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डी प्लान ग्रांट के 1.70 करोड़ लैप्स
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:35 AM IST
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डी प्लान ग्रांट के 1.70 करोड़ लैप्स
- फोटो : bureau
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नगर निगम को मिली वर्ष 2015-16 वित्तीय वर्ष की डी प्लान की सवा दो करोड़ रुपये की ग्रांट में से 1 करोड़ 70 लाख रुपये ट्रेजरी के खाते में वापस जमा हो गए हैं। नगर निगम वीरवार को पूरा जोर लगाने के बाद भी आधी रात तक केवल 55 लाख के लगभग राशि के बिल ही ट्रेजरी में जमा करवा पाया। ट्रेजरी में रात करीब साढ़े 11 बजे तक काम चलता रहा।
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ठेकेदारों की अटक सकती है पेमेंट
नगर निगम ने दो दिन पहले ही 17 लाख रुपये का स्ट्रीट लाइट का सामान का टेंडर लिया है। इसके अलावा कुछ टेंडर और भी हैं जिनका काम पूरा नहीं हो पाया है। जो काम पूरे हुए हैं उनका 55 लाख रुपये का बिल बनाकर जमा करवाया गया है। नगर निगम सूत्रों की मानें तो अब जिन ठेकेदारों ने तय समय सीमा तक काम नहीं किया उनकी पेमेंट अटक सकती है।
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घपले की आशंका के चलते रुकी 80 लाख की राशि
डी प्लान की ग्रांट के 80 लाख रुपये नगर निगम के अधिकारियों की घपले की आशंका के चलते रुक गई। निगम में ठेका लेने वाली एक समिति ने इस मामले को निगम अधिकारियों व ठेकेदारों पर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए मामला कोर्ट में डाल दिया था।
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समिति प्रधान ने आरोप लगाया था कि सरकार के आदेशों को अनदेखा करते हुए टेक्निकल ब्रांच ने ठेकेदारों को टेंडर दे दिया। हालांकि कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद निगम अधिकारियों ने उन ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर नहीं दिए। इस टेंडर में 80 लाख के पांच काम थे जो रुक गए। मामला अभी भी कोर्ट में है।
हमारे पास कोई भी काम पेंडिंग नहीं है। जो काम पेंडिंग है उनके पीछे कारण है। चार या पांच टेंडर ऐसे हैं जिनके कोर्ट में केस चल रहे हैं। कुछ टेंडर रिकॉल हुए हैं। केवल एक काम पेंडिंग है मिनी हाईमास्ट लाइट का, वह भी इन प्रोग्रेस है। जेई या एमई लेवल पर कोई भी काम पेंडिंग नहीं है।
- रामजीलाल, एक्सईएन नगर निगम हिसार