फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Dreaded dogs, bitten 470 people in the month of March

Hisar News: खूंखार कुत्ते, मार्च माह में 470 लोगों को काटा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2023 12:28 AM IST
विज्ञापन
Dreaded dogs, bitten 470 people in the month of March
कुत्तों के काटने पर घायल बच्चा नागरिक अस्प्ताल में इलाज के लिए पहुंचा। 
हिसार। जिले में आवारा और पालतू कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में रोज दस लोग रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आ रहे हैं। मार्च माह के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो नागरिक अस्पताल में 520 लोग इंजेक्शन लगवाने आए, जिनमें से अकेले 470 इंजेक्शन कुत्ते के काटने पर लगाए गए। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्ता गर्दन और चेहरे के जितने करीब काटता है, उतना ही रेबीज होने का ज्यादा खतरा रहता है। शरीर के निचले हिस्से में अगर, कुत्ता काटता है तो रेबीज होने का खतरा कम होता है। वहीं, शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी व वैक्सीनेशन कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन निगम प्रशासन खूंखार होते कुत्तों से जनता को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं कर पाया है।
विज्ञापन

आंख और सिर पर कुत्ते ने काटा
नागरिक अस्पताल में 5 साल के बेटे अनमोल को इंजेक्शन लगवाने आए परिजनों ने बताया कि रविवार को अनमोल गली में खेल रहा था। अचानक गली के एक कुत्ते ने अनमोल को काटना शुरू कर दिया। दाई आंख और सिर में कई जगह कुत्ते ने काट लिया। जब चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो गली में आए और कुत्ते से छुड़वाया। उपचार के लिए सिरसा के सरकारी अस्पताल लेकर आए वहां से हिसार रेफर कर दिया। यहां पर चिकित्सकों ने सिर में टांके और रेबीज का इंजेक्शन लगाया।
विज्ञापन

वहीं, रविवार को अंबाला कैंट में पिटबुल डॉग ने 4 साल की मासूम बच्ची को बुरी तरह नोच डाला। ऐन मौके पर वहां से गुजर रहे युवक ने बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाकर मौत के मुंह से बाहर निकाला। बच्ची के शरीर पर कुत्ते के दांतों से नोचने के 15 से निशान मिले हैं। बच्ची का अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में इलाज कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले सप्ताह हुई थी बच्चे की मौत
गोरछी गांव के एक ईंट भट्ठे पर खेलते समय मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गांव गुमाई गांव के रहने वाले 3 साल के बच्चे निखिल को कुत्ते ने काट लिया था। एक महीने बाद रेबीज होने से 28 मार्च को उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता अमर सिंह ने बताया था कि कुत्ते के काटने के बाद गांव में एक चिकित्सक से इंजेक्शन लगवाया था लेकिन, उसका कोई असर नहीं हुआ था।
नगर निगम में सिर्फ दो पालतू कुत्तों का पंजीकरण



अगर कोई शहरवासी अपने घर में कुत्ता पालना चाहता है तो उसे कुत्ते का नगर निगम से पंजीकरण करवाना होता है। पंजीकरण करवाते समय कुत्ते के मालिक को कुत्ते की वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट देना होता है। पंजीकरण के समय निगम प्रशासन एक टैग देता है तो कुत्ते के मालिक को कुत्ते के गले में पहनाना होता है।

आवारा कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी का टेंडर 7 अप्रैल को खुलेगा



उधर निगम प्रशासन की तरफ से 5वीं बार आवारा कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी को लेकर टेंडर लगाया गया है, जो 7 अप्रैल को खुलेगा। इससे पहले निगम की तरफ से लगाए टेंडरों में हर बार शर्त पूरी न करने कारण टेंडर को रद्द करना पड़ा था। इस टेंडर के तहत एजेंसी को प्रथम चरण में एक हजार आवारा कुत्तों का टीकाकरण व उनकी नसबंदी करनी है। निगम के अनुसार शहर में कम से कम 5 हजार आवारा कुत्ते हैं।

कुत्ता काटने के बाद साबुन से घाव को धोएं
नागरिक अस्पताल के चिकित्सक ज्ञानेंद्र ने बताया कि कुत्ता काटने के बाद घाव को साबुन से धोना चाहिए। उसके बाद नजदीकी अस्पताल में जाकर रेबीज का इंजेक्शन लगवाए। उन्होंने बताया कि गर्दन और चेहरे के पास काटने से रेबीज होने का खतरा बढ़ जाता है। समय पर इंजेक्शन न लगवाने पर मौत हो सकती है।

इन बातों का भी ध्यान रखें
कुत्ते के काटने के बाद प्रारंभिक तौर पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।

सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।

किसी साफ कपड़े की मदद से रक्तस्राव को कम करने की कोशिश करें।

यदि आपके ओवर-द-काउंटर एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं।

प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें।

डॉक्टर की सलाह पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।


कुत्तों की यह कोई बीमारी नहीं है। कुछ कुत्ते ऐसे होते हैं जो स्वभाविक तौर पर खूंखार होते हैं। इसके कारण वे इंसानों को काटते हैं। कुछ कुत्ते ऐसे हैं जो इंसानों के कारण खूंखार होते हैं, जैसे कई बार व्यक्ति कुत्तों को लाठी से मार देते हैं, पत्थर मार देते हैं, इस कारण वहां के कुत्ते लोगों को काटना शुरू कर देते हैं। कई बार कुत्ते व उनके पिल्ले वाहनों के नीचे कुचल दिए जाते हैं, ऐसे में उस एरिया के कुत्ते वाहनों के पीछे भागते हैं।

डॉ. सुधीर मलिक, वेटरनरी सर्जन, पशुपालन विभाग हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed