{"_id":"695d5b7056f86b34390fd4a5","slug":"dogs-are-a-threat-dog-bites-are-on-the-rise-with-vaccines-providing-a-protective-shield-hisar-news-c-21-hsr1020-784983-2026-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: कुत्तों का खाैफ...डॉग बाइट का बढ़ा खतरा, वैक्सीन बनी सुरक्षा कवच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: कुत्तों का खाैफ...डॉग बाइट का बढ़ा खतरा, वैक्सीन बनी सुरक्षा कवच
विज्ञापन
सामान्य अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
हिसार। हिसार में कुत्तों का खाैफ बढ़ता जा रहा है। नागरिक अस्पताल में रोजाना लगभग 8 से 10 डाॅग बाइट के मामले आ रहे हैं। हालांकि डॉग बाइट से फैलने वाली एंटी-रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग ने एंटी-रेबीज से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल को 6,897 वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध कराया है, जिससे डॉग बाइट का शिकार लोगों को समय पर उपचार मिल सके। कुत्ते के काटने पर तुरंत इलाज और वैक्सीन लगवाने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है।
तीन माह का वैक्सीन स्टॉक उपलब्ध
जिले में एंटी-रेबीज के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। डॉग बाइट से रेबीज फैलने का खतरा बना रहता है, इसी को ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन माह का अग्रिम वैक्सीन स्टॉक मंगवाया है। एंटी-रेबीज सेंट्रल स्टोर रूम में कुल 6,897 वैक्सीन उपलब्ध हैं। कुत्तों के काटने पर पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध होने से लोगों को समय पर राहत मिलेगी और रेबीज के खतरे से बचाव होगा।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शहरों और रिहायशी सोसायटियों में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के बाद हिसार में नगर निगम की टीमें विशेष रूप से आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
रेबीज के प्रमुख लक्षण
रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, बेचैनी, पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया), भ्रम, मांसपेशियों में कमजोरी और लकवा शामिल हैं। लक्षण प्रकट होने से पहले बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।
कुत्ते के काटने पर तुरंत करें ये उपाय
घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10–15 मिनट तक धोएं
तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें
डॉक्टर की सलाह अनुसार रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन लगवाएं
रेबीज एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए देरी जानलेवा हो सकती है।
-- -- -- --
पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण जरूरी
कुत्तों और बिल्लियों को समय-समय पर रेबीज का टीका लगवाएं
जंगली और आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखें
पालतू जानवरों को खुला न छोड़ें और जंगली जानवरों के संपर्क से बचाएं
रेबीज के लक्षण दिखने के बाद इलाज लगभग असंभव हो जाता है, इसलिए रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।
जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। डॉग बाइट के शिकार किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- सुरेंद्र कुमार जांगड़ा, चीफ फार्मासिस्ट, नागरिक अस्पताल, हिसार।
विज्ञापन
तीन माह का वैक्सीन स्टॉक उपलब्ध
जिले में एंटी-रेबीज के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। डॉग बाइट से रेबीज फैलने का खतरा बना रहता है, इसी को ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन माह का अग्रिम वैक्सीन स्टॉक मंगवाया है। एंटी-रेबीज सेंट्रल स्टोर रूम में कुल 6,897 वैक्सीन उपलब्ध हैं। कुत्तों के काटने पर पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध होने से लोगों को समय पर राहत मिलेगी और रेबीज के खतरे से बचाव होगा।
विज्ञापन
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शहरों और रिहायशी सोसायटियों में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के बाद हिसार में नगर निगम की टीमें विशेष रूप से आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
रेबीज के प्रमुख लक्षण
रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, बेचैनी, पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया), भ्रम, मांसपेशियों में कमजोरी और लकवा शामिल हैं। लक्षण प्रकट होने से पहले बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।
कुत्ते के काटने पर तुरंत करें ये उपाय
घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10–15 मिनट तक धोएं
तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें
डॉक्टर की सलाह अनुसार रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन लगवाएं
रेबीज एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए देरी जानलेवा हो सकती है।
पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण जरूरी
कुत्तों और बिल्लियों को समय-समय पर रेबीज का टीका लगवाएं
जंगली और आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखें
पालतू जानवरों को खुला न छोड़ें और जंगली जानवरों के संपर्क से बचाएं
रेबीज के लक्षण दिखने के बाद इलाज लगभग असंभव हो जाता है, इसलिए रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।
जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। डॉग बाइट के शिकार किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- सुरेंद्र कुमार जांगड़ा, चीफ फार्मासिस्ट, नागरिक अस्पताल, हिसार।