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ईसीएचएस घोटाला: हिसार के निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की प्राथमिकी
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चंडीगढ़-हिसार। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) चंडीगढ़ ने हिसार के मॉडल टाउन स्थित वीके न्यूरोकेयर एंड ट्रॉमा रिसर्च हॉस्पिटल के प्रबंधन और ईसीएचएस हिसार के क्षेत्रीय केंद्र व पॉलीक्लिनिक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज व आपराधिक साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि अस्पताल से जुड़े लोगों और कुछ ईसीएचएस अधिकारियों की मिलीभगत से मरीजों को डराकर जबरन भर्ती किया गया जबकि कई मामलों में भर्ती की जरूरत ही नहीं थी। वर्ष 2023 से 2025 के बीच ओपीडी रेफरल के बावजूद मरीजों को आईपीडी में भर्ती कर उनके बिल बढ़ाए गए। मरीजों को इलाज से वंचित करने की धमकी देकर लंबे समय तक अस्पताल में रोका गया जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में मरीजों को समय से पहले डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें भर्ती दिखाया गया। फर्जी व बढ़े हुए मेडिकल बिल तैयार किए गए। इन बिलों को संबंधित ईसीएचएस अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर मंजूरी भी दे दी। सीबीआई ने अपनी जांच में फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, दस्तावेज में हेरफेर और फर्जीवाड़े के सबूत पाए।
जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्रीय केंद्र और पॉलीक्लिनिक के अधिकारियों ने ईसीएचएस नियमों का पालन नहीं किया और फर्जी दावों को आगे बढ़ाया। इसी तरह हिसार के ऋषि नगर स्थित केयर पैथलैब पर भी शक है कि उसने कुछ अस्पतालों के साथ मिलकर फर्जी टेस्ट किए और गलत रिपोर्ट तैयार की। जांच में हिसार के एक और मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के इस मामले में शामिल होने का शक है।-- -
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मैं कई दिन से छुट्टी पर था। इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। आप शनिवार सुबह इस बारे में बात कीजिएगा।
- वीके गुप्ता, संचालक, वीके न्यूरोकेयर एंड ट्रामा रिसर्च हॉस्पिटल, हिसार
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सीबीआई जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में मरीजों को समय से पहले डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें भर्ती दिखाया गया। फर्जी व बढ़े हुए मेडिकल बिल तैयार किए गए। इन बिलों को संबंधित ईसीएचएस अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर मंजूरी भी दे दी। सीबीआई ने अपनी जांच में फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, दस्तावेज में हेरफेर और फर्जीवाड़े के सबूत पाए।
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जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्रीय केंद्र और पॉलीक्लिनिक के अधिकारियों ने ईसीएचएस नियमों का पालन नहीं किया और फर्जी दावों को आगे बढ़ाया। इसी तरह हिसार के ऋषि नगर स्थित केयर पैथलैब पर भी शक है कि उसने कुछ अस्पतालों के साथ मिलकर फर्जी टेस्ट किए और गलत रिपोर्ट तैयार की। जांच में हिसार के एक और मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के इस मामले में शामिल होने का शक है।
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मैं कई दिन से छुट्टी पर था। इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। आप शनिवार सुबह इस बारे में बात कीजिएगा।
- वीके गुप्ता, संचालक, वीके न्यूरोकेयर एंड ट्रामा रिसर्च हॉस्पिटल, हिसार