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Hisar News: डीसी बोले-स्कूलों में जाकर टैब की जांच करुंगा, पूछूंगा कि शिक्षकों ने कितना काम कराया
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लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में मौजूद डीसी व अन्य अधिकारी।
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हिसार। उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि मैं स्कूलों में विद्यार्थियों के टैबलेट की जांच करुंगा। बच्चों से पूछूंगा कि शिक्षकों ने टैबलेट पर कितना कार्य कराया है। टैबलेट की नियमित जांच भी शिक्षकों को करनी होगी। टैबलेट के सॉफ्टवेयर की जांच करें कि इसमें कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। जिन उद्देश्यों के साथ टैबलेट वितरित किए हैं वे उद्देश्य पूरे होने चाहिए।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ई-अधिगम योजना के तहत स्कूली छात्रों को वितरित किए गए टैबलेट की नियमित रूप से डैशबोर्ड पर निगरानी करने की हिदायत दी है। वे शुक्रवार को अधिकारियों के साथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए जिले में 130 मॉडल संस्कृति स्कूल आरंभ किए गए हैं। इन सभी स्कूलों में सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे कि कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब व एक्टिविटी रूम इत्यादि सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त सभी स्कूलों में ड्यूल डेस्क होने चाहिए। जिन भी स्कूलों में यदि किसी चीज का अभाव है तो उसकी सूची उन्हें जल्द से जल्द बनाकर दी जाए। सरकार का मकसद है कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के भी विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सरकार के स्तर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई हिंदी माध्यम के बजाय अंग्रेजी माध्यम से करवाने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की अंग्रेजी विषय की पढ़ाई भी अच्छी हो सके। विभिन्न मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता भी मिल चुकी है।
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उपायुक्त उत्तम सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ई-अधिगम योजना के तहत स्कूली छात्रों को वितरित किए गए टैबलेट की नियमित रूप से डैशबोर्ड पर निगरानी करने की हिदायत दी है। वे शुक्रवार को अधिकारियों के साथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए जिले में 130 मॉडल संस्कृति स्कूल आरंभ किए गए हैं। इन सभी स्कूलों में सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे कि कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब व एक्टिविटी रूम इत्यादि सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त सभी स्कूलों में ड्यूल डेस्क होने चाहिए। जिन भी स्कूलों में यदि किसी चीज का अभाव है तो उसकी सूची उन्हें जल्द से जल्द बनाकर दी जाए। सरकार का मकसद है कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के भी विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सरकार के स्तर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई हिंदी माध्यम के बजाय अंग्रेजी माध्यम से करवाने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की अंग्रेजी विषय की पढ़ाई भी अच्छी हो सके। विभिन्न मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता भी मिल चुकी है।
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