{"_id":"57fe8bb04f1c1bc67b28f598","slug":"dengu-hisar-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकनगुनिया के 30 और डेंगू के हुए 94 रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकनगुनिया के 30 और डेंगू के हुए 94 रोगी
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
Dengue
विज्ञापन
जिले में चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया रोगियों की संख्या और बढ़ गई है। चिकनगुनिया के रोगियों की संख्या 23 से 30, डेंगू रोगियों की संख्या 64 से 94 और मलेरिया रोगियों की संख्या 158 से बढ़कर 176 हो गई है। इन रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला मलेरिया विभाग ऑफिस में बुधवार को ताजा रिपोर्ट आई है। पहले चिकनगुनिया के 23 रोगी थे, जो 7 और बढ़ गए हैं। इस तरह डेंगू के 30 और मलेरिया के 18 रोगी बढे़ मिले हैं। मलेरिया रोगी 158 से बढ़कर 176 हो गए हैं। चिकनगुनिया से तो बाला जी अस्पताल के पास के इलाके के एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। रोगी बढ़ने से जिला मलेरिया ऑफिस स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है।
फॉगिंग करने के आदेश
जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को विभाग की तरफ से इन रोगियों के घरों को चिह्नि कर उनके आसपास फॉगिंग करने के आदेश मिले हैं। कर्मचारियों ने रोगियों के घरों को चिह्नि कर लिया है। कर्मचारी अब वहां गली-मोहल्लों में फॉगिंग करेंगे।
एमपीएचएस को दिए आदेश
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जया गोयल ने पिछले दिनों आठ सीएचसी के मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर की बैठक ली थी। उनको अपने-अपने एरिया में चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया रोगों के खात्मे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उनको एमपीएचडब्ल्यू के सहयोग से अभियान चलाने का आदेश दिया गया था। ताकि इन रोगों के और पांव पसारने पर ब्रेक लग सके।
फॉगिंग करने के आदेश
जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को विभाग की तरफ से इन रोगियों के घरों को चिह्नि कर उनके आसपास फॉगिंग करने के आदेश मिले हैं। कर्मचारियों ने रोगियों के घरों को चिह्नि कर लिया है। कर्मचारी अब वहां गली-मोहल्लों में फॉगिंग करेंगे।
विज्ञापन
एमपीएचएस को दिए आदेश
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जया गोयल ने पिछले दिनों आठ सीएचसी के मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर की बैठक ली थी। उनको अपने-अपने एरिया में चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया रोगों के खात्मे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उनको एमपीएचडब्ल्यू के सहयोग से अभियान चलाने का आदेश दिया गया था। ताकि इन रोगों के और पांव पसारने पर ब्रेक लग सके।
विज्ञापन