{"_id":"69fb95dc4f7f8fcdff00d5ab","slug":"during-the-census-aadhaar-pan-and-bank-information-will-not-be-asked-hisar-news-c-21-hsr1020-864640-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: जनगणना के दौरान आधार, पैन व बैंक जानकारी नहीं पूछी जाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: जनगणना के दौरान आधार, पैन व बैंक जानकारी नहीं पूछी जाएगी
Thu, 07 May 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 07 May 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हांसी। जनगणना-2027 के तहत एक मई से शुरू हुए मकान सूचीकरण और गणना कार्य के दौरान नागरिकों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता या ओटीपी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं पूछी जाएगी। एडीसी लक्षित सरीन ने कहा कि यदि कोई प्रगणक ऐसी जानकारी मांगता है तो नागरिक उसे साझा न करें और सतर्क रहें।
एडीसी ने बताया कि एक मई से घर-घर जाकर मकानों की सूचीकरण व गणना का कार्य शुरू हो चुका है जो 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय व विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।
जिले में इस कार्य के सफल संचालन के लिए पूरे क्षेत्र को 980 गणना ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इसके लिए 1080 प्रगणक और 180 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रगणक नागरिकों से कुछ सामान्य जानकारियां जुटाएंगे जैसे भवन का प्रकार, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, नल व बिजली कनेक्शन, शौचालय/बाथरूम, गैस कनेक्शन, रेडियो/टीवी, केबल कनेक्शन, साइकिल/मोटरसाइकिल/कार, मुख्य खाद्यान्न और मोबाइल नंबर आदि। एडीसी ने स्पष्ट किया कि प्रगणकों द्वारा आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक विवरण या ओटीपी नहीं पूछा जाएगा। नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति को यह जानकारी न दें और घर आने वाले कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांचें।
जनगणना से संबंधित किसी भी समस्या या संशय के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक कार्य दिवसों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है। एडीसी ने बताया कि मकानों के सूचीकरण के दौरान घरों पर मार्किंग की जाएगी, जिससे यह संकेत मिलेगा कि गणना का कार्य पूरा हो चुका है। चार्ज अधिकारी फील्ड में जाकर इस कार्य का निरीक्षण करेंगे।
विज्ञापन
एडीसी ने बताया कि एक मई से घर-घर जाकर मकानों की सूचीकरण व गणना का कार्य शुरू हो चुका है जो 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय व विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में इस कार्य के सफल संचालन के लिए पूरे क्षेत्र को 980 गणना ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इसके लिए 1080 प्रगणक और 180 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रगणक नागरिकों से कुछ सामान्य जानकारियां जुटाएंगे जैसे भवन का प्रकार, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, नल व बिजली कनेक्शन, शौचालय/बाथरूम, गैस कनेक्शन, रेडियो/टीवी, केबल कनेक्शन, साइकिल/मोटरसाइकिल/कार, मुख्य खाद्यान्न और मोबाइल नंबर आदि। एडीसी ने स्पष्ट किया कि प्रगणकों द्वारा आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक विवरण या ओटीपी नहीं पूछा जाएगा। नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति को यह जानकारी न दें और घर आने वाले कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांचें।
जनगणना से संबंधित किसी भी समस्या या संशय के समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक कार्य दिवसों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है। एडीसी ने बताया कि मकानों के सूचीकरण के दौरान घरों पर मार्किंग की जाएगी, जिससे यह संकेत मिलेगा कि गणना का कार्य पूरा हो चुका है। चार्ज अधिकारी फील्ड में जाकर इस कार्य का निरीक्षण करेंगे।