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मुफ्त बस यात्रा के नाम पर बदसलूकी झेल रहीं बेटियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 12:06 AM IST
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Daughters facing misbehavior in the name of free bus travel
हिसार। प्रदेश सरकार एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही हैं। सरकार की ओर से सरकारी बसों के लिए बनने वाले बस पास को निजी बसों में भी लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन ये बस पास ही छात्राओं के लिए मुसीबत बने हैं। निजी बसों में पास होल्डर छात्राओं को रोज बदसलूकी झेलनी पड़ रही हैं।
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हिसार डिपो के एसएस सुरेंद्र सिंह के पास रोजाना कभी बेटियों को बीच रास्ते में उतारने तो कभी उन्हें बस में न बैठाने की शिकायतें आ रही हैं। कई बार इन चालक-परिचालकों को रोडवेज के अधिकारियों की ओर से समझाया भी गया है। वहीं, आरटीए के ट्रांसपोर्ट एसआई जसबीर सिंह ने बताया कि मामले में 9 दिसंबर को निजी बसों के संचालकों की बैठक बुलाई गई है।
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हिसार डिपो के एसएस सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले को लेकर आरटीए विभाग को सख्त होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थाओं, सरकारी स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली जिन बेटियों का जीरों बैलेंस का पास बना हुआ है। उनको लेकर सरकार की ओर से हिदायतें है कि वह बेटियां 150 किलोमीटर तक निशुल्क बसों में सफर कर सकती हैं। मगर ज्यादातर बेटियां प्राइवेट बसों के चालक-परिचालकों की शिकायत लेकर पहुंच रही है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार हिसार में 160 से ज्यादा प्राइवेट बसें हैं।
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नियमों की भी उड़ा रहे धज्जियां
निजी बसों के चालक-परिचालक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। बस में सीमित से ज्यादा सवारियां बैठा रहे हैं। इतना ही नहीं, अधिकतर बसों से सीट बेल्ट तक गायब हैं। कई बार तो बस में सवारियां ज्यादा होने पर बसों की छत पर बैठाकर यात्रियों को सफर करवाया जाता है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्राइवेट बसों के चालक-परिचालक बेटियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें डराया और धमकाया जाता है। रोजाना एक-दो शिकायत मेरे पास आ रही हैं। ऐसे में आरटीए विभाग की ओर से इन चालक-परिचालकों पर कार्रवाई की जाए। - सुरेंद्र सिंह, एसएस, हिसार डिपो

कुछ दिन पहले कुछ लड़कियां शिकायत लेकर आई थीं। उस समय बसों के चालकों-परिचालकों को समझाया गया था। 9 दिसंबर को निजी बसों के संचालकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी और उनसे जवाब मांगा जाएगा। - जसबीर सिंह, ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर, आरटीए, हिसार
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