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पहली बार एक दिन में पांच मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन
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हिसार। जिले के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनिवाल के निर्देशन में वॉलंटियर ओरल सर्जन डॉ. कन्नू प्रिया एवं उनकी टीम ने पहली बार बुधवार को पांच मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए। इससे पहले दो या तीन जबड़ों के ऑपरेशन किए जा रहे थे। अभी भी 10 के आसपास मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन बाकी हैं। इनमें से जबड़े के दो ऑपरेशन बड़े तो तीन छोटे थे। ऑपरेशन के समय चिकित्सकों को एक मरीज का पूरा एवं एक का आधा जबड़ा निकालना पड़ा, क्योंकि फंगस के कारण जबड़े में गलन शुरू हो गई थी। बाकी तीन मरीजों के जबड़ों में फंगस निकालकर सफाई की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को नेत्र रोग विभाग की टीम ने 6 और ईएनटी विभाग की टीम ने 4 मरीजों के ऑपरेशन किए।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 8 नए मरीज दाखिल किए गए। इनमें तीन मरीज हिसार जिले के, तीन सिरसा, एक कैथल व एक भिवानी का रहने वाला है। इनको मिलाकर म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में कुल 75 मरीज दाखिल हैं। इनमें से दो मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इसके अलावा अस्पताल में एक मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई।
नई दवा से 10 फीसदी मरीजों में दुष्प्रभाव
सरकार की ओर से मरीजों की मांग के मुताबिक अस्पताल में इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं, जिस कारण चिकित्सकों को नई फार्मा की दवा मरीजों को देनी पड़ती है। मगर इस नई दवा से 10 फीसदी मरीजों में दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। जैसे कि कंपकंपी के साथ बुखार आना, बीपी कम होना। चिकित्सक भी मरीजों को उनकी क्षमता के मुताबिक डोज दे रहे हैं और कुछ मरीजों की बंद कर रहे है। सरकार की ओर से आने वाले लाइपोसोनल के एंफोटेरेसिन इंजेक्शन ब्लैक फंगस इलाज में बेहद कारगर हैं। बता दें कि इससे पहले भी सप्ताह भर तक सरकार से आने वाली दवा की सप्लाई बंद रही थी।
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8 मरीजों को मिली छुट्टी
बुधवार को चिकित्सकों ने फंगस से उबरने वाले 8 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया। फिलहाल इन मरीजों में ब्लैक फंगस काफी हद तक रुक गई है। मगर फिर भी इन मरीजों को नियमित समय पर चिकित्सक से जांच करवाते हुए उपचार लेना होगा।
75 मरीज दाखिल
बुधवार को पांच मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए गए है। इनमें दो ऑपरेशन बड़े थे। बुधवार को म्यूकरमाइकोसिस के 8 नए मरीज दाखिल किए और एक मरीज की मौत हुई है। हमारे पास म्यूकरमाइकोसिस के 75 मरीज दाखिल हैं।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
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बुधवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 8 नए मरीज दाखिल किए गए। इनमें तीन मरीज हिसार जिले के, तीन सिरसा, एक कैथल व एक भिवानी का रहने वाला है। इनको मिलाकर म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में कुल 75 मरीज दाखिल हैं। इनमें से दो मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इसके अलावा अस्पताल में एक मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई।
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नई दवा से 10 फीसदी मरीजों में दुष्प्रभाव
सरकार की ओर से मरीजों की मांग के मुताबिक अस्पताल में इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं, जिस कारण चिकित्सकों को नई फार्मा की दवा मरीजों को देनी पड़ती है। मगर इस नई दवा से 10 फीसदी मरीजों में दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। जैसे कि कंपकंपी के साथ बुखार आना, बीपी कम होना। चिकित्सक भी मरीजों को उनकी क्षमता के मुताबिक डोज दे रहे हैं और कुछ मरीजों की बंद कर रहे है। सरकार की ओर से आने वाले लाइपोसोनल के एंफोटेरेसिन इंजेक्शन ब्लैक फंगस इलाज में बेहद कारगर हैं। बता दें कि इससे पहले भी सप्ताह भर तक सरकार से आने वाली दवा की सप्लाई बंद रही थी।
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8 मरीजों को मिली छुट्टी
बुधवार को चिकित्सकों ने फंगस से उबरने वाले 8 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया। फिलहाल इन मरीजों में ब्लैक फंगस काफी हद तक रुक गई है। मगर फिर भी इन मरीजों को नियमित समय पर चिकित्सक से जांच करवाते हुए उपचार लेना होगा।
75 मरीज दाखिल
बुधवार को पांच मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए गए है। इनमें दो ऑपरेशन बड़े थे। बुधवार को म्यूकरमाइकोसिस के 8 नए मरीज दाखिल किए और एक मरीज की मौत हुई है। हमारे पास म्यूकरमाइकोसिस के 75 मरीज दाखिल हैं।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।