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Hisar News: डीएसपी बोले-सीआईए इंचार्ज के हाथ में नहीं था हथियार, अब दुष्यंत के सुरक्षाकर्मियाें से होगी पूछताछ
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हिसार। जीजेयू प्रकरण की जांच कर रहे एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने बताया कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के हाथ में कोई हथियार नहीं था। इस बारे में प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार के जांच टीम ने बयान दर्ज किए हैं।
डीएसपी कमलजीत ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि दुष्यंत चाैटाला की पायलट गाड़ी में तैनात सुरक्षाकर्मियों को नोटिस दिए गए थे लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुए। अब दोबारा नोटिस भेजकर उनसे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की जाएगी। पायलट गाड़ी के चालक ने अत्यधिक तेज गति से गाड़ी चलाई जिससे एक स्कूटी सवार महिला को टक्कर लगते-लगते बची। हालांकि महिला अभी तक पुलिस के संपर्क में नहीं आई है।
16 अप्रैल को जजपा नेता दिग्विजय चौटाला अपने कार्यकर्ताओं के साथ जीजेयू के कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के समझाने के बावजूद प्रदर्शन उग्र हो गया और उन्होंने कुलपति कार्यालय के गेट को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के प्रोक्टर राजेश कुमार ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी।
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इस शिकायत के आधार पर सिटी थाना पुलिस ने दिग्विजय चौटाला सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। 17 अप्रैल को पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की। अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी तफ्तीश जारी है।
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डीएसपी कमलजीत ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि दुष्यंत चाैटाला की पायलट गाड़ी में तैनात सुरक्षाकर्मियों को नोटिस दिए गए थे लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुए। अब दोबारा नोटिस भेजकर उनसे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की जाएगी। पायलट गाड़ी के चालक ने अत्यधिक तेज गति से गाड़ी चलाई जिससे एक स्कूटी सवार महिला को टक्कर लगते-लगते बची। हालांकि महिला अभी तक पुलिस के संपर्क में नहीं आई है।
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16 अप्रैल को जजपा नेता दिग्विजय चौटाला अपने कार्यकर्ताओं के साथ जीजेयू के कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के समझाने के बावजूद प्रदर्शन उग्र हो गया और उन्होंने कुलपति कार्यालय के गेट को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के प्रोक्टर राजेश कुमार ने सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी।
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इस शिकायत के आधार पर सिटी थाना पुलिस ने दिग्विजय चौटाला सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। 17 अप्रैल को पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की। अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी तफ्तीश जारी है।