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चिट्टा का नशा करने वाले युवक की मौत
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चिट्टा का नशा करने वाले युवक की मौत
विकास नगर में मिला था शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा शव
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। जिले में नशे के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रहा है। शनिवार रात को नशा करने और भूख-प्यास के कारण नरेश (36) की मौत हो गई। उसका शव विकास नगर में पड़ा हुआ मिला। शहर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में ले रविवार को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में नशा, भूख और प्यास मौत का कारण लिखा है।
घर से रहता था बाहर
मामले की जांच कर रहे एचसी कृष्ण कुमार ने बताया कि शहर की ढाणी श्यामलाल में रहने वाला नरेश कुमार करीब तीन साल से घर से बाहर रहता था। दिन में कबाड़ बिनने का काम करता था। पता चला कि दस साल से नरेश चिट्टा और अन्य नशे करता था। अक्सर नशे में ही रहता था। शनिवार रात को उसका शव विकास नगर में मिला। पता चलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई सुरेश के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि नशा, भूख और प्यास के कारण उसकी मौत हुई है।
आईजी ने कहा था नशे की ओवरडोज मिली तो होगी कार्रवाई
मंडल स्तर पर नशा और हिंसा मुक्त अभियान चलाया हुआ है। आईजी राकेश कुमार आर्य ने अभियान के दौरान कहा था कि अगर, नशे की ओवरडोज के कारण किसी की मौत हुई तो केस दर्ज कर जांच की जाएगी। इसके अलावा 25 गांवों में नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। दो दिन पहले बुढ़ाखेड़ा गांव में अभियान चलाया हुआ था। उस दौरान 15 युवाओं ने आईजी के समझ नशा न करने की शपथ ली थी।
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विकास नगर में मिला था शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा शव
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। जिले में नशे के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रहा है। शनिवार रात को नशा करने और भूख-प्यास के कारण नरेश (36) की मौत हो गई। उसका शव विकास नगर में पड़ा हुआ मिला। शहर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में ले रविवार को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में नशा, भूख और प्यास मौत का कारण लिखा है।
घर से रहता था बाहर
मामले की जांच कर रहे एचसी कृष्ण कुमार ने बताया कि शहर की ढाणी श्यामलाल में रहने वाला नरेश कुमार करीब तीन साल से घर से बाहर रहता था। दिन में कबाड़ बिनने का काम करता था। पता चला कि दस साल से नरेश चिट्टा और अन्य नशे करता था। अक्सर नशे में ही रहता था। शनिवार रात को उसका शव विकास नगर में मिला। पता चलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई सुरेश के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि नशा, भूख और प्यास के कारण उसकी मौत हुई है।
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आईजी ने कहा था नशे की ओवरडोज मिली तो होगी कार्रवाई
मंडल स्तर पर नशा और हिंसा मुक्त अभियान चलाया हुआ है। आईजी राकेश कुमार आर्य ने अभियान के दौरान कहा था कि अगर, नशे की ओवरडोज के कारण किसी की मौत हुई तो केस दर्ज कर जांच की जाएगी। इसके अलावा 25 गांवों में नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। दो दिन पहले बुढ़ाखेड़ा गांव में अभियान चलाया हुआ था। उस दौरान 15 युवाओं ने आईजी के समझ नशा न करने की शपथ ली थी।
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