किया और अब 200 तरह के उत्पाद बना रहे हैं। उनका कहना है कि आंवला का अचार व कैंडी त्वचा, बालों, आंखों और हृदय के लिए लाभकारी तथा इम्यूनिटी मजबूत करने में सहायक है। कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल व एंटीऑक्सीडेंट गुण बताए। बांस का अचार-मुरब्बा बच्चों की लंबाई बढ़ाने में उपयोगी बताया। एलोवेरा का अचार पाचन, जोड़ों के दर्द व वजन नियंत्रण में सहायक है। लहसुन, करौंदा, करेला, अदरक, गड़तुंबा और हरड़ के अचार-मुरब्बे भी बनाए हैं। सभी उत्पाद देसी खांड से तैयार किए जाते हैं और इनमें रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed