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सिसाय गांव के नंबरदार को डीसी ने किया बर्खास्त
Thu, 19 Aug 2021 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 12:08 AM IST
सार
नंबरदार रणबीर सिंह को वर्ष 2011 में हांसी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराया व सजा सुनाई। दोनों पक्षों का आपसी झगड़ा है। डीसी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बार बार एफआईआर दर्ज होना दर्शाता है कि अपने हकों के प्रति कानूनी प्रक्रिया को नहीं अपना रहे व कर्तव्यों का पालन बेहतर ढंग से नहीं कर रहे।
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नंबरदार सस्पेंड।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
सिसाय के एक नंबरदार रणबीर सिंह को डीसी ने बर्खास्त कर दिया। आदेश जारी करने से पहले डीसी ने दोनों पक्षों को सुना। नंबरदार के बर्खास्त करने के आदेशों की कॉपी एसडीएम जितेंद्र सिंह को भेजी गई।
नंबरदार के खिलाफ डीसी के समक्ष एक शिकायत पहुंची थी। रणबीर सिंह को अपने पिता के स्थान पर नंबरदार नियुक्त किया हुआ था। उसके खिलाफ 2003 में एक मामला दर्ज हुआ था। इसमें पांच दोषियों को सजा सुनाई गई थी। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। वह हाईकोर्ट के आदेशों पर जमानत पर छूटा है। उनके खिलाफ सिटी व सदर थाना में भी मामला दर्ज हुआ। इनके जवाब में नंबरदार ने डीसी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक मामले में पुलिस ने उसे निर्दोष साबित किया है। एक अन्य मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी।
डीसी ने दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात कहा कि नंबरदार रणबीर सिंह को वर्ष 2011 में हांसी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराया व सजा सुनाई। दोनों पक्षों का आपसी झगड़ा है। डीसी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बार बार एफआईआर दर्ज होना दर्शाता है कि अपने हकों के प्रति कानूनी प्रक्रिया को नहीं अपना रहे व कर्तव्यों का पालन बेहतर ढंग से नहीं कर रहे। ऐसे में उन्हें पद पर बनाए रखना जनहित में नहीं है। उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है। उन्हें बर्खास्त करने के आदेश एसडीएम को भी भेजे गए।
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नंबरदार के खिलाफ डीसी के समक्ष एक शिकायत पहुंची थी। रणबीर सिंह को अपने पिता के स्थान पर नंबरदार नियुक्त किया हुआ था। उसके खिलाफ 2003 में एक मामला दर्ज हुआ था। इसमें पांच दोषियों को सजा सुनाई गई थी। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। वह हाईकोर्ट के आदेशों पर जमानत पर छूटा है। उनके खिलाफ सिटी व सदर थाना में भी मामला दर्ज हुआ। इनके जवाब में नंबरदार ने डीसी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक मामले में पुलिस ने उसे निर्दोष साबित किया है। एक अन्य मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी।
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डीसी ने दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात कहा कि नंबरदार रणबीर सिंह को वर्ष 2011 में हांसी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराया व सजा सुनाई। दोनों पक्षों का आपसी झगड़ा है। डीसी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बार बार एफआईआर दर्ज होना दर्शाता है कि अपने हकों के प्रति कानूनी प्रक्रिया को नहीं अपना रहे व कर्तव्यों का पालन बेहतर ढंग से नहीं कर रहे। ऐसे में उन्हें पद पर बनाए रखना जनहित में नहीं है। उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है। उन्हें बर्खास्त करने के आदेश एसडीएम को भी भेजे गए।
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