{"_id":"603953bc8ebc3ee9171ab7f8","slug":"demand-of-hansi-district-hisar-news-rtk5974008150","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंग्रेजों ने छीना था हांसी के सिर से राजधानी का ताज, अब जिला बनवाने कि लिए संघर्ष कर रही समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंग्रेजों ने छीना था हांसी के सिर से राजधानी का ताज, अब जिला बनवाने कि लिए संघर्ष कर रही समिति
विज्ञापन
हांसी के त्रिमूर्ति चौक पर हांसी को जिला बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते समिति के सदस्य।
- फोटो : Hisar
हांसी (हिसार)। जॉर्ज थॉमस (सन 1798-1801) के दौर में हांसी शहर हरियाणा की राजधानी था और उत्तरी भारत के दिल्ली परगना के अधीन प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शुमार था। अंग्रेजी हुकूमत के उत्तरी भारत में पैर पसारने के साथ ही हांसी का इलाका विकास के मामले में पिछड़ना शुरू हो गया था। एक बार फिर शहर के लोगों द्वारा हांसी को जिला बनाए जाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इसको लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति लगातार धरने व प्रदर्शन कर रही है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामनिवास फौजी हांसी को जिला बनाने की मांग लगातार उठाते आ रहे हैं। कई बार आंदोलन कर चुके हैं और भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। फौजी 10 वर्षों से हांसी को जिला बनाने की मांग उठा रहे हैं। हांसी को जिला बनाने की मांग अब पूरे इलाके के लोगों की बुलंद आवाज बन चुकी है। हांसी शहर में किसी जमाने में शोरे का सबसे अधिक उत्पादन होता था।
हांसी का इतिहास
1857 के विद्रोह में इस क्षेत्र के लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत से जमकर लोहा लिया था। कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि इस विद्रोह से पहले हांसी से ही अंग्रेज प्रशासनिक प्रक्रिया संभालते थे, लेकिन अंग्रेजी शासन से मुखालफत करने के कारण ही अंग्रेजों ने हांसी से जिले की उपाधि छीन ली। इतिहासकारों के दूसरे पक्ष का कहना है कि अंग्रेजों ने उत्तरी भारत पर कब्जा करने के बाद राजस्व के खर्चों को कम करने के लिए छोटे जिलों को खत्म करने की कोई प्रमाणिक तारीख तो नहीं मिलती, लेकिन माना जाता है कि 1870-1880 के मध्य अंग्रेजों ने हिसार को जिला बना दिया और हांसी, फतेहाबाद, सिरसा आदि इलाकों पर हिसार में बैठकर राज करने लगे। इतिहासकारों के अनुसार आयरलैंड से आए जॉर्ज थामस ने हांसी को राजधानी बनाया था। हरियाणा 1700 ईस्वी में पंजाब से मुख्तलिफ नक्शे पर मौजूद था और उस दौर के कई नक्शे आज भी मौजूद हैं। इनमें हांसी को हरियाणा की राजधानी दिखाया गया है। जॉर्ज थॉमस ने हांसी को अपना प्रमुख केंद्र बनाया था और यहीं बैठकर पूरे इलाके पर शासन चलाया। अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह के बाद दिल्ली परगना के अधीन आने वाले हांसी से जिले का ताज छीन लिया व हिसार को जिला बना दिया गया।
विज्ञापन
हांसी में 15 धागा व 45 ऑयल मिल थीं
हांसी में धागा मिलों की छोटी व बड़ी मिलाकर करीब 15 इकाइयां थीं। इसके अलावा करीब 45 ऑयल मिल भी थीं। इनमें हजारों लोगों को रोजगार मिलता था। अब धागा मिल पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं और ऑयल मिल भी सिमट कर 8-10 ही रह गई हैं। हांसी को जिला बनाने की मांग अवश्य पूरी होनी चाहिए।
-जगदीश सैनी, इतिहासकार।
स्थानीय नेता जिला बनाने के पक्ष में, बड़े नेता साधे हैं चुप्पी
जिला बनाने की मांग सरकार के स्तर पर पूरी की जानी है। संघर्ष समिति के प्रधान रामनिवास फौजी ने बताया कि उन्होंने प्रदेश की सरकारों के पास कई बार जिला बनाने का मुद्दा उठाया। स्थानीय नेता तो जिला बनाने के समर्थन में हैं, मगर बड़े नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा समिति की आधी मांग पूरी करते हुए वर्ष 2016 में हांसी को पुलिस जिला जरूर बनाया गया, लेकिन पूर्ण राजस्व जिला बनाने की मांग पर भाजपा चुप है।
करीब चार लाख है हांसी उपमंडल की आबादी
2011 की जनगणना के अनुसार करीब 4 लाख की जनसंख्या वाले हांसी उपमंडल में समस्याओं का अंबार लगा है। उपमंडल में 37 फीसदी लोग अशिक्षित हैं व गांवों की साक्षरता दर महज 61 फीसदी है। उपमंडल की महिलाओं में 50 फीसदी साक्षरता दर है। आंकड़ों के मुताबिक 50 फीसदी आबादी तक शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। इन हालतों से स्पष्ट है कि हांसी उपमंडल के लोग सुविधाओं को तरस रहे हैं।
संघर्ष समिति के धरना को 57वां दिन
फिलहाल भी जिला बनाओ संघर्ष समिति द्वारा त्रिमूर्ति चौक पर धरना दिया जा रहा है। शुक्रवार को इस धरने को 57 दिन हो गए। हांसी की जनता का भी इस धरने को समर्थन है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक रुख देखने को नहीं मिल रहा। संघर्ष समिति अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेगी।
- रामनिवास फौजी, प्रधान जिला बनाओ संघर्ष समिति, हांसी।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामनिवास फौजी हांसी को जिला बनाने की मांग लगातार उठाते आ रहे हैं। कई बार आंदोलन कर चुके हैं और भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। फौजी 10 वर्षों से हांसी को जिला बनाने की मांग उठा रहे हैं। हांसी को जिला बनाने की मांग अब पूरे इलाके के लोगों की बुलंद आवाज बन चुकी है। हांसी शहर में किसी जमाने में शोरे का सबसे अधिक उत्पादन होता था।
विज्ञापन
हांसी का इतिहास
1857 के विद्रोह में इस क्षेत्र के लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत से जमकर लोहा लिया था। कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि इस विद्रोह से पहले हांसी से ही अंग्रेज प्रशासनिक प्रक्रिया संभालते थे, लेकिन अंग्रेजी शासन से मुखालफत करने के कारण ही अंग्रेजों ने हांसी से जिले की उपाधि छीन ली। इतिहासकारों के दूसरे पक्ष का कहना है कि अंग्रेजों ने उत्तरी भारत पर कब्जा करने के बाद राजस्व के खर्चों को कम करने के लिए छोटे जिलों को खत्म करने की कोई प्रमाणिक तारीख तो नहीं मिलती, लेकिन माना जाता है कि 1870-1880 के मध्य अंग्रेजों ने हिसार को जिला बना दिया और हांसी, फतेहाबाद, सिरसा आदि इलाकों पर हिसार में बैठकर राज करने लगे। इतिहासकारों के अनुसार आयरलैंड से आए जॉर्ज थामस ने हांसी को राजधानी बनाया था। हरियाणा 1700 ईस्वी में पंजाब से मुख्तलिफ नक्शे पर मौजूद था और उस दौर के कई नक्शे आज भी मौजूद हैं। इनमें हांसी को हरियाणा की राजधानी दिखाया गया है। जॉर्ज थॉमस ने हांसी को अपना प्रमुख केंद्र बनाया था और यहीं बैठकर पूरे इलाके पर शासन चलाया। अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह के बाद दिल्ली परगना के अधीन आने वाले हांसी से जिले का ताज छीन लिया व हिसार को जिला बना दिया गया।
विज्ञापन
हांसी में 15 धागा व 45 ऑयल मिल थीं
हांसी में धागा मिलों की छोटी व बड़ी मिलाकर करीब 15 इकाइयां थीं। इसके अलावा करीब 45 ऑयल मिल भी थीं। इनमें हजारों लोगों को रोजगार मिलता था। अब धागा मिल पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं और ऑयल मिल भी सिमट कर 8-10 ही रह गई हैं। हांसी को जिला बनाने की मांग अवश्य पूरी होनी चाहिए।
-जगदीश सैनी, इतिहासकार।
स्थानीय नेता जिला बनाने के पक्ष में, बड़े नेता साधे हैं चुप्पी
जिला बनाने की मांग सरकार के स्तर पर पूरी की जानी है। संघर्ष समिति के प्रधान रामनिवास फौजी ने बताया कि उन्होंने प्रदेश की सरकारों के पास कई बार जिला बनाने का मुद्दा उठाया। स्थानीय नेता तो जिला बनाने के समर्थन में हैं, मगर बड़े नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा समिति की आधी मांग पूरी करते हुए वर्ष 2016 में हांसी को पुलिस जिला जरूर बनाया गया, लेकिन पूर्ण राजस्व जिला बनाने की मांग पर भाजपा चुप है।
करीब चार लाख है हांसी उपमंडल की आबादी
2011 की जनगणना के अनुसार करीब 4 लाख की जनसंख्या वाले हांसी उपमंडल में समस्याओं का अंबार लगा है। उपमंडल में 37 फीसदी लोग अशिक्षित हैं व गांवों की साक्षरता दर महज 61 फीसदी है। उपमंडल की महिलाओं में 50 फीसदी साक्षरता दर है। आंकड़ों के मुताबिक 50 फीसदी आबादी तक शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। इन हालतों से स्पष्ट है कि हांसी उपमंडल के लोग सुविधाओं को तरस रहे हैं।
संघर्ष समिति के धरना को 57वां दिन
फिलहाल भी जिला बनाओ संघर्ष समिति द्वारा त्रिमूर्ति चौक पर धरना दिया जा रहा है। शुक्रवार को इस धरने को 57 दिन हो गए। हांसी की जनता का भी इस धरने को समर्थन है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक रुख देखने को नहीं मिल रहा। संघर्ष समिति अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेगी।
- रामनिवास फौजी, प्रधान जिला बनाओ संघर्ष समिति, हांसी।