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एक सदस्य भी डिफॉल्टर तो परिवार को नहीं मिलेगी पंचायत की चौधर
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 20 Aug 2015 12:32 AM IST
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अगर आपके राशनकार्ड में शामिल परिवार का एक भी सदस्य बिजली निगम का डिफॉल्टर है तो आपको पंचायत चुनाव की ‘चौधर’ नहीं मिलेगी।
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पंचायत चुनाव लड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बिजली निगम का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना होगा। मगर एनओसी लेने वाले का बिजली अधिकारी राशनकार्ड चेक करेंगे।
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अगर राशनकार्ड में शामिल एक भी सदस्य अगर डिफॉल्टर हुआ, तो एनओसी नहीं मिलेगी। इसके लिए बाकायदा बिजली निगम ने लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।
एसडीओ से लेनी होगी एनओसी
25 जुलाई को वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। अब किसी भी समय प्रदेश में पंचायती चुनावों की घोषणा हो सकती है।
हर गांव से पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति और जिला परिषद का चुनाव लड़ने के लिए सैकड़ों लोगों ने कमर कसी हुई है। इन सभी को चुनाव लड़ने के लिए नामांकन से पहले बिजली निगम के एसडीओ कार्यालय से एनओसी लेनी होगी। एनओसी मिलने के बाद ही संबंधित उम्मीदवार चुनाव लड़ने योग्य माना जाएगा।
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एनओसी चाहिए, तो पहले चुकाना होगा बिल
दरअसल, सरकार की ओर से लगाई गई शर्तों के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति बिजली निगम का डिफॉल्टर है तो वह पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
मगर इस समस्या का भी हल निकालने के लिए लोगों ने अपनी बीवी या बेटे को चुनाव लड़वाने का सोच लिया था। पर अब बिजली निगम ने उनकी इस मंशा पर भी पानी फेर दिया।
बिजली निगम ने हर उम्मीदवार का राशनकार्ड जांचने का फैसला लिया है। इस राशनकार्ड में शामिल अगर एक भी सदस्य बिजली डिफॉल्टर मिला तो उसे बिजली निगम एनओसी जारी नहीं करेगा। एनओसी लेने से पहले उम्मीदवार को बिजली निगम का सारा बकाया बिल चुकाना होगा।
जिले में हैं करीब 1 लाख 17 हजार डिफॉल्टर
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 1 लाख 17 हजार डिफॉल्टर हैं, जिन पर बिजली निगम का करीब 505 करोड़ रुपया बकाया पड़ा है।
इन लोगों में कुछ ग्रामीण इलाकों से संबंधित ऐसे भी उपभोक्ता हैं, जिन्होंने दशकों से बिजली का बिल नहीं भरा है। नारनौंद, बरवाला, हांसी के काफी गांव ऐसे हैं, जहां 90 प्रतिशत ग्रामीण बिलों की अदायगी नहीं करते हैं। अब पंचायत चुनाव में सरकार के इस पेच ने ऐसे लोगों से रिकवरी का अच्छा मौका बिजली निगम को दे दिया है।
जिले में डिफॉल्टरों की संख्या
डिविजन नंबर एक में - करीब 13 हजार
डिविजन नंबर दो में - 46,877
डिविजन नंबर तीन में - 57,615
सरकार के नए आदेशों के मुताबिक बिजली डिफॉल्टरों को बिजली निगम से एनओसी लेनी होगी। मगर यह एनओसी हम राशन कार्ड देखकर जारी करेंगे, अगर राशन कार्ड में एक भी सदस्य डिफॉल्टर है, तो उसे एनओसी नहीं मिलेगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लिस्ट हमारे पास तैयार है।
डीएल हंसु, एसई बिजली निगम