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मिलगेट रोड पर आज जमींदोज होंगे 122 मकान

Sat, 11 Jun 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Sat, 11 Jun 2016 12:54 AM IST
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DCM Mill, 122 houses will destroyed today, hisar
मिलगेट रोड पर आज जमींदोज होंगे 122 मकान - फोटो : bureau

हिसार। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन शनिवार को मिलगेट रोड के 122 घरों को तोड़ देगा। प्रशासन ने इन मकान वालों को दो दिन की मोहलत देकर घर खाली करने के आदेश दिए थे। यह समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। कुछ लोग शुक्रवार को खुद मकान व दुकान तोड़कर सामान ले गए।

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कुछ ने दबे स्वर में प्रशासन की कार्रवाई के विरोध की चेतावनी दी है। दोनों तरफ से तनाव बना हुआ है। वहीं प्रशासन की तरफ से एसडीएम अशोक बंसल ने अमले के साथ मिलगेट रोड का पुलिस बल के साथ दौरा किया।
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अमले में शामिल एक वाहन से मुनादी कराई जा रही थी कि लोग मकान खाली कर दें। भारी संख्या में पुलिस बल कई बार इधर से उधर और उधर से इधर भेजा गया। कुछ लोगों ने पुलिस को देखकर कहा कि यह उन पर दबाव बनाने का प्रयास है, मगर वे इससे डरने वाले नहीं हैं।
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    कॉलोनी के प्रधान सुखदेव ने बताया कि प्रशासन हमारे साथ भेदभाव कर रहा है। हमने डीसी निखिल गजराज से मिलकर मकान ढहाने के लिए 15 दिन का समय मांगा था। मगर उन्होंने दो दिन का समय दिया।

उन्होंने कहा कि मिल की जमीन 13 कनाल के करीब है और यह सारी जमीन 34 कनाल से ऊपर बनती है। प्रशासन मिल प्रबंधन से साज-बाज होकर हमें उजाड़कर सारी जमीन मिल को देना चाहता है। पहले प्रशासन का कहना था कि मिल से सटी करीब 13 फुट जमीन छोड़नी होगी, बाकी जमीन आपकी है। मगर अब सारी जमीन मिल की बताई जा रही है।

विकास पर्व नहीं, उजाड़ दिवस
संजय नामक युवक ने कहा कि प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है। प्रदेश सरकार विकास पर्व मना रही है। जबकि यह विकास पर्व न होकर उजाड़ दिवस है। उसने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घोषणा करते हैं कि 2020 तक सबके सिर पर छत होगी। लेकिन यहां तो पहले से मिली हुई छत को छीना जा रहा है।

युवक दीपक का कहना था कि खुद मिल का गेट बीएंडआर की जमीन पर बना है। प्रशासन को पहले तो गेट तोड़ना चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मिल प्रबंधन के हाथों में नहीं खेलना चाहिए।

काफी लोग ले गए सामान
122 घरों में से काफी लोग सामान निकालकर अन्यत्र ले गए। शुक्रवार को भी दिनभर ट्रैक्टर-ट्रालियों में सामान भर लोग ले जाते रहे। काफी लोग खुद मकान या दुकान तोड़ रहे थे। पूछने पर एक आदमी ने बताया कि प्रशासन का कहना है कि खुद मकान तोड़ लो।


हम शनिवार को मकान तोड़ेंगे तो एक ईंट नहीं उठा पाओगे। इसके चलते मैं खुद मकान तोड़ रहा हूं, ताकि ईंट-पत्थर, कड़ी साथ ले जा सकूं। बाद में कुछ मिलने वाला नहीं है।

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