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ईडी का छापा : काले धन की तलाश में आधी रात तक खंगालीं चार कोठियां
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हिसार में वेदपाल तंवर की कोठी के बाहर तैनात पुलिस।
हिसार। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तीन टीमाें ने वीरवार को राजनीति और खनन कारोबार से जुड़े तीन लाेगों की चार कोठियों को खंगाला। टीम देर रात तक कोठियों में काले धन की तलाश करती रही। हिसार में सेक्टर-15 में वेदपाल तंवर, अर्बन एस्टेट टू में वजीर सिंह कोहाड़ और हांसी में सुरेंद्र मलिक की कोठियों पर ईडी की टीम ने सुबह 7.30 बजे पहुंची और आधी रात तक ईडी की कार्रवाई जारी रही।
खनन कारोबार से जुड़े वेदपाल तंवर कांग्रेस सरकार के समय हुए मिर्चपुर कांड में पीड़ित परिवाराें को अपने फार्म हाउस पर आश्रय देने के बाद सुर्खियों में आए थे। वे भिवानी जिले से बसपा से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा वजीर कोहाड़ पहले पूर्व सीएम ओपी चौटाला के परिवार के करीबी थे, फिलहाल इनेलो से जुुड़े हैं। अर्बन एस्टेट में 51 नंबर कोठी उनकी है। उनके एक रिश्तेदार की कोठी 54 नंबर है। दोनाें कोठियों में ईडी ने दस्तावेज खंगाले। वहीं, हांसी निवासी सुरेंद्र मलिक के पिता अजीत सिंह मलिक राजनीति में चौधरी बंसीलाल के करीबी थे। तीन बार एमएलए का चुनाव भी लड़ा। करीब डेढ़ महीना पहले सुरेंद्र मलिक का निधन हो चुका है। अब उनके बच्चे, पत्नी, भाई ही कारोबार देखते हैं।
वकील तक को नहीं जाने दिया अंदर, घर का पूरा सामान बिखेरा
सेक्टर-15 की कोठी नंबर 64 में रहने वाले खनन व्यापारी वेदपाल तंवर के घर वीरवार सुबह सवा आठ बजे ईडी की टीम पहुंची। इस समय घर पर वेदपाल की पत्नी, बेटी और नौकरानी थी। ईडी के सदस्यों के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। हालांकि सुबह वेदपाल की पत्नी शकुंतला ने विरोध जताया था, लेकिन बाद में ईडी का सहयोग किया। सीआरपीएफ के जवानों ने वकील तक को अंदर नहीं जाने दिया।
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जानकारी के अनुसार सुबह सवा आठ बजे दो टैक्सी गाड़ियां खनन व्यापारी वेदपाल तंवर के घर के सामने आकर रुकीं। दोनों गाड़ियों से ईडी के सदस्य और सीआरपीएफ के जवान उतरे और गेट खोलकर सीधे अंदर चले गए। यह देखकर वेदपाल की पत्नी शकुंतला ने हंगामा किया उनकी बेटी उनको समझाकर अंदर ले गई। उसके बाद घर के अंदर किसी की कोई एंट्री नहीं हुई। करीब तीन घंटे के बाद वेदपाल की पत्नी शकुंतला घर से बाहर आई और मीडिया के सामने बताया कि ईडी के सदस्यों ने पूरा घर खंगाल सामान बिखेर दिया है। हमें तो ये भी नहीं पता कि ये ईडी के सदस्य हैं या नहीं। पूछने पर कुछ नहीं बता रहे।
स्कूल से आए बच्चों को भी पड़ोसी के घर जाना पड़ा
ईडी की रेड की सूचना के बाद दोपहर दो बजे वेदपाल के वकील जोगेंद्र कोठी पर आए। इस दौरान घर के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें घर के अंदर नहीं जाने दिया। कुछ देर बाद वेदपाल की पत्नी शकुंतला और उसकी बेटी घर से बाहर आई। वे वकील को घर के अंदर ले गईं, लेकिन ईडी के सदस्यों ने उसे बाहर निकाल दिया। दोपहर को घर में काम करने वाली एक महिला आई उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। दोपहर दो बजे वेदपाल की बेटी अपनी बहन और भाई को लेने के लिए घर से बाहर आई। दो महिला पुलिस कर्मचारी उनके साथ थीं। स्कूल बस आने के बाद वह पड़ोसन के साथ बहन और भाई को लेकर आई और दोनों को पड़ोसियों के घर भेज दिया।
किरण चौधरी के करीबी रहे सुरेंद्र मलिक के घर 11 सदस्यीय टीम पहुंची, 14 घंटे उनके बेटे से की पूछताछ
हांसी। कांग्रेस नेता स्वर्गीय सुरेंद्र मलिक के आवास पर ईडी ने वीरवार को रेड की। सुबह 7 बजे ईडी की 11 सदस्यों की टीम 3 गाड़ियों में सवार होकर वहां पहुंची। ईडी ने करीब 14 घंटे तक सुरेंद्र मलिक के बेटे दुष्यंत से पूछताछ की। दुष्यंत ने कहा कि यह सारा मामला राजनीति से प्रेरित है। आवास में करीब 14 घंटे तक दस्तावेज खंगाले। ईडी की टीम ने आते ही सुरेंद्र मलिक के बारे में पूछा। सुरेंद्र मलिक कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी के करीबी थे।
ईडी की रेड के दौरान मलिक की कोठी पर उनके पिता अजीत सिंह मलिक, सुरेंद्र की माता परमेश्वरी, सुरेंद्र की पत्नी दीपाली, उनका लड़का दुष्यंत व सुरेंद्र के भाई की पत्नी मोनिका कोठी पर मौजूद थे। रेड का कारण बताया जा रहा है कि खनन कारोबार से जुडे़ हैं। सुरेंद्र मलिक के बेटे दुष्यंत ने कहा कि हमारे पास कुछ नहीं है, न ही हमारा कोई गलत काम है। सुरेंद्र मलिक के छोटे भाई की पत्नी मोनिका मलिक ने कहा कि हमें कोई जानकारी नहीं है। 94 वर्षीय अजीत सिंह मलिक के लिए उनके ड्राइवर ने जूस अंदर भेजना चाहा मगर ईडी ने नहीं जाने दिया।
एक माह पहले हो चुका सुरेंद्र का निधन, बेटे का मय्यड़ में है अस्पताल
सुरेंद्र मलिक का 9 जून 2023 को बीमारी के कारण निधन हुआ था। दुष्यंत का मय्यड़ में ओमकार के नाम से अस्पताल भी है। उनका छोटा भाई संजय मलिक सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। सुरेंद्र मलिक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी थे। सुरेंद्र मलिक के पिता अजीत सिंह मलिक ने 1996 में तिवारी कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। अजीत सिंह मलिक तीन बार विधानसभा के चुनाव लड़े और तीनों बार हारे थे। संवाद
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खनन कारोबार से जुड़े वेदपाल तंवर कांग्रेस सरकार के समय हुए मिर्चपुर कांड में पीड़ित परिवाराें को अपने फार्म हाउस पर आश्रय देने के बाद सुर्खियों में आए थे। वे भिवानी जिले से बसपा से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा वजीर कोहाड़ पहले पूर्व सीएम ओपी चौटाला के परिवार के करीबी थे, फिलहाल इनेलो से जुुड़े हैं। अर्बन एस्टेट में 51 नंबर कोठी उनकी है। उनके एक रिश्तेदार की कोठी 54 नंबर है। दोनाें कोठियों में ईडी ने दस्तावेज खंगाले। वहीं, हांसी निवासी सुरेंद्र मलिक के पिता अजीत सिंह मलिक राजनीति में चौधरी बंसीलाल के करीबी थे। तीन बार एमएलए का चुनाव भी लड़ा। करीब डेढ़ महीना पहले सुरेंद्र मलिक का निधन हो चुका है। अब उनके बच्चे, पत्नी, भाई ही कारोबार देखते हैं।
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वकील तक को नहीं जाने दिया अंदर, घर का पूरा सामान बिखेरा
सेक्टर-15 की कोठी नंबर 64 में रहने वाले खनन व्यापारी वेदपाल तंवर के घर वीरवार सुबह सवा आठ बजे ईडी की टीम पहुंची। इस समय घर पर वेदपाल की पत्नी, बेटी और नौकरानी थी। ईडी के सदस्यों के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। हालांकि सुबह वेदपाल की पत्नी शकुंतला ने विरोध जताया था, लेकिन बाद में ईडी का सहयोग किया। सीआरपीएफ के जवानों ने वकील तक को अंदर नहीं जाने दिया।
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जानकारी के अनुसार सुबह सवा आठ बजे दो टैक्सी गाड़ियां खनन व्यापारी वेदपाल तंवर के घर के सामने आकर रुकीं। दोनों गाड़ियों से ईडी के सदस्य और सीआरपीएफ के जवान उतरे और गेट खोलकर सीधे अंदर चले गए। यह देखकर वेदपाल की पत्नी शकुंतला ने हंगामा किया उनकी बेटी उनको समझाकर अंदर ले गई। उसके बाद घर के अंदर किसी की कोई एंट्री नहीं हुई। करीब तीन घंटे के बाद वेदपाल की पत्नी शकुंतला घर से बाहर आई और मीडिया के सामने बताया कि ईडी के सदस्यों ने पूरा घर खंगाल सामान बिखेर दिया है। हमें तो ये भी नहीं पता कि ये ईडी के सदस्य हैं या नहीं। पूछने पर कुछ नहीं बता रहे।
स्कूल से आए बच्चों को भी पड़ोसी के घर जाना पड़ा
ईडी की रेड की सूचना के बाद दोपहर दो बजे वेदपाल के वकील जोगेंद्र कोठी पर आए। इस दौरान घर के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें घर के अंदर नहीं जाने दिया। कुछ देर बाद वेदपाल की पत्नी शकुंतला और उसकी बेटी घर से बाहर आई। वे वकील को घर के अंदर ले गईं, लेकिन ईडी के सदस्यों ने उसे बाहर निकाल दिया। दोपहर को घर में काम करने वाली एक महिला आई उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। दोपहर दो बजे वेदपाल की बेटी अपनी बहन और भाई को लेने के लिए घर से बाहर आई। दो महिला पुलिस कर्मचारी उनके साथ थीं। स्कूल बस आने के बाद वह पड़ोसन के साथ बहन और भाई को लेकर आई और दोनों को पड़ोसियों के घर भेज दिया।
किरण चौधरी के करीबी रहे सुरेंद्र मलिक के घर 11 सदस्यीय टीम पहुंची, 14 घंटे उनके बेटे से की पूछताछ
हांसी। कांग्रेस नेता स्वर्गीय सुरेंद्र मलिक के आवास पर ईडी ने वीरवार को रेड की। सुबह 7 बजे ईडी की 11 सदस्यों की टीम 3 गाड़ियों में सवार होकर वहां पहुंची। ईडी ने करीब 14 घंटे तक सुरेंद्र मलिक के बेटे दुष्यंत से पूछताछ की। दुष्यंत ने कहा कि यह सारा मामला राजनीति से प्रेरित है। आवास में करीब 14 घंटे तक दस्तावेज खंगाले। ईडी की टीम ने आते ही सुरेंद्र मलिक के बारे में पूछा। सुरेंद्र मलिक कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी के करीबी थे।
ईडी की रेड के दौरान मलिक की कोठी पर उनके पिता अजीत सिंह मलिक, सुरेंद्र की माता परमेश्वरी, सुरेंद्र की पत्नी दीपाली, उनका लड़का दुष्यंत व सुरेंद्र के भाई की पत्नी मोनिका कोठी पर मौजूद थे। रेड का कारण बताया जा रहा है कि खनन कारोबार से जुडे़ हैं। सुरेंद्र मलिक के बेटे दुष्यंत ने कहा कि हमारे पास कुछ नहीं है, न ही हमारा कोई गलत काम है। सुरेंद्र मलिक के छोटे भाई की पत्नी मोनिका मलिक ने कहा कि हमें कोई जानकारी नहीं है। 94 वर्षीय अजीत सिंह मलिक के लिए उनके ड्राइवर ने जूस अंदर भेजना चाहा मगर ईडी ने नहीं जाने दिया।
एक माह पहले हो चुका सुरेंद्र का निधन, बेटे का मय्यड़ में है अस्पताल
सुरेंद्र मलिक का 9 जून 2023 को बीमारी के कारण निधन हुआ था। दुष्यंत का मय्यड़ में ओमकार के नाम से अस्पताल भी है। उनका छोटा भाई संजय मलिक सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। सुरेंद्र मलिक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी थे। सुरेंद्र मलिक के पिता अजीत सिंह मलिक ने 1996 में तिवारी कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। अजीत सिंह मलिक तीन बार विधानसभा के चुनाव लड़े और तीनों बार हारे थे। संवाद